छत्रपति शिवाजी के जीवन चरित्र पर आधारित एकलौता महानाट्य जाणता राजा का मंचन …
लखनऊ : छत्रपति शिवाजी के जीवन चरित्र पर आधारित एकलौता महानाट्य जाणता राजा का मंचन जनेश्वर मिश्र पार्क के पण्डाल में हुआ।कलाकारों के दिव्य और जोष मंचन से लोग भावुक हो उठे।

दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्धारा हिंदवी स्वराज्य स्थापना के ३५० वें वर्ष पर छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े महानाट्य ‘जाणता राजा’ का आयोजन उ0प्र0 के जनेश्वर मिश्र पार्क लखनऊ में किया गया
मंचन के दौरान शिवाजी ने कहा कि गायों की रक्षा सभी देवालयों की सुरक्षा, बहू बेटियों की रक्षा और आम जनता में सुख-शान्ति व्याप्त हो यही हिंदवी स्वराज्य का मूल मंत्र है। शिवाजी ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना तो कर दी लेकिन स्वयं राज्य सिंहासन पर स्वर्ण मुकुट लगाकर राजा बनने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन उनकी माता जीजाबाई ने कहा कि बचपन से मैने भगवान शिव और तुलजा भवानी से यही प्रार्थना की है कि एक दिन मेरा शिवा राजा बनकर गरीबों की व आम जनता की सेवा करता दिखाई दे तभी हिंदवी स्वराज्य की स्थापना हो सकेगी। शिवाजी ने अपनी माता और गुरूजनों के बहुत कहने पर राज सिंहासन स्वीकार किया। शिवाजी ने अपने स्वराज्य में आम जनता की सेवा के साथ बहू बेटियों को भरपूर सम्मान दिलाने का कार्य किया और धर्म की स्थापना की। इस तीन घंटे के मंचन को देख रहे हजारों दर्शक झूम उठे और बीच-बीच में जय भवानी-जय षिवाजी के नारों से पण्डाल गुंजायमान हो रहा था।
शिवाजी की माता जीजाबाई ने मुगलिया शासन के खिलाफ ललकार भरते हुए अपने पुत्र षिवाजी से कहा कि तुम्हारे साथ माता का आशीर्वाद है और तुम्हारी तलवार में आज से तुलजा भावानी साक्षात निवास करेगी। उन्होने ने यह भी कहा कि तुम अपने पिता और मामा की तरह मुगल दरबार में चाकरी नही करोगे बल्कि स्वतंत्र होकर स्वयं साक्षात भगवान शिव की तरह शिवा बनकर हिंदवी स्वराज की स्थापना करोगे और आम जनता व गरीबों को न्याय दिलाने के लिए जीवन भर युद्ध करोगे। इस मंचन से प्रदेष के अनेक जिलों से आये हजारों दर्शक भाव विभोर दिखायी दिये।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मा0 प्रेमचन्द्र अग्रवाल कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, मा0 कुँवर बृजेश सिंह जी राज्यमंत्री उ0प्र0 सरकार, श्री दानिश आजाद मा0 राज्यमंत्री उ0प्र0 सरकार, के0 रवीन्द्र नायक, प्रमुख सचिव उ0प्र0 शासन, श्री मुकुल कुमार साहू विशेष सचिव विधानसभा उ0प्र0, श्री श्याम सुन्दर सिंह यादव जी पूर्व विधायक झांसी, श्री ओमकार राय पूर्व विशेष सचिव दिल्ली सरकार, मुख्य कार्यक्रम संयोजक अमरजीत मिश्रा, श्री अविनाश सिंह चौहान विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर विधान परिषद सदस्य शिवशकर सिंह प्रदेष उपाध्यक्ष किसान मोर्चा, श्रीमती रेशु भाटिया जी सहित प्रदेष व महानगर के हजारों दर्शक उपस्थित रहे।

Denn ohne Account kein Guthaben und keine Freispiele.
Registrierung, Einzahlung und Bonuscode eingeben. Falls du sowohl Freispiele als
auch Bonusguthaben hast, beginne immer mit den 50
Free Spins. Für den Umsatz zählen vor allem Slots ( %),
Tischspiele meist nur anteilig.
Um in höhere Stufen aufzusteigen, sammeln Sie Punkte durch Echtgeld-Einsätze an Slots und Tischspielen. VIP-Spieler
erhalten regelmäßig persönliche Promo Codes, die viele Freispiele oder Bonusgeld ohne Umsatzanforderung
gewähren. Diese Sondercodes bieten oft deutlich höhere Bonusbeträge oder zusätzliche Freispiele, die nicht im Standardangebot enthalten sind.
Das Willkommenspaket ist besonders spielerfreundlich gestaltet, da die Mindesteinzahlung für die erste
und dritte Stufe nur 10 Euro beträgt. Diese Kombination aus Bonusgeld und Freispielen maximiert das Spielvergnügen und die Gewinnchancen. Einzahlungsboni kommen oft
mit zusätzlichen Vorteilen wie Freispielen für
beliebte Slot-Spiele.
References:
https://online-spielhallen.de/vulkan-vegas-casino-bonus-spiele-zahlungen/
Does your blog have a contact page? I’m having problems locating it but, I’d like to send you an e-mail. I’ve got some recommendations for your blog you might be interested in hearing. Either way, great blog and I look forward to seeing it grow over time.
Your place is valueble for me. Thanks!…
Would love to always get updated great web site! .
Thanks for another excellent post. Where else could anybody get that kind of information in such an ideal way of writing? I have a presentation next week, and I am on the look for such info.