जयकारों के साथ निकली मनौतियों के राजा की विसर्जन शोभा यात्रा

सडकों पर गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ’
लखनऊ: श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से झूलेलाल वाटिका में पिछले 10 दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का गुरुवार को भगवान गणेश की मूर्ति का भू विसर्जन के साथ समापन हो गया।
विसर्जन से पूर्व पण्डाल में आचार्यो ने वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ पूजा अर्चना की। इसमें कमेटी के सभी पदाधिकारी, सदस्य, कार्यकर्ता अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुये। बाद में सभी ने बप्पा से हाथ जोड़कर अगले बरस फिर आने की प्रार्थना करते हुये भगवान गणेश की विशाल मूर्ति को रथ पर विराजमान किया। उस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से झूलेलाल घाट गूंज रहा था।
उसके बाद शोभा यात्रा शुरु हुई। शोभा यात्रा में सबसे आगे बैण्ड उसके पीछे 7 देवी देवताओं की सजी सुन्दर झांकी, फिर ढोल का दल, उसके पीछे 7 घोड़े, डीजे साउण्ड जिस पर कोलकाता के संजय शर्मा भजन सुनाते हुये चल रहे थे। उसके पीछे फिर 8 झांकी राधा कृष्ण, शंकर पार्वती, मां दुर्गा, काली जी, ब्रम्हा विष्णु महेश, सरस्वती जी, मीरा बाई, लक्ष्मी जी, सांई बाबा, भैरव जी, शनिदेव, हनुमान जी, राम दरबार की झांकी सजी थी। उसके पीछे 7 घोडे, उसके पीछे एक और डीजे साउण्ड चल रहा था। संजय शर्मा ने ‘देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन’ ‘सच्चा है तेरा दरबार तेरा जवाब नही’ ‘तेरी जय हो गणेश’ आदि भजन जब सुनाये।
ने ‘तेरी जय हो गणेश’ आदि ने गौरी के लाल तेरी जय हो..’ देवा हो देवा गली गली में तेरे नाम का शोर .., आदि सुन्दर भजनो से माहौल भक्तिमय हो रहा था। सबसे पीछे बप्पा का फूलों से बना सुन्दर रथ चल रहा था। रथ से बप्पा का महाप्रसाद सभी को बांटा जा रहा था। यात्रा में कमेटी के भारत भूषण गुप्ता, सतीश अग्रवाल, घनश्याम दास अग्रवाल, योगेश बंसल, संजय सिंह गांधी, रंजीत सिंह महिलाओं में संध्या बंसल, रुक्मिणी देवी, बिन्नी बंसल, नीरजा सिंह, अंशु बंसल, अंजू गुप्ता, आंचल गोयल आदि लोग चल रहे थे। यात्रा के मार्गो पर करीब 50 स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। डालीगंज में बहुत से लोगों ने आईस्क्रीम, समोसा, मिठाई, केक, बिस्कुट, टाफी, फ्रूटी और मेवें का वितरण किया।
यात्रा का स्वागत करने के लिए घरों से निकलकर महिलाएं, पुरुष, बच्चे सभी पहले से सड़कों पर एकत्र हो गये। बप्पा का रथ करीब आने पर बप्पा की आरती उतरी और पुष्प वर्षा की। अबीर गुलाल के संग शोभा यात्रा झूलेलाल वाटिका से प्रारम्भ होकर विश्वविद्यालय मार्ग, आईटी चौराहा, रामकृष्ण मठ, शंकरनगर चौराहा, नजीरगंज, डालीगंज होते हुये झूलेलाल घाट पर समाप्त हुई।
यहां पर पूरे वैदिक परम्परा के अनुसार भगवान गणेश की प्रतिमा का भू विसर्जन किया गया। संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि पर्यावरण का ध्यान रखते हुये तथा गोमती को प्रदूषित होने से बचाने के लिये भू विसर्जन विगत वर्षो की भांति किया गया। उन्होंने बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिए 25 फुट चौडा व 15 फुट गहरा गडडा कराया गया। उसमें गोमती का पानी भरा गया। उसके बाद क्रेन से मूर्ति को जलाशय में रखी गयी। उसके बाद आचार्यो द्वारा मंत्रों के साथ विसर्जन किया गया।
कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता व घनश्याम अग्रवाल गुड्डा ने बताया कि 10 दिन चले उत्सव में मनौतियों के राजा श्री गजाानन के नाम लगभग 75 हजार चिट्ठी भक्तों ने लिखी। सभी चिट्ठियों को प्रतिमा के साथ विसर्जित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लोग हर वर्ष अपनी मनोकामना को लेकर गजानन को चिट्ठी लिखते है। लोगों को विश्वास है कि बप्पा को चिट्ठी लिखने से उनकी मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था और विश्वास को लेकर हजारों लोग हर वर्ष बप्पा को चिट्ठी लिखते है।
विदाई के समय भक्तों में छलक आये आंसू
झूलेलाल घाट पर जब मनौतियों के राजा भगवान गणेश का रथ पहुंचा और मूर्ति को भू विसर्जन के लिये क्रेन से उतारा गया तो उस समय वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू छलक आये। उस समय वहां का ऐसा नजारा लग रहा था जैसे कोई परिवार का सदस्य हमसे दूर जा रहा हो। सभी भक्त हाथ जोड़कर नम आंखों से बप्पा को विदाई दी।

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