#education – FNNNewsHindi https://fnnnewshindi.com Thu, 19 Mar 2026 10:44:56 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://fnnnewshindi.com/wp-content/uploads/2023/08/favicon-150x150.png #education – FNNNewsHindi https://fnnnewshindi.com 32 32 224877080 राजस्थान के 6 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग बने उत्कृष्टता के केंद्र: शिक्षक शिक्षा में नई दिशा, राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव में हुआ सम्मान https://fnnnewshindi.com/6-district-institutes-of-education-and-training-of-rajasthan-became-centers-of-excellence-new-direction-in-teacher-education-honored-in-state-level-conclave/ https://fnnnewshindi.com/6-district-institutes-of-education-and-training-of-rajasthan-became-centers-of-excellence-new-direction-in-teacher-education-honored-in-state-level-conclave/#respond Thu, 12 Mar 2026 17:34:00 +0000 https://fnnnewshindi.com/?p=10978

12 मार्च 2026, जयपुर, राजस्थान: राज्य में टीचर एजुकेशन को सशक्त बनाने और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी), राजस्थान ने स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के सहयोग तथा यूनिसेफ के एडवाइजरी सपोर्ट के साथ जयपुर में इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम शोकेस एवं डैशबोर्ड लॉन्च कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में एससीईआरटी नेतृत्व, विभिन्न 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के प्राचार्य और फैकल्टी सदस्य, तथा पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत हुए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की गई। इस प्रोग्राम के माध्यम से राजस्थान के 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को संस्थागत प्रणालियों को मजबूत करने, टीचर एजुकेशन प्रैक्टिसेज को बेहतर बनाने तथा अकादमिक लीडरशिप को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में प्रमुख गणमान्य अतिथियों में श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान; श्री पियूष कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, आरएससीईआरटी; श्रीमती अमृता सेनगुप्ता, यूनिसेफ; तथा श्री लक्ष्मीनरसिम्हा राव कुदलिगी, चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ राजस्थान शामिल थे।

स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन की ओर से डॉ. एंटनी नेलिस्सेरी, हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

आज के समय में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिस प्रकार से जानकारी को समझने, प्रोसेस करने और उपयोग करने के तरीके को बदल रहे हैं, उसी प्रकार शिक्षा प्रणाली भी तकनीक को अपनाकर अधिक तेज़ी से कार्य करने, रुझानों को बेहतर ढंग से समझने और सटीक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एससीईआरटी डैशबोर्ड जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म संस्थानों को अधिक उत्तरदायी और एविडेंस-बेस्ड प्लानिंग की ओर ले जा रहे हैं, जिससे शिक्षा नेतृत्व समय पर और प्रभावी निर्णय ले सके।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण छह 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग का सम्मान था, जिन्हें पहले से ही सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नामित किया गया है और जिन्हें इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग अलवर

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग बीकानेर

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग चूरू

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग जोधपुर

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कोटा

डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग उदयपुर

इस अवसर पर इन डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को टीचर ट्रेनिंग के भविष्य को दिशा देने वाले प्रमुख थीमैटिक क्षेत्रों में किए गए कार्यों के लिए भी सराहा गया। इनमें इंक्लूसिव एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन, रिसर्च एंड इनोवेशन, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) के लिए मल्टीलिंगुअल एजुकेशन, टीचर एम्पावरमेंट तथा आईसीटी इंटीग्रेशन शामिल हैं।

