स्टे से प्रेरित सफर से लेकर सुंदरता से प्रेरित गेटवे तक, स्काईस्कैनर की ट्रैवल ट्रेंड्स रिपोर्ट प्रदर्शित कर रही है कि 2026 में ट्रैवल किस प्रकार व्यक्तिगत हो रही है

- रिपोर्ट में सुंदरता, हाईकिंग और साहित्य से प्रेरित ट्रैवल से लेकर परिवार, संपर्कों, अद्वितीय स्टे और ग्रोसरी तक सात ट्रेंड्स का खुलासा हुआ।
- जोरहट, भारत और जाफना, श्रीलंका लोकप्रिय स्थानों की सूची में सबसे ऊपर हैं, वहीं तिरुपति, भारत और लंगकवि, मलेशिया सबसे किफायती ट्रैवल की सूची में पहले स्थान पर हैं।
- ट्रैवल की मांग मजबूत बनी हुई है, 2026 में 59 प्रतिशत भारतीय ट्रैवल करने की योजना बना रहे हैं।
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर, 2025: अग्रणी ग्लोबल ट्रैवल ऐप, स्काईस्कैनर ने आज नई दिल्ली के लटांगो, नेहरु प्लेस में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अपनी ‘ट्रैवल ट्रेंड्स 2026 रिपोर्ट’ जारी की। इस कार्यक्रम में सूर्य कुमार यादव मौजूद थे। वो भारत के लिए स्काईस्कैनर के पहले ब्रांड एम्बेसडर तथा भारतीय मेन्स टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। इस लॉन्च कार्यक्रम में साल के लिए सबसे किफायती और लोकप्रिय यात्रा स्थलों तथा सात प्रमुख यात्रा ट्रेंड्स का अनावरण हुआ। साहित्यिक यात्रा से लेकर ग्रोसरी के गलियारों तथा स्किनकेयर से प्रेरित यात्रा कार्यक्रम तक, स्काईस्कैनर की रिपोर्ट में सामने आया कि 2026 का साल व्यक्तिगत यात्रा का साल होने वाला है। भारतीय यात्री ऐसी ट्रिप्स की योजना बना रहे हैं, जो उनकी रुचियों और पहचान से मेल खाती हों।
ट्रैवल की रुचि उनकी योजनाओं में प्रदर्शित होती हैः हर 5 में से 3 भारतीय साल 2026 में ज्यादा यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। ज्यादातर सैलानी उड़ानों (58 प्रतिशत), आवास (49 प्रतिशत) और किराए की कार (35 प्रतिशत) पर साल 2025 जितना ही या उससे अधिक खर्च करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, भारतीय यात्री लागत को लेकर भी सतर्क रहते हैं। उनके यात्रा कार्यक्रम को तैयार करने में सबसे अधिक योगदान फूड (63 प्रतिशत), उड़ान के खर्च (60 प्रतिशत), आवास (56 प्रतिशत) और वीज़ा के खर्च (48 प्रतिशत) का होता है। ट्रैवल को प्राथमिकता देने तथा सूचित विकल्प चुनने के इस तालमेल से प्रदर्शित होता है कि भारतीय सैलानी खर्च को किफायती रखते हुए अपने अनुभवों को समृद्ध बनाने पर केंद्रित हैं।
इस रिपोर्ट के बारे में नील घोष, स्काईस्कैनर ट्रैवल ट्रेंड्स एंड डेस्टिनेशंस एक्सपर्ट ने कहा, ‘‘भारतीयों द्वारा यात्रा करने के तरीके में परिवर्तन हो रहा है। यात्राओं का झुकाव गहरे अर्थ और ज्यादा व्यक्तिगत विकल्पों की ओर बढ़ता जा रहा है। हर तीन में से एक यात्री लोकप्रिय स्थानों की बजाय ज्यादा शांत और विश्वसनीय जगहों की यात्रा करना चाहता है। आज के यात्री अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए डिजिटल टूल्स का सहारा लेते हैं, ऐसे अनुभवों के लिए सोशल मीडिया से प्रेरणा पाते हैं, जो उनकी व्यक्तिगत रुचियों में प्रदर्शित होते हैं।
