डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस से क्रिएटर्स को अपने कंटेंट पर अपना नियंत्रण बनाने में मदद मिल रही है

– ओवैस मोहम्मद, डायरेक