जेआरएस ईस्टमैन ग्रुप ने पंजाब में मियावाकी वन पहल शुरू कर पीएम मोदी के सस्टेनेबिलिटी के विजन का समर्थन किया।

- लुधियाना नगर निगम के सहयोग से शुरू की गई यह पहल पीएम मोदी के विजन शहरी बंजर भूमि को हरित क्षेत्रों में बदलकर एक स्थायी भविष्य बनाने से प्रेरित है।
- लुधियाना में मियावाकी विधि द्वारा बंजर भूमि को वन क्षेत्र में बदलने की कोशिश 1 करोड़ रुपये के योगदान के साथ शुरू हुई।
लुधियाना: ऑटो-एंसीलरी सेक्टर में अपने ऑटोमोटिव उत्पादों और समाधानों के लिए जाने जाने वाले जेआरएस ईस्टमैन ग्रुप ने लुधियाना जिला प्रशासन के साथ मिलकर लुधियाना में मियावाकी शहरी वन बनाने का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहरी क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने के विजन से प्रेरित होकर इस प्रोजेक्ट का मकसद एक पुराने लैंडफिल साइट को एक समृद्ध हरित क्षेत्र में बदलने का है।
ग्रुप का शुरुआती प्रोजेक्ट लुधियाना के फोकल पॉइंट इंडस्ट्रियल एरिया में 2 एकड़ के पुराने लैंडफिल को पुनर्जीवित करेगा, जिसमें 1 करोड़ रुपये का नियोजित निवेश किया जाएगा। इसके पहले चरण में भूमि की सफाई और मिट्टी में सुधार पर ध्यान दिया गया है, ताकि भविष्य में पौधारोपण और वन रखरखाव के लिए तैयारी की जा सके। यह कार्य पहले ही 30 लाख रुपये के बजट के साथ शुरू हो चुका है।
मियावाकी विधि जो तेजी से बढ़ने और घनी वनस्पति के लिए जानी जाती है, बहुत लाभ देती है। पारंपरिक जंगलों की तुलना में, मियावाकी जंगल बहुत जल्दी से बढ़ कर तैयार हो जाते हैं, सीमित शहरी क्षेत्रों को हरियाली से भर देते हैं, स्थानीय प्रजातियों का उपयोग करके जैव विविधता को बहाल करते हैं, और साथ ही वायु की गुणवत्ता में बेहतर सुधार करते हुए शहरी हीट आइलैंड प्रभाव को कम करते हैं। कुल मिला कर कहें तो ये नए हरित क्षेत्र साफ सुथरी हवा देने में, बेहतर जैव विविधता लाने में, और शहरी जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार करने में भरपूर सहयोग करते हैं।
जेआरएस ईस्टमैन ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन श्री जगदीश राय सिंघल ने पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी जिसका मतलब अपनी मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करना और साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए ज़रूरी संसाधनों को बनाए रखना है, इसके प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि, “हमारी जिम्मेदारी ऑटोमोटिव इनोवेशन से परे है। मियावाकी जंगल शहरी पारिस्थितिकी तंत्र को सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं और साथ ही जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए भी ज़रूरी हैं। इसलिए इन्हें अपनाना स्थायी भविष्य की ओर एक बहुत बड़ा कदम है। इन स्थानीय वनों को बना कर, हम स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र में सुधार करने और जलवायु परिवर्तन को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देने का लक्ष्य रखते हैं। सस्टेनेबिलिटी के लिए एक होकर हम जुट गए हैं क्योंकि यह पहल पर्यावरणीय संतुलन को बरकरार रखने में और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति और मानवता के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”
इस पहल के प्रति हमारी यह प्रतिबद्धता शहरी पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों को हल करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने खासकर लुधियाना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बहुत जरूरी है। हमे पूरी उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से हवा और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को फायदा होगा। यह पहल राष्ट्रीय पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों के अनुरूप है। इसमें ईस्टमैन ग्रुप की पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को साफ तौर पर देखा जा सकता है। और साथ ही यह भारत भर में इसी तरह की पहलों के लिए एक मॉडल प्रदान करता है।
लुधियाना नगर निगम द्वारा आवंटित एक लैंडफिल पर एक सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद कंपनी इस पहल को पंजाब भर में अमल में लाने की योजना बना रही है।

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