भारत में ट्रैवल का तेजी से विकास हो रहा है। इस विकास में टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका है। 86 प्रतिशत लोग 2026 में अपनी ट्रिप्स की योजना बनाने और उसे बुक करने के लिए एआई के उपयोग में भरोसा करते हैं। हमारी रिपोर्ट से प्रदर्शित होता है कि ट्रैवल के लिए एआई अपनाने में भारतीय विश्व का नेतृत्व कर रहे हैं। स्काईस्कैनर में ऐप एक्सक्लुसिव सैवी सर्च जैसे टूल्स, जो ओपनएआई के चैटजीपीटी पर चलते हैं, इस परिवर्तन में मदद कर रहे हैं, तथा उड़ानों के विकल्पों के साथ बेहतरीन स्थानों के विचार प्रदान कर रहे हैं। व्यक्तिगत ट्रैवल का यह रुझान हमारी 2026 की थीम में प्रदर्शित होता हैः ट्रैवल जीवन से दूर होकर शांति के लिए नहीं, बल्कि जीवन में शामिल होने के गहरे तरीकों की खोज के लिए होती है।’’
अपने ऑल-राउंडर खेल के लिए प्रसिद्ध ‘Mr. 360’ सूर्य कुमार ‘स्काई’ यादव ने स्मार्ट ट्रैवल प्लानिंग के महत्व के बारे में बताकर साबित कर दिया कि वो ट्रैवल के भी Mr. 360 हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ट्रैवल हमेशा से मेरे दिल के करीब है। मेरे लिए यह विश्राम लेने, नई संस्कृतियों को खोजने और छिपे हुए स्थानों को तलाशने का तरीका है। क्रिकेट की तरह ही यह भी मुझे जिज्ञासु और उत्साहित रखती है। मुझे उम्मीद है कि स्काईस्कैनर ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह एहसास कराएगा कि मनोरंजक, किफायती और यादगार यात्राओं की योजना बनाना कितना आसान है।’’
स्काईस्कैनर के प्रोप्रायटरी ग्लोबल सर्च डेटा के विस्तृत विश्लेषण, साझेदारों के योगदान और 2,000 से अधिक भारतीय यात्रियों के कंज़्यूमर सर्वे की मदद से स्काईस्कैनर की ट्रैवल ट्रेंड्स 2026 रिपोर्ट में यात्रा में हुई एक नई प्रगति सामने आई। आज के यात्री सबसे बेहतर को और अधिक बेहतर बना रहे हैं।
2026 के लिए यात्रा के सात ट्रेंड्स
डेस्टिनेशन चेक-इन
सांस्कृतिक अनुभवों और अपनी इच्छाओं को पूरा करने वाली यात्राओं की बढ़ती रुचि के साथ यात्री ऐसे सफर पर जाना चाहते हैं, जिसमें होटल केवल रुकने के लिए नहीं, बल्कि स्टार सुविधाओं के लिए बुक किए जाते हैं। 82 प्रतिशत भारतीयों ने बताया कि वो किसी जगह ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए नहीं जाते हैं, बल्कि वहां रहने का आकर्षक अनुभव प्राप्त करने के लिए जाते हैं, और उनका यात्रा करने का उद्देश्य यही होता है।
जो लोग अपने खुद के स्थानों पर चेक-इन करते हैं, उनके लिए स्काईस्कैनर होटल रिज़ल्ट फिल्टर पेश करता है, जो उन्हें बुटीक होटल से लेकर पेंट हाउस या बीच फ्रंट विला तक आदर्श स्थान चुनने में मदद करता है। स्टार रेटिंग, आवास के प्रकार, आस-पास के वातावरण के अनुसार तेजी से सूची तैयार करके यह फिल्टर उन्हें अपनी एडवेंचर चुनने में समर्थ बनाता है।
शेल्फ डिस्कवरी