इन संस्थानों ने 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग स्टेट पॉइंट्स ऑफ कॉन्टैक्ट के माध्यम से अपने कार्यों और नवाचारों की प्रस्तुति भी दी, जिसमें संस्थागत सुधार और टीचर ट्रेनिंग से जुड़ी पहलें साझा की गईं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एससीईआरटी डैशबोर्ड का लॉन्च था, जिसे श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान द्वारा लॉन्च किया गया। यह डैशबोर्ड टीचर एजुकेशन संस्थानों में डेटा-ड्रिवन मॉनिटरिंग, इंस्टिट्यूशनल ट्रैकिंग तथा एविडेंस-बेस्ड डिसीजन मेकिंग को सक्षम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इसके बाद श्री वरुण भामरे, लीड – एम एंड ई एंड टेक्नोलॉजी, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन, तथा उदय नागदा, असिस्टेंट प्रोफेसर, एससीईआरटी ने मिलकर डैशबोर्ड का प्रदर्शन किया और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत सु श्री सुमन अरोरा, स्टेट हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने राजस्थान सरकार और स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित किया, जिनका उद्देश्य राज्य में टीचर एजुकेशन संस्थानों को सशक्त बनाना है।

श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान ने कहा:

“यह डैशबोर्ड सभी DIETs को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में उपयोगी साबित हुआ है। हमें इसे रियल-टाइम डेटा एंट्री के माध्यम से पूर्ण रूप से उपयोग करते हुए सफल बनाना चाहिए।”

डॉ. एंटनी नेलिस्सेरी, हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन ने कहा:

“DIETs के लिए विकसित क्वालिटी फ्रेमवर्क उन्हें उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करता है। सेल्फ-इवैल्यूएशन के माध्यम से संस्थान अपनी वर्तमान स्थिति पहचान सकते हैं और उसी आधार पर एक्शन प्लान तैयार कर सकते हैं। 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग प्राचार्यों द्वारा साझा किए गए परिणाम संस्थागत दृष्टिकोण, जवाबदेही और योजना प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव को दर्शाते हैं।”

श्री लक्ष्मीनरसिम्हा राव कुदलिगी, चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ राजस्थान ने कहा:

“मजबूत टीचर एजुकेशन सिस्टम्स बड़े स्तर पर लर्निंग आउटकम्स को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यूनिसेफ ऐसी पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो संस्थागत क्षमता को मजबूत करें, डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दें और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को बेहतर समर्थन प्रदान करें।”

कार्यक्रम का समापन सु श्री सुमन अरोरा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें एससीईआरटी, 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग संस्थानों और पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन्स के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई।

इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम शोकेस एवं डैशबोर्ड लॉन्च राजस्थान में टीचर एजुकेशन संस्थानों को सुदृढ़ बनाने तथा बेहतर मॉनिटरिंग, सहयोग और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन टीचर एजुकेशन, डेटा एनालिटिक्स सपोर्ट तथा एजुकेशन सिस्टम्स के इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह फाउंडेशन स्टरलाइट इलेक्ट्रिक, रेसोनिया और सेरेंटिका द्वारा समर्थित एक CSR पहल है।

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कैंब्रिज ने भारत में अब तक की अपनी सबसे बड़ी मार्च सीरीज़ के परिणाम घोषित किए https://fnnnewshindi.com/cambridge-announces-results-of-its-biggest-ever-march-series-in-india/ https://fnnnewshindi.com/cambridge-announces-results-of-its-biggest-ever-march-series-in-india/#comments Wed, 21 May 2025 05:36:20 +0000 https://fnnnewshindi.com/?p=6336
  • देश में 420 स्कूलों के 17,000 से अधिक विद्यार्थी मार्च सीरीज़ की परीक्षाओं में बैठे।
  • कैंब्रिज आईजीसीएसई के लिए एंट्री में 12 प्रतिशत और कैंब्रिज इंटरनेशनल एएस एंड ए लेवल के लिए 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • कैंब्रिज आईजीसीएसई बायलॉजी के लिए एंट्री पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत बढ़ीं।

