कोहलर ने कोलकाता में पेचा कुचा के 13वें संस्करण का आयोजन किया, जिसमें मुख्य आर्किटेक्ट्स के साथ ‘डिज़ाईनिंग फॉर द फ्यूचर’ पर जोर दिया गया

कोलकाता, मई, 2025 – कोहलर इंडिया ने हार्ड रॉक कैफे, कोलकाता में 19 मई, 2025 को अपनी सिग्नेचर पेचा कुचा ईवेंट के 13वें संस्करण का आयोजन किया। इस संस्करण का विषय ‘डिज़ाईनिंग फॉर द फ्यूचर’ (भविष्य के लिए डिज़ाईन) था। इस ईवेंट में डिज़ाईन के क्षेत्र के दिग्गजों ने हिस्सा लिया और इस बारे में विचार किया कि आर्किटेक्चर और डिज़ाईन द्वारा किस प्रकार एक मजबूत, समावेशी एवं अग्रगामी सोच वाले वातावरण को आकार दिया जा सकता है।

पेचा कुचा अपने जोशीले 20×20 फॉर्मेट (20 स्लाईड, प्रत्येक 20 सेकंड) के लिए मशहूर है। यह 2013 में अपने लॉन्च के बाद से ही डिज़ाईन समुदाय को रचात्मकता की ओर ले जा रहा है। ईवेंट के इस संस्करण में आर्किटेक्चर की विकसित होती हुई भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जो फंक्शनैलिटी, टेक्नोलॉजी एवं सामाजिक दायित्व के साथ भविष्य की जगहों को परिभाषित करती है।

ईवेंट में क्षेत्र के दिग्गजों ने बेहतरीन प्रेज़ेंटेशन दिए, जिनमें देवयानी जैसवाल, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, डीजे एसोसिएट्स; कमल पेरिवाल, डायरेक्टर, महेश्वरी एंड एसोसिएट्स; मोनिका खोसला भार्गव, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, खाम कंसल्टैंट्स; मानस सिन्हा रॉय, डायरेक्टर, प्रैक्टिस डिज़ाईन प्राईवेट लिमिटेड; अमिताभ सर्मा, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, आकार फाउंडेशन एवं अनुराग कुमार, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट, टीजे डिज़ाईन स्टूडियो के नाम प्रमुख हैं। इन वक्ताओं ने भविष्य के डिज़ाईन के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताईं और बताया कि विकसित होती हुई जीवनशैली के लिए किस प्रकार सामाजिक जगहों पर पुनर्विचार कर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी की मदद से स्मार्ट शहरी प्लानिंग की जाएगी।

कोहलर साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, रंजीत ओक ने कहा, ‘‘डिज़ाईन अब केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं है। कोहलर में हमारा मानना है कि डिज़ाईन परिवर्तन की सबसे शक्तिशाली भाषा है। ‘डिज़ाईनिंग फॉर द फ्यूचर’ के माध्यम से हम उन विचारों पर प्रकाश डाल रहे हैं, जो जलवायु से समुदाय तक हमारे विश्व की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित होते हैं। पेचा कुचा में साहसी, भविष्य पर केंद्रित विचारों को पेश किया जाता है। हमें एक ऐसे मंच का विकास करने पर गर्व है, जो आर्किटेक्ट्स और डिज़ाईनर्स को न केवल दूरदर्शी कल्पना करने में, बल्कि एक उद्देश्य के साथ उस कल्पना को आकार देने में भी समर्थ बनाता है।’’

इस ईवेंट ने इनोवेशन की संस्कृति और डिज़ाईन के परिवेश में गठबंधनों का विकास करने की कोहलर की प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। पेचा कुचा में पिछले वर्षों में ‘‘सस्टेनेबिलिटी इन डिज़ाईन’’, ‘‘वांडरलस्ट – क्रिएटिविटी इंस्पायर्ड बाय ट्रैवल’’, और डिज़ाईन नाउ एंड देन’’ जैसे विषयों पर वार्तालाप की जा चुकी है, जिससे यह भारत में आर्किटेक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ईवेंट बन गई है।  

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