इंग्लैंड ने रूट और ब्रूक की शतकीय पारियों से श्रीलंका को हराकर सीरीज 2-1 से जीती

इंग्लैंड ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए निर्णायक तीसरे वनडे में श्रीलंका को 53 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी। जहां जो रूट और कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार शतक जमाए, वहीं श्रीलंका को साल 2021 के बाद पहली बार घरेलू वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
निर्णायक मुकाबले का महत्व और सीरीज की स्थिति
तीसरा वनडे मैच सीरीज का निर्णायक था। पहले मैच में श्रीलंका ने 19 रन से जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने पांच विकेट से जीत हासिल कर सीरीज बराबरी पर ला दी थी। ऐसे में तीसरे वनडे में दबाव दोनों टीमों पर बराबर था।
यह मैच रणनीति, अनुभव और मानसिक मजबूती की कसौटी बन गया। शुरुआती ओवरों में श्रीलंका ने इंग्लैंड पर दबाव बनाया, लेकिन टीम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन रखते हुए मैच जीतकर इतिहास रच दिया।
इंग्लैंड की पारी – संयम और आक्रमण का अद्भुत संतुलन
शुरुआती झटका – 11 ओवर में 2 विकेट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ओपनर बेन डकेट मात्र 7 रन बनाकर धनंजय डी सिल्वा का शिकार बने। रेहान अहमद भी केवल 24 रन ही जोड़ सके। शुरुआती 11 ओवर में इंग्लैंड का स्कोर 40/2 था और लग रहा था कि श्रीलंका ने मैच पर कब्जा बना लिया है।
जो रूट और जैकब बेथेल की साझेदारी
नंबर-3 पर आए जो रूट ने इंग्लैंड की लड़खड़ाती पारी को संभाला। उनके साथ जैकब बेथेल ने तीसरे विकेट के लिए 126 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। बेथेल ने 72 गेंदों में 65 रन बनाए जिसमें आठ चौके शामिल थे। रूट ने संयमित खेलते हुए रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
कप्तान ब्रूक की तूफानी पारी
जैकब बेथेल के आउट होने के बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। ब्रूक ने 66 गेंदों में नाबाद 136 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 9 छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया और श्रीलंका की गेंदबाजी को पूरी तरह दबा दिया।
जो रूट का अनुभव
दूसरे छोर पर जो रूट ने 108 गेंदों में नाबाद 111 रन बनाए और अपने वनडे करियर का 20वां शतक पूरा किया। उनकी पारी ने पारी को संतुलित रखा और ब्रूक को आक्रामकता दिखाने की पूरी आज़ादी दी। अंतिम पांच ओवरों में इंग्लैंड ने 88 रन जोड़कर 50 ओवर में 3 विकेट पर 357 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका की तेज शुरुआत और दबाव
ओपनर पथुम निसांका की फिफ्टी
श्रीलंका ने 358 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज शुरुआत की। ओपनर पथुम निसांका ने महज 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन पावरप्ले के भीतर तीन बड़े विकेट गिर गए। इससे टीम पर दबाव बढ़ गया और पीछा कठिन होता चला गया।
पवन रथनायके का पहला वनडे शतक
पवन रथनायके ने 115 गेंदों में 121 रन की जुझारू पारी खेली। इसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की पूरी कोशिश की। हालांकि, उनके अलावा टीम का कोई बल्लेबाज पर्याप्त सहयोग नहीं कर सका और विकेट गिरते रहे।

इंग्लैंड के गेंदबाजों ने मैच पलटा
डेथ ओवर्स में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार लाइन और लेंथ के साथ खेल का रुख पूरी तरह बदल दिया। जेमी ओवर्टन, विल जैक्स, आदिल राशिद और लियम डॉसन ने दो-दो विकेट झटकते हुए श्रीलंका को दबाव में रख दिया।
श्रीलंका की पूरी टीम 46.4 ओवर में 304 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने 53 रन से निर्णायक जीत दर्ज की।
घरेलू धरती पर श्रीलंका की लंबी अजेय लकीर टूटी
इस हार के साथ श्रीलंका को 2021 के बाद पहली बार घरेलू वनडे सीरीज में पराजय का सामना करना पड़ा। इससे पहले टीम ने लगातार 12 घरेलू वनडे सीरीज में हार नहीं मानी थी। अंतिम बार घरेलू मैदान पर हार उन्हें भारत के खिलाफ जुलाई 2021 में झेलनी पड़ी थी।
इंग्लैंड के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत
इंग्लैंड की यह जीत केवल सीरीज जीतने तक सीमित नहीं रही। जो रूट की निरंतरता, हैरी ब्रूक की आक्रामक कप्तानी और गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेन्थ ने टीम के संतुलन को साबित किया। यह प्रदर्शन आने वाले समय में इंग्लैंड की तैयारी और आत्मविश्वास के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
निष्कर्ष
तीसरे वनडे में इंग्लैंड ने जो रूट और हैरी ब्रूक की शतकीय पारियों के दम पर श्रीलंका को हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। श्रीलंका की घरेलू धरती पर यह हार कई मायनों में ऐतिहासिक रही। इस जीत ने इंग्लैंड की रणनीति, अनुभव और टीम के संतुलन को पूरी दुनिया के सामने साबित किया है।

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