नेशनल, 20 मई, 2025 – कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड एसेसमेंट (कैंब्रिज) में इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप ने आज भारत में अपनी मार्च 2025 परीक्षा सीरीज़ के नतीजे घोषित कर दिए। इन परीक्षाओं में देश के 420 स्कूलों से 17,000 से अधिक विद्यार्थी बैठे थे। ज्यादातर विद्यार्थी मार्च सीरीज़ की परीक्षाओं में बैठने का विकल्प चुन रहे हैं, जो भारत के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप होती हैं तथा भारत एवं विश्व में प्रगति के मार्ग में सहयोग करती हैं। इससे पहले कैंब्रिज ने मार्च में चेकपॉईंट सीरीज़ शुरू करने की घोषणा की थी, जो 2026 से शुरू होगी। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन तथा शैक्षणिक तालिका में सामंजस्य बिठाना है।

इन परीक्षाओं के लिए 85,000 से अधिक एंट्री प्राप्त हुईं। यह भारत में आयोजित अब तक की सबसे बड़ी मार्च सीरीज़ थी, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कैंब्रिज आईजीसीएसई में पिछले साल के मुकाबले 12 प्रतिशत का उछाल आया, जिसके लिए 62,000 से अधिक प्रविष्टियाँ मिली थीं। वहीं कैंब्रिज एएस एवं ए लेवल के लिए 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,000 से अधिक एंट्री प्राप्त हुईं। यह वृद्धि मार्च सीरीज़ द्वारा भारत में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले अधिक लचीलेपन और विकल्पों को प्रदर्शित करती है, ताकि वो राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश की समय सीमा को पूरा कर सकें और अंतर्राष्ट्रीय अवसर तलाशने के लिए अधिक समय प्राप्त कर सकें। इस वृद्धि से अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा की बढ़ती वैश्विक मांग भी प्रदर्शित होती है।

बेहतरीन परिणामों के लिए विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विनय शर्मा, सीनियर वाईस प्रेसिडेंट, इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप, कैंब्रिज ने कहा, ‘‘हम भारत में सभी विद्यार्थियों को मार्च परीक्षा के परिणामों के लिए बधाई देते हैं। ये परिणाम उनके अथक परिश्रम का प्रमाण हैं। ये उनके शिक्षकों, माता-पिता और स्कूलों की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं। लगातार बढ़ती एंट्री प्रदर्शित करती हैं कि कैंब्रिज किस प्रकार विद्यार्थियों को प्रीमियम, पूरे विश्व में मान्यताप्राप्त पाठ्यक्रम और वो कौशल प्रदान करता है, जो उन्हें तेजी से बदलती दुनिया में सफलता की ओर ले जाएं। यह भारत एवं विश्व के विश्वविद्यालयों के द्वार उनके लिए खोलता है।’’

कैंब्रिज पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक रुचि और करियर के अनुरूप विभिन्न विषयों को चुनने का लचीलापन मिलता है। कैंब्रिज आईजीसीएसई और एंटरनेशनल एएस एवं ए लेवल के सबसे लोकप्रिय विषय मैथमैटिक्स, फिज़िक्स और कैमिस्ट्री हैं, जिससे भारतीय विद्यार्थियों का स्टेम विषयों की ओर झुकाव प्रदर्शित होता है। कैंब्रिज आईजीसीएसई बायलॉजी की लोकप्रियता बढ़ रही है। इसके लिए एंट्री पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत ज्यादा थीं। इससे स्टेम विषयों में इसकी ओर बढ़ती रुचि प्रदर्शित होती है। भारतीय विद्यार्थियों के बीच जीवविज्ञान का महत्व बढ़ रहा है।

परीक्षा की एंट्री में भविष्य के कौशलों की ओर ज्यादा ध्यान रहा। कैंब्रिज आईजीसीएसई ग्लोबल पर्सपेक्टिव में एंट्री 24 प्रतिशत बढ़ीं। विद्यार्थियों को दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में संलग्न करके कैंब्रिज ग्लोबल पर्सपेक्टिव द्वारा क्रिटिकल थिंकिंग, रिसर्च एवं सहयोगपूर्ण प्रॉब्लम सॉल्विंग कौशलों का विकास किया जाता है, जो तेजी से विकसित होते हुए वैश्विक परिदृश्य में बहुत महत्वपूर्ण हैं। कैंब्रिज इंटरनेशनल एएस एवं ए लेवल में अर्थव्यवस्था और बिज़नेस की भी मजबूत स्थिति रही। ये क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर आए, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति को समझने की गहरी रुचि प्रदर्शित होती है।

