एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025: मैनचेस्टर टेस्ट के लिए टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग-11 और बदलावों पर विस्तार से विश्लेषण

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ निर्णायक मोड़ पर है। इंग्लैंड ने पहला और तीसरा टेस्ट जीतकर सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बना ली है, जबकि भारत ने दूसरा टेस्ट जीतकर वापसी की थी। अब चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा, और टीम इंडिया के लिए यह मैच “करो या मरो” जैसा है।

इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम को चोटों की मार झेलनी पड़ी है। लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले दो प्रमुख खिलाड़ी — आकाशदीप और नितीश कुमार रेड्डी — अब चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। दोनों खिलाड़ियों की अनुपस्थिति टीम मैनेजमेंट को कम से कम दो बदलाव करने पर मजबूर कर रही है।


चोटिल खिलाड़ी और विकल्प

आकाशदीप, जिन्होंने दूसरे टेस्ट में 10 विकेट लेकर अपनी गेंदबाज़ी का लोहा मनवाया था, तीसरे टेस्ट के दौरान ग्रोइन इंजरी से परेशान थे। प्रैक्टिस सेशन में यह चोट और बढ़ गई, जिससे अब उनका सीरीज़ में दोबारा खेलना लगभग नामुमकिन है। वहीं, नितीश रेड्डी, जिन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा था, घुटने की लिगामेंट इंजरी के कारण सीरीज़ से बाहर हो गए हैं।

इन दोनों खिलाड़ियों की जगह टीम में प्रसिद्ध कृष्णा, शार्दूल ठाकुर, और अंशुल कम्बोज में से दो को मौका मिल सकता है। अंशुल कम्बोज को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है और उनके डेब्यू की पूरी संभावना है। दूसरी ओर, शार्दूल ठाकुर को उनकी ऑलराउंड क्षमता के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है।


टॉप ऑर्डर में असमंजस

सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी चौथे टेस्ट में भी बरकरार रहेगी। राहुल ने सीरीज़ में अब तक दो शानदार शतक लगाए हैं, जिनमें एक लॉर्ड्स टेस्ट में आया था। यशस्वी के नाम भी एक सेंचुरी दर्ज है, जिससे यह जोड़ी फिलहाल अडिग लग रही है।

हालांकि, नंबर-3 पर बल्लेबाज़ी करने वाले करुण नायर की जगह को लेकर संदेह है। उन्होंने सीरीज़ की 6 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है, और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 40 रन रहा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उन्हें बाहर बैठाकर साई सुदर्शन या ध्रुव जुरेल में से किसी एक को मौका दे सकता है। साई सुदर्शन ने सीरीज़ का पहला टेस्ट खेला था, जबकि जुरेल ने पिछले टेस्ट में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।


मिडिल ऑर्डर की पहेली

शुभमन गिल, कप्तान होने के साथ-साथ नंबर-4 पर स्थिरता बनाए हुए हैं। ऋषभ पंत, जो नंबर-5 पर बल्लेबाज़ी करते हैं, लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते समय चोटिल हो गए थे। ऐसे में उनके विकेटकीपिंग करने की संभावना बेहद कम है।

अगर पंत विकेटकीपिंग नहीं कर पाते, तो ध्रुव जुरेल को बतौर विकेटकीपर शामिल किया जा सकता है। इस स्थिति में करुण नायर को बाहर बैठाया जा सकता है, और नंबर-3 पर जुरेल या वॉशिंगटन सुंदर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। सुंदर की तकनीक और गेंदबाज़ी दोनों को देखते हुए उन्हें यह ज़िम्मेदारी दी जा सकती है।


ऑलराउंड डिपार्टमेंट: सुंदर-जडेजा की अहम भूमिका

टीम के पास पहले से ही दो ऑलराउंडर मौजूद हैं — रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर। जडेजा इस सीरीज़ में लगातार चार अर्धशतक लगा चुके हैं, जबकि सुंदर ने पिछले टेस्ट की दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर इंग्लैंड की टीम को 200 रन के अंदर समेट दिया था।

यदि पंत फिट होकर केवल बल्लेबाज़ी करें और जुरेल कीपिंग करें, तो सुंदर को ऊपर के क्रम में बल्लेबाज़ी के लिए भेजा जा सकता है। इससे बैटिंग लाइनअप को गहराई मिलेगी और स्पिन विभाग को मजबूती।


तेज़ गेंदबाज़ी: बुमराह, सिराज और एक नया साथी

जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज टीम के दो प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ बने हुए हैं। सिराज ने तीनों टेस्ट खेले हैं, जबकि बुमराह ने अब तक दो। वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए बुमराह यदि यह टेस्ट खेलते हैं, तो संभव है कि वे आखिरी टेस्ट से बाहर रहें।

तीसरे तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर या तो प्रसिद्ध कृष्णा को एक और मौका मिलेगा, या फिर अंशुल कम्बोज को डेब्यू कराया जाएगा। कम्बोज ने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है और अब उनके पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का मौका हो सकता है।


मैनचेस्टर टेस्ट के लिए संभावित प्लेइंग-11

  1. केएल राहुल
  2. यशस्वी जायसवाल
  3. वॉशिंगटन सुंदर / साई सुदर्शन
  4. शुभमन गिल (कप्तान)
  5. ऋषभ पंत
  6. ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर)
  7. रवींद्र जडेजा
  8. शार्दूल ठाकुर
  9. जसप्रीत बुमराह
  10. मोहम्मद सिराज
  11. अंशुल कम्बोज / प्रसिद्ध कृष्णा

निष्कर्ष

चोटों से जूझ रही टीम इंडिया के लिए यह टेस्ट जीतना बेहद जरूरी है। अनुभव और युवा जोश के मिश्रण से बनी यह संभावित प्लेइंग-11 टीम को मजबूती दे सकती है। अगर पंत फिट होकर बल्लेबाज़ी करें और जुरेल कीपिंग में योगदान दें, साथ ही बुमराह और सिराज को सही सपोर्ट मिले, तो भारत मैनचेस्टर में सीरीज़ को 2-2 से बराबर करने का दम रखता है।

अब देखना ये होगा कि टीम मैनेजमेंट किन खिलाड़ियों पर भरोसा जताता है और क्या ये संयोजन भारत को जीत की पटरी पर ला पाएगा।

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