दिवाली से पहले सरकार का मेगा गिफ्ट: AC, बड़े टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन होंगे सस्ते, GST काउंसिल ने घटाया टैक्स

भारत के करोड़ों परिवारों के लिए यह त्योहारों का सीजन अब और भी खास होने वाला है। GST काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एयर कंडीशनर, बड़े स्क्रीन वाले टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे महंगे प्रोडक्ट्स पर लगने वाला टैक्स घटा दिया है। सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं के लिए तो राहत लेकर आया ही है, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्यूरेबल इंडस्ट्री को भी नई जान देने वाला है।


क्यों है यह फैसला खास

पहले इन प्रोडक्ट्स पर 28 प्रतिशत तक का GST लगता था।
अब इन्हें घटाकर 18 प्रतिशत स्लैब में कर दिया गया है।
जिन प्रोडक्ट्स पर 12 प्रतिशत टैक्स था, वे भी अब 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत में शिफ्ट होंगे।
नतीजा यह होगा कि कीमतें सीधे 6 से 9 प्रतिशत तक घटेंगी और ग्राहकों को तुरंत बचत मिलेगी।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कदम से न केवल सेल्स बढ़ेंगी, बल्कि ग्राहक अब प्रीमियम और एनर्जी-एफिशिएंट मॉडल्स खरीदने के लिए भी प्रेरित होंगे।


कीमतों में कितनी गिरावट आएगी

PTI और ET की रिपोर्ट्स के अनुसार

एसी 1500 से 2500 रुपये तक सस्ते
32 इंच से बड़े टीवी 2000 से 3000 रुपये तक सस्ते
डिशवॉशर और वॉशिंग मशीन में 8 से 9 प्रतिशत तक की कीमत में कटौती
प्रोजेक्टर और मॉनिटर पर टैक्स घटने से कॉर्पोरेट और एजुकेशन सेक्टर में मांग बढ़ेगी


इंडस्ट्री की राय

SPPL के CEO अवनीत सिंह मरवाह ने कहा
32 इंच स्मार्ट टीवी पर GST घटाकर 5 प्रतिशत करना अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के मुकाबले ब्रांडेड कंपनियों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। आने वाले समय में हमें 20 प्रतिशत तक की सालाना ग्रोथ मिल सकती है।

वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी कंपनियां, जिन्हें पिछले क्वार्टर में सेल्स में 34 प्रतिशत तक गिरावट का सामना करना पड़ा था, अब इस फैसले को राहत के रूप में देख रही हैं।


उपभोक्ताओं के लिए क्या फायदे होंगे

कम दाम और ज्यादा बचत त्योहारों से पहले परिवार अब बड़ा टीवी या नया एसी लेने का प्लान बिना जेब पर ज्यादा बोझ डाले कर सकेंगे।
एनर्जी सेविंग मॉडल्स का बूम जब प्रीमियम मॉडल्स सस्ते होंगे तो लोग पुराने बिजली खपत वाले उपकरणों को बदलकर एनर्जी एफिशिएंट प्रोडक्ट्स चुनेंगे।
लंबी अवधि में बचत बिजली का बिल घटेगा, मेंटेनेंस आसान होगा और तकनीकी रूप से एडवांस्ड फीचर्स भी मिलेंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर ऑफर्स GST कटौती के साथ ही ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म और रिटेलर्स भी त्योहारों पर भारी डिस्काउंट देंगे।


इंडस्ट्री पर असर

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ेगा क्योंकि मांग में तेजी आएगी।
ऑटो और होम अप्लायंसेज कंपनियों के लिए यह कमजोर क्वार्टर के बाद एक नई शुरुआत है।
ब्रांड्स बनाम अनऑर्गनाइज्ड मार्केट टैक्स स्लैब कम होने से ब्रांडेड कंपनियां ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगी और लोकल बिना ब्रांड वाले प्रोडक्ट्स को चुनौती देंगी।


GST की यात्रा 2017 से अब तक

जुलाई 2017 में GST लागू हुआ था। तब चार टैक्स स्लैब थे 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत।
लंबे समय से इंडस्ट्री मांग कर रही थी कि स्ट्रक्चर को आसान बनाया जाए।
अब काउंसिल ने बड़ा फैसला लेते हुए सिर्फ दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रखे हैं।
सरकार का मानना है कि इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा सिंपल, ट्रांसपेरेंट और एफिशिएंट बनेगा।


दिवाली गिफ्ट का वादा और पूरा होना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 के भाषण में देशवासियों को GST सुधार को दिवाली गिफ्ट देने का वादा किया था।
3 सितंबर 2025 को हुई GST काउंसिल की बैठक में यह वादा पूरा हो गया।
अब यह नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।


क्यों बढ़ेगी फेस्टिव सेल्स

त्योहारों का मौसम भारत में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए सबसे अहम होता है।
दिवाली, नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज की खरीदारी रिकॉर्ड लेवल पर होती है।
टैक्स घटने से प्रोडक्ट्स किफायती होंगे, जिससे मिडिल क्लास और यंग अर्बन खरीदार ज्यादा खर्च करेंगे।
कंपनियों को उम्मीद है कि इस बार की सेल्स पिछले साल के मुकाबले 25 से 30 प्रतिशत ज्यादा हो सकती है।


निष्कर्ष

त्योहारों से पहले सरकार का यह कदम न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है बल्कि इंडस्ट्री के लिए भी वरदान साबित हो सकता है।
घर घर में बचत होगी
कंपनियों को नई मांग मिलेगी
एनर्जी एफिशिएंट प्रोडक्ट्स की तरफ झुकाव बढ़ेगा
टैक्स स्ट्रक्चर सरल और पारदर्शी होगा

इस तरह कहा जा सकता है कि GST काउंसिल का यह निर्णय वास्तव में दिवाली गिफ्ट है, जो उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों के लिए विन विन साबित होगा।

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