केएल यूनिवर्सिटी ने टेबलो लैब स्थापित करने और ए.आई-रेडी एनालिटिक्स टेलेंट का निर्माण करने के लिए सेल्सफोर्स के साथ पार्टनरशिप की

उद्योग और शिक्षा जगत के बीच यह पार्टनरशिप स्टूडेंट्स को एंटरप्राईज एनालिटिक्स, ए.आई-पॉवर्ड टेबलो क्षमताओं और एप्लाईड बिजनेस लर्निंग का प्रायोगिक अनुभव प्रदान करेगी

भारत, बैंगलोर, 1 अक्टूबर, 2026: केएल यूनिवर्सिटी ने टेबलो लैब की स्थापना के लिए नं. 1 ए.आई सीआरएम, सेल्सफोर्स के साथ पार्टनरशिप की है। उद्योग और शिक्षा जगत के बीच हुई इस पार्टनरशिप का उद्देश्य स्टूडेंट्स को डेटा लिटरेसी, एनालिटिकल थिंकिंग और ए.आई स्किल प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत स्टूडेंट्स को टेबलो का प्रायोगिक अनुभव मिलेगा, जो एक ए.आई-फर्स्ट एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म डेटा को एक्शन में बदलकर शैक्षणिक वातावरण में वास्तविक बिजनेस एप्लीकेशंस को शामिल करता है। इस लैब में स्टूडेंट्स को एजेंटिक एनालिटिक्स के बारे में जानने का अवसर मिलेगा, जिससे वो ऐसी क्षमताओं का विकास कर सकेंगे, जो डेटा विज्युअलाईजेशन से आगे बढ़कर यह समझने में मदद करती हैं कि संगठन बिजनेस डिसीजन मेकिंग के लिए डेटा, इनसाईट्स और ए.आई का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
इस लैब में टेबलो ईलर्निंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें एडवांस्ड ए.आई-पॉवर्ड और एजेंटिक एनालिटिक्स के माध्यम से फाउंडेशनल डेटा और एनालिटिक्स स्किल शामिल हैं। स्टूडेंट्स को उद्योग के डेटासेट और बिजनेस केस सिमुलेशन के साथ काम करने, डैशबोर्ड क्रिएशन में स्किल्स का विकास करने, क्रॉस-फंक्शनल प्रॉब्लम-सॉल्विंग, कन्वर्सेशनल एनालिटिक्स, प्रेडिक्टिव इनसाईट्स और डेटा आधारित स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिलेगा। वो टेबलो एजेंट और टेबलो पल्स जैसी क्षमताओं का एक्सपोजर भी पाएंगे। यह पहल अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च प्रोग्राम के स्टूडेंट्स के लिए है, जो बिजनेस प्रोजेक्ट्स, एनालिटिक्स हैकथॉन, और ई-लर्निंग मॉड्यूल्स द्वारा एप्लाईड लर्निंग पर जोर देती है। स्टूडेंट्स को अपनी स्किल्स दिखाने के लिए टेबलो पब्लिक प्रोफाईल, इंटरैक्टिव डैशबोर्ड, बिजनेस इनसाईट प्रेजेंटेशन और एनालिटिक्स पोर्टफोलियो के निर्माण का अवसर भी मिलेगा।
स्टूडेंट की लर्निंग में मदद करने के लिए सेल्सफोर्स द्वारा ट्रेन-द-ट्रेनर दृष्टिकोण के साथ फैकल्टी को सपोर्ट किया जाएगा, जो एनालिटिक्स की लाईफसायकल और उभरती हुई ए.आई क्षमताओं पर केंद्रित होगा। इससे उद्योग के लिए जरूरी एनालिटिक्स लर्निंग भविष्य के पाठ्यक्रम में शामिल हो सकेगी। इस पहल से केएल यूनिवर्सिटी के रिसर्च और इनोवेशन कार्यों में भी मदद मिलेगी।
इन प्रोग्राम्स को पूरा करने वाले स्टूडेंट्स और फैकल्टी सदस्यों को सेल्सफोर्स और केएल यूनिवर्सिटी द्वारा जॉईंट कोर्स-कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। ग्रेजुएट्स को सेल्सफोर्स के कैंपस टू करियर कनेक्ट अभियान द्वारा सेल्सफोर्स के ईकोसिस्टम में एम्प्लॉयर्स से कनेक्ट होने का अवसर मिलेगा। वो उद्योग से जुड़ सकेंगे और करियर के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। इससे क्लासरूम लर्निंग और वर्कप्लेस के बीच एक मजबूत ब्रिज का निर्माण होगा।
रोमिल अग्रवाल, वीपी, सेल्स, सेल्सफोर्स इंडिया ने कहा, ‘‘संगठनों द्वारा डेटा के साथ काम करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ए.आई की बढ़ती भूमिका के साथ डेटा फ्लुएंसी भविष्य की वर्कफोर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्किल बनती जा रही है। स्टूडेंट्स को डैशबोर्ड के इंटरप्रेटेशन से आगे बढ़कर अब यह समझना होगा कि वो डेटा को कैसे एक्सप्लोर करें, कॉन्टैक्स्ट को कैसे लागू करें और भरोसेमंद इनसाईट को नतीजों में कैसे बदलें। केएल यूनिवर्सिटी के साथ हमारे सहयोग की मदद से हम ए.आई-फर्स्ट एनालिटिक्स को शैक्षणिक अनुभव में शामिल कर रहे हैं, जिससे स्टूडेंट्स को इस बात का प्रायोगिक ज्ञान मिल सकेगा कि डेटा और ए.आई साथ मिलकर किस प्रकार व्यावसायिक समस्याओं को हल करते हैं और ऐसी स्किल्स का विकास करते हैं, जो तेजी से बढ़ती एजेंटिक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं।’’
डॉ. जी पारधा सारधी वर्मा, वाईस चांसलर, केएल यूनिवर्सिटी ने कहा, ‘‘स्टूडेंट्स को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए मजबूत शैक्षणिक आधार को उद्योग के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी एवं स्किल्स से जोड़ने की जरूरत है। सेल्सफोर्स के साथ पार्टनरशिप में हमारी टेबलो लैब स्टूडेंट्स को प्रायोगिक वातावरण में डेटा के साथ काम करने का अवसर देगी। इससे उनकी एनालिटिकल और प्रॉब्लम-सॉल्विंग क्षमताओं का विकास होगा और उन्हें ए.आई-पॉवर्ड एनालिटिक्स का एक्सपोजर मिलेगा। साथ ही, रिसर्च एवं इनोवेशन के लिए फैकल्टी इनेबलमेंट और सपोर्ट से हमें यूनिवर्सिटी में इन क्षमताओं का निर्माण करने में मदद मिलेगी, जिससे लर्निंग उद्योग की विकसित होती हुई जरूरतों के अनुरूप बनी रहेगी।’’
यह सहयोग भारत में ए.आई टेलेंट के ईकोसिस्टम को मजबूत बनाने और वर्कफोर्स को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की सेल्सफोर्स की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। जून 2026 में सेल्सफोर्स ने शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और औद्योगिक पार्टनर्स की मदद से 2030 तक भारत में एक मिलियन लर्नर्स को ए.आई-केंद्रित स्किल प्रदान करने का लक्ष्य बनाया। टेबलो लैब जैसे अभियानों के माध्यम से सेल्सफोर्स शिक्षा जगत के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि उद्योग के लिए उपयोगी लर्निंग की उपलब्धता बढ़े और स्टूडेंट्स को टेक्नोलॉजी का प्रायोगिक अनुभव एवं स्किल मिलें, जिसकी मदद से वो एजेंटिक अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे सकें।
सेल्सफोर्स नं. 1 सीआरएम है, जो ए.आई टेक्नोलॉजी एवं क्षमताओं द्वारा पॉवर्ड है।

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