ज़ाग्रेब में डी. गुकेश ने रैपिड में पांचवीं लगातार जीत दर्ज की; वर्ल्ड नंबर‑1 कार्लसन को फिर मात देकर बना आकार

क्रोएशिया में डी. गुकेश की धमाकेदार वापसी
क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में 2–6 जुलाई 2025 तक आयोजित ग्रैंड चेस टूर – SuperUnited Rapid & Blitz Croatia के रैपिड चरण में, विश्व चैम्पियन डी. गुकेश ने इतिहास रच दिया। दूसरे दिन के छठे राउंड में उन्होंने नोर्वे के पूर्व वर्ल्ड नंबर 1, मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने न सिर्फ उन्हें सोल लीader बना दिया, बल्कि दिखाया कि वह शॉर्ट फॉर्मेट में भी लगातार मुकाबला कर सकते हैं ।
प्रारंभिक झटका — पोलैंड के डूडा से हार
टूर्नामेंट की शुरुआत गुकेश के लिए उतनी सुनहरी नहीं रही। पहले राउंड में पोलैंड के युवा ग्रैंडमास्टर जन-क्रिश्च्टोफ़ डूडा ने उन्हें 59 चालों में मात दी। यह हार गुकेश के लिए एक चेतावनी थी, लेकिन उन्होंने हार को सीख में बदला ।
जबरदस्त वापसी — लगातार पांच जीत
हार के बाद गुकेश ने शानदार वापसी की:
- दूसरे राउंड में फ्रांस के अलिरीजा फिरोजा को हराया।
- तीसरे राउंड में भारत के साथी ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद से जीत दर्ज की।
- चौथे और पाँचवें राउंड में उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव और अमेरिका के फेबियानो कारुआना पर शानदार जीत हासिल की ।
इन लगातार जीतों के बाद उनका आत्मविश्वास आसमान छूने लगा और वे खुद को रैपिड स्टैंडिंग में शीर्ष पर देख रहे थे।
कार्लसन को फिर हराना — दिखा दबदबा
छठे राउंड में उन्होंने एक बार फिर मैग्नस कार्लसन को हराया। यह मैच विशेष था, क्योंकि रैपिड प्रारूप में कार्लसन ने गुकेश को “कमज़ोर” बताया था। उन्होंने कहा था:
“…I will treat it like I’m playing one of the presumably weaker players…” ।
लेकिन गुकेश ने साबित किया कि उनकी काबिलियत शॉर्ट फॉर्मेट में भी किसी से कम नहीं। इसी जीत ने उन्हें 10 अंकों के साथ टॉप पर पहुंचा दिया और टूर्नामेंट में दो अंकों की स्पष्ट बढ़त बनाई ।
क्लासिकल में भी रिकॉर्ड स्थापित
5 जून 2025 को नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट (Norway Chess) में गुकेश ने क्लासिकल फॉर्मेट में पहली बार कार्लसन को मात दी, जो उनके करियर की पहली क्लासिकल जीत थी । इस जीत के दौरान कार्लसन की प्रतिक्रिया काफी तीखी रही: उन्होंने गुस्से में मेज पर मुक्का मारा और फ़्रस्ट्रेशन जाहिर की ।
गुकेश ने विनम्रता रखकर कहा:
“99 में से 98 बार मैं हार जाता; आज लकी डे था।” ।
सोशल मीडिया और खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ
– रिश्वाब पग्नांनंधा, भारतीय ग्रैंडमास्टर, ने कार्लसन की प्रतिक्रिया पर कहा,
“Is it a good thing? Maybe not.” ।
– सोशल मीडिया पर कार्लसन की टेबल पंच की निंदा हुई, कुछ ने इसे “unsportsmanlike” भी कहा ।
– गैरी कास्परोव, पूर्व विश्व चैम्पियन, ने कहा:
“Now we can question Magnus’ domination.” ।
ज़ाग्रेब में टॉप पर एकल बढ़त
रैपिड प्रारूप के कुल 18 अंकों में سے गुकेश ने 14 अंक जुटाकर स्पष्ट बढ़त बनाई और रैपिड चैंपियनशिप भी अपने नाम की । डूडा ने 11 अंक बनाए, जबकि कार्लसन तीसरे स्थान पर 10 अंकों के साथ रहे ।
आगामी ब्लिट्ज़ चरण की तैयारी
अब तक के प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि गुकेश ब्लिट्ज़ चरण (5–6 जुलाई) में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। तीन रैपिड हर मुकाबलों के बाद ब्लिट्ज़ में भी अच्छी शुरुआत जरूरी होगी, ताकि वह टूर के अगले चरण (संत लुइस) में भी बेहतर स्थिति बना सकें ।
निष्कर्ष: युवा चमक रहा है शतरंज का भविष्य
- डी. गुकेश ने शुरुआती हार को वापसी में बदल दिया और पांच राउंड की लगातार जीत हासिल की।
- उन्होंने क्लासिकल और रैपिड दोनों प्रारूप में मैग्नस कार्लसन को हराया, एक बार क्लासिकल में (1 जून, Norway Chess) और दूसरी बार रैपिड में (3–4 जुलाई, Zagreb) ।
- उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारत के युवा ग्रैंडमास्टर्स अब विश्व स्तर पर दबदबा बना रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर उनकी विनम्रता, रणनीतिक चतुराई और परिणाम दोनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
अब ब्लिट्ज़ दौर और उसके बाद संत लुइस में ग्रैंड चेस टूर्नामेंट आगे भी देखने योग्य रहेगा। गुकेश की यह जीत केवल आंकड़ों के पीछे का रिकॉर्ड नहीं बन गई, बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत भी दिखा रही है—जहाँ युवा भारतीय खिलाड़ी विश्व चैंपियन को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

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