भारत में 800 से अधिक स्कूल कैंब्रिज अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पेश करते हैं, जो 160 देशों के 10,000 से अधिक स्कूलों में पढ़ाया जाता है। कैंब्रिज ने भारत में मार्च सीरीज़ पेश की, ताकि यह प्रवेश की स्थानीय समय सीमाओं के अनुरूप हो सके और विद्यार्थियों को उनके नतीजे समय से मिल सकें। भारतीय विद्यार्थी जून और नवंबर सीरीज़ में भी कैंब्रिज परीक्षाओं में बैठ सकते हैं।

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कॉन्वेजीनियस ने एडब्लूएस पर 100 मिलियन छात्रों के लिए SwiftChat AI प्लेटफॉर्म बनाया https://fnnnewshindi.com/convegenius-empowers-100-million-students-with-aws/ https://fnnnewshindi.com/convegenius-empowers-100-million-students-with-aws/#comments Thu, 21 Sep 2023 12:12:21 +0000 https://fnnnewshindi.com/?p=658 नई दिल्ली: अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्लूएस) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड* ने आज बताया कि इंडियन एजुकेशन टेक्नोलॉजी (एडटेक) सोशल एंटरप्राइज, कॉन्वेजीनियस ने एडब्लूएस पर सरकारी स्कूलों और कम फ़ीस वाले प्राइवेट स्कूलों के लिए एक कन्वर्सेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट प्लेटफॉर्म, स्विफ्टचैट का विकास किया है। विश्व की इस अग्रणी क्लाउड सेवा के साथ स्विफ्टचैट का उद्देश्य भारत में 100 मिलियन से ज़्यादा विद्यार्थियों को 13 क्षेत्रीय भाषाओं में पर्सनालाइज्ड लर्निंग सामग्री प्रदान करने वाले 53 से अधिक कन्वर्सेशनल एआई चैटबॉट्स का उपयोग कर के-12 स्कूल के विद्यार्थियों के अध्ययन में सुधार लाना है। 19 मिलियन डिवाइसेज में 124 मिलियन विद्यार्थियों के प्रोफाइल के साथ स्विफ्टचैट प्लेटफॉर्म का उपयोग करके सरकारी स्कूल एक ऑम्नीचैनल चैटबॉट बना सकते हैं। पर्सनालाइज्ड लर्निंग के अलावा, स्विफ्टचैट स्कूल प्रशासकों को शिक्षक प्रशिक्षण एवं डेटा पर आधारित निर्णय लेने में समर्थ बनाता है, जिसमें एक स्वस्थ शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में संसाधन की ज़रूरतों का अवलोकन करने और उन्हें पूरा करने की क्षमता भी शामिल है।

भारतीय के नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 ने विद्यार्थियों के लिए पर्सनालाइज्ड लर्निंग को महत्वपूर्ण बनाया है और एडब्लूएस के साथ, कॉन्वेजीनियस भारत सरकारों को विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) को प्रदान करने में मदद कर रहा है, जो विद्यार्थी के नामांकन, भागीदारी और शिक्षा की प्रगति को ट्रैक करने के लिए राज्य स्तर पर एक केंद्रीकृत सिस्टम है। वीएसके से पूरे भारत में 1.5 मिलियन सरकारी स्कूलों के 9.5 मिलियन शिक्षकों को लाभ मिलता है। वीएसके टूलकिट, जिसमें कई स्विफ्टचैट संवादात्मक एआई चैटबॉट शामिल हैं, को गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड सहित 14 राज्यों में तैनात किया गया है। स्विफ्टचैट स्कूल डेटा एकत्र करता है, जिससे राज्यों को सीखने के अंतराल की पहचान करने और स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिक्षा में सुधार करने की अनुमति मिलती है।

कॉन्वेजीनियस ने अपने स्विफ्टचैट प्लेटफॉर्म को 2021 में पिछले क्लाउड प्रदाता से एडब्लूएस में माइग्रेट किया था, जिससे इसे अपने यूज़र्स की संख्या में 154 गुना वृद्धि के लिए तेजी से विस्तार करने में मदद मिली। कॉन्वेजीनियस ने अमेज़न इलास्टिक कंप्यूट क्लाउड (ईसी2) का उपयोग करके अपनी आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर  की लागत में 45% की कमी भी लायी है।

जयराज भट्टाचार्य, को-फाउंडर एवं सीईओ, कॉन्वेजीनियस ने कहा, “स्विफ्टचैट लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्सनालाइज्ड लर्निंग एवं डेटा पर आधारित जानकारी प्रदान करता है और हम एडब्लूएस की क्लाउड सेवाओं द्वारा 100 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचने एवं लागत में 45% बचत प्राप्त करने में समर्थ बने हैं।” यह कई भाषाओं में व्यक्तिगत जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराता है। एडब्लूएस के साथ हमने पूरे भारत में लर्निंग को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए अपने समाधान का तेजी से विकास, विस्तार, कर उसे सुरक्षित किया है। हम विद्यार्थियों को ज़्यादा लाभ देने के लिए जेनरेटिव एआई जैसी आकर्षक टेक्नोलॉजीज का उपयोग करते हुए एडब्लूएस पर विकास करते रहने के लिए आशान्वित हैं।”

पंकज गुप्ता, लीडर – पब्लिक सेक्टर (गवर्नमेंट, एजुकेशन, हेल्थकेयर ), एडब्लूएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, “एडब्लूएस द्वारा पॉवर्ड कन्वेजीनियस का इनोवेटिव स्विफ्टचैट प्लेटफॉर्म भारत में के-12 शिक्षा में परिवर्तन ला रहा है और भारत के सरकारी स्कूल के बच्चों को एक गतिशील और व्यक्तिगत लर्निंग का अनुभव प्रदान कर रहा है।” उन्होंने बताया, “लेटेस्ट एआई और डेटा एनालिटिक्स टूल सहित क्लाउड टेक्नोलॉजीज, पारंपरिक कक्षाओं की सीमाओं का विस्तार कर रही हैं।”

ई-लर्निंग समाधान की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कॉन्वेजीनियस को एक चुस्त और स्केलेबल वातावरण चाहिए था, जिस पर यह अपने चैटबॉट प्लेटफॉर्म को होस्ट कर सके। एक क्लाउड डेटा वेयरहाउस, अमेज़न रेडशिफ्ट की मदद से कॉन्वेजीनियस लर्निंग में सुधार लाने के लिए ज़रूरी कार्रवाई का सुझाव देने के लिए विद्यार्थी की उपस्थिति, व्यवहार, प्राथमिकताएं, प्रोफ़ाइल जानकारी और कोर्सवर्क जैसे स्कूल के डेटा का विश्लेषण कर सकता है। कॉन्वेजीनियस एडब्लूएस शील्ड एडवांस्ड, एडब्लूएस डब्लूएएफ़, एडब्लूएस की-मैनेजमेंट सर्विस (एडब्लूएस केएमएस), अमेज़न गार्ड ड्यूटी और एडब्लूएस सिक्योरिटी हब जैसी एडब्लूएस सिक्योरिटी सेवाओं का भी उपयोग करता है, जो विद्यार्थी और स्कूल के डेटा को सुरक्षित रखते हुए कंपनी की शैक्षिक पेशकशों को सुगमता से चलाने में मदद करती हैं।

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