ग्रोसरी के गलियारे केवल आवश्यक सामान खरीदने के लिए नहीं लोकप्रिय हो रहे हैं। बल्कि वो संस्कृति के वाहक बन गए हैं। यहाँ पर देश के सबसे विश्वसनीय स्वाद का अनुभव लिया जा सकता है। हर 10 में से 8 सैलानियों का कहना है कि वो विदेश जाते हैं, तो स्थानीय सुपरमार्केट्स में जरूर जाते हैं। 73 प्रतिशत कन्विनिएंस स्टोर में जाकर स्थानीय आहार खरीदते हैं। शौकीन लोग (60 प्रतिशत) केवल शॉपिंग के लिए नहीं जाते हैं, बल्कि गहन सांस्कृतिक अनुभव के लिए जाते हैं। स्वाद के ऐसे अनुभव के लिए जिसमें हर शेल्फ एक कहानी कहता है और हर स्वाद एक याद बन जाता है।
ग्लोमैड्स
सुंदरता के लिए यात्राएं बढ़ रही हैं। 57 प्रतिशत भारतीय विदेश में जाकर स्किनकेयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदते हैं। लगभग आधे यात्री अपनी सेहत के लिए यात्रा करने के स्थान चुनते हैं। यात्राएं उन्हें अपने वर्चुअल अनुभवों को वास्तविक अनुभवों में बदलने का अवसर देती हैं, जिनमें वो यात्रा का आनंद भी ले पाते हैं और सेहत का ध्यान भी रख पाते हैं। ड्यूटी-फ्री लग्ज़री फ्रैग्रेंस (53 प्रतिशत) खरीदने से लेकर कल्ट ब्यूटी स्टोर (48 प्रतिशत) तलाशने और स्थानीय ट्रीटमेंट्स (45 प्रतिशत) का आनंद लेने तक भारतीय यात्रियों द्वारा यात्रा की योजना में सेहत का महत्व बढ़ता जा रहा है।
इस बारे में मिनी सूद बनर्जी, मार्केटिंग डायरेक्टर, लैनीज़ इंडिया ने कहा, ‘‘हमारी दिनचर्या में स्किन केयर का महत्व बहुत अधिक बढ़ चुका है। आज स्किन केयर किसी खास अवसर की बजाय रोजमर्रा की दिनचर्या बन चुकी है। इस विकास में कोरियन ब्यूटी ने विश्व में एक नई लहर पेश की है। इसने इनोवेशन, मिनिमलिज़्म और जीवंत एवं जगमगाती चमक के नए मानक स्थापित कर दिए हैं। लैनीज़ में सुंदरता का हमारा सिद्धांत देखभाल और निरंतरता में निहित है। यह आपके घर से बाहर निकलने के बाद समाप्त नहीं होता है। यात्रा जीवन का एक तरीका बन चुकी है। यह खुद की अभिव्यक्ति का साधन बन गई है। इसलिए स्किनकेयर को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। यह आपके साथ-साथ चलती है।’’
एल्टिट्यूड शिफ्ट
भारतीय समुद्री बीच की बजाय पहाड़ों पर जाना पसंद कर रहे हैं। वो प्राकृतिक जगहों पर घूमने के लिए ऑफ-पीक सीज़न चुनते हैं। 92 प्रतिशत भारतीय पूरे साल एल्प्स पर्वत श्रृंखला में घूमना चाहते हैं। इसमें स्कीईंग और विंटर एडवेंचर की काफी अधिक भूमिका है। खासकर जेन ज़ी (51 प्रतिशत) और मिलेनियल्स (47 प्रतिशत) उपलब्धियों से रोमांच प्राप्त करते हैं। द लैंड ऑफ वांडरलस्ट जैसे ट्रेक कलेक्टिव्स तेजी पकड़ रहे हैं। इसलिए ट्रैवल के लिए पहाड़ी इलाकों का चलन बढ़ता जा रहा है।
व्यक्तिगत रुचियों के लिए यात्रा करने के इस मौसम में अन्य ट्रेंड्स, जो 2026 में यात्रा की प्रेरणा दे रहे हैं, वो हैंः
परिवार के साथ यात्राएंः विभिन्न पीढ़ियों के साथ यात्रा में भारतीय संस्कृति की भावना मजबूत हो रही है। लगभग आधे भारतीय (47 प्रतिशत) व्यस्कों के रूप में अपने माता-पिता के साथ यात्रा कर चुके हैं। 44 प्रतिशत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यात्रा कर चुके हैं। 38 प्रतिशत ऐसी यात्रा पर गए, जिनमें तीन पीढ़ियों के लोग यानी उनके माता-पिता और बच्चे साथ में थे।
