सिंदूर खेला के साथ की गयी मां की विदाई, हुआ विसर्जन…
: मां के माइके आने और सिंदूर खेला के साथ सुहागन होने की कामना के साथ माँ की विदाई…

लखनऊ : दुर्गा पूजा पंडालों में एक दूसरे को सिंदूर लगाती और ढाक की धुन पर थिरकती महिलाएं, जय मां दुर्गा के जयकारे से गुंजायमान वातावरण, मां के कान में अपनी मनोकामना पूर्ण करने का संदेश देते श्रद्धालु। कुछ ऐसा ही माहौल मंगलवार को दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन से पहले नजर आया। मां के माइके आने और सिंदूर खेला के साथ सुहागन होने की कामना के साथ विदाई का मनोरम दृश्य बंगाली समाज की संस्कृति के बारे में बता रहा था। देर शाम बारिश बंद हुई तो विसर्जन में तेजी आई। बादशाहनगर में दुर्गा पूजा समिति की ओर से प्रतिमा विसर्जन से पहले प्रिया सिन्हा के संयोजन में सिंदूर खेला हुआ। एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सुहाग की कामना करती महिलाओं की टोलियां देखते ही बन रही थी।

बंगाली क्लब में परिसर में ही भूमि विसर्जन किया गया। क्लब के अध्यक्ष अरुण बनर्जी ने बताया कि सिंंदूर खेला के साथ मां की विदाई की गई। परिसर में ही भूमि विसर्जन किया गया। विसर्जन से पहले ढाक की धुन पर धुनुचि आरती हुई और भोग लगाया गया। आलमबाग के सिंधी स्कूल में सुबह विशेष पाठ किया गया तो कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी के कमेटी हाल में पूजन के लिए दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्यों की कतार लगी रही। सेक्टर.जी के आलोक मित्रा ने बताया कि बारिश की वजह से सीमित संख्या में सिंदूर खेला के साथ विसर्जन जुलूस निकाला गया। विद्यांत कालेज में धुनुचि आरती के बाद विदाई हुई। ट्रांसगोमती नगर दुर्गा पूजा एवं दशहरा कमेटी के संयोजक तुहिन बनर्जी ने बताया कि अलीगंज के चंद्रशेखर पार्क के सामने पूजन हुआ और सिंदूर खेला के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। छावनी दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से पंडाल में मां का आह्वान किया गया। प्रवक्ता निहार डे ने बताया कि पूजन के साथ ही सिंदूर खेल हुआ। आशियाना दुर्गा पूजा कमेटी के संयोजक सदस्य बी घोष ने बताया कि खजाना में आयोजित पूजन का सिंदूर खेला के साथ समापन हुआ। शंखनाद के साथ निरालानगर के श्रीराम कृष्ण मठ के स्वामी मुक्तिनाथानंद ने मां का विसर्जन कराया।

श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से विकल्पखंड.दो स्थित भोलेनाथ मंदिर में नीरा सिन्हा वर्षा, लीपिका उकील मधु सिंह, मुन्नी राय, शिवानी सिहं, शचि राय व श्रावनी सहित कई महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर मां की विदाई की। दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन कमेटी के अध्यक्ष रूपेश मंडल ने बताया कि विसर्जन को लेकर गाइडलाइन निदेर्शों के अनुसार विसर्जन किया गया। बारिश की वजह से दोपहर एक बज तक केवल कालीबाड़ी मंदिर का कलश आया था। शाम पांच बजे तक झूलेलाल घाट के कुंडों में 60 बड़ी प्रतिमाओं और 50 छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। वहीं कैसरबाग के घसियारी मंडी स्थित मां काली बाड़ी मंदिर के परिसर में हर वर्ष आयोजित होने वाली ढाक वादन प्रतियोगिता नहीं हुुई। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गौतम भट्टाचार्य ने बताया कि अगले साल प्रतियोगिता होगी। इस बार ढाकियों की संख्या कम है

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