उड़ानों के साथ भावनाएंः यात्रा केवल सीमाओं का विस्तार करने के लिए नहीं की जाती है। बल्कि यह नए लोगों से मिलने और रास्ते में नए संपर्क विकसित करने के लिए भी की जाती है। यात्रा में इत्तफाक से नई दोस्तियाँ होती हैं। कभी-कभी विदेश में आमने-सामने मिलने पर रोमांस भी हो जाता है। 87 प्रतिशत भारतीयों ने बताया कि यात्रा में नए संपर्क बनते हैं।
किताबों से जुड़ी यात्राएंः हर 10 में से 8 भारतीय यात्रा इसलिए बुक करते हैं या करना चाहते हैं क्योंकि वो अपने पसंदीदा किरदारों के पदचिन्हों के पीछे जाने से लेकर बेहतरीन लाईब्रेरी या फिर छिपी हुई बुकशॉप्स तलाशना चाहते हैं, यानी उनकी यात्रा किताबों से प्रेरित होती है। आज साहित्य केवल एक मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह एक अनुभव बन गया है तथा किताब में पढ़े शीर्षकों को यात्रा में तब्दील करने की रुचि बन गया है।
भारत में सबसे ज्यादा ट्रेंड में रहने वाले तथा सबसे किफायती स्थान
2026 में भारतीय यात्री ऐसे स्थानों की यात्रा करेंगे, जहाँ उन्हें विश्वसनीयता के साथ खोज करने का अनुभव भी प्राप्त हो। सबसे अधिक लोकप्रिय स्थानों की सूची में अद्वितीय गेटवे हैं, सांस्कृतिक केंद्र हैं, खूबसूरत रिट्रीट्स हैं और उभरते हुए वैश्विक स्थान हैं। सबसे किफायती स्थानों की सूची से प्रदर्शित होता है कि भारतीय यात्री वहाँ खर्च करना चाहते हैं, जहाँ उसकी जरूरत हो। अन्य चीजों में वो बचत कर लेते हैं, ताकि उन्हें बहुत ज्यादा खर्च के बिना ही सबसे बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके। इनमें शामिल हैंः
| लोकप्रिय स्थान | सर्च में प्रतिशत वृद्धि | 2026 के लिए सबसे किफायती स्थान | कीमत में प्रतिशत कमी |
| जोरहट, भारत | + 493% | तिरूपति, भारत | -18% |
| जाफना, श्रीलंका | + 325% | लंगकावी, मलेशिया | -17% |
| मस्कट, ओमान | + 211% | बर्लिन, जर्मनी | -16% |
| क्वीन्सटाउन, न्यूजीलैंड | + 151% | देहरादून, भारत | -14% |
| चियांग राय, थाईलैंड | + 133% | फुकेत, थाईलैंड | -13% |
नील घोष ने कहा, ‘‘हमें दिख रहा है कि भारतीय यात्री गहरे सांस्कृतिक संपर्कों और अनुभवों की ओर आकर्षित होते हैं। सोशल मीडिया, विशेषकर विश्वसनीय वीडियो गाईड से यात्रा की प्रेरणा मिलती है। इससे लोगों को अगला स्थान चुनने में मदद मिलती है। जोरहट और जाफना जैसे स्थानों की खोज में आई तेजी से समृद्ध विरासत और स्थानीय स्वाद वाले कम ज्ञात स्थानों को खोजने की इच्छा प्रदर्शित होती है। दूसरी तरफ, बेहतर कनेक्टिविटी, नए मार्गों और उड़ान के ज्यादा विकल्पों का लाभ सबसे बेहतर और किफायती स्थानों को मिला है। बर्लिन जैसे पारंपरिक रूप से प्रीमियम स्थान ज्यादा भारतीयों की पहुँच में आ गए हैं। इससे प्रदर्शित होता है कि यात्री किस प्रकार 2026 में अपनी इच्छा व योजना के अनुरूप यात्रा करने के स्थान चुन रहे हैं।’’
पूरी ‘‘ट्रैवल ट्रेंड्स 2026’’ रिपोर्ट यहाँ पर देखें।

Very interesting points you have remarked, thankyou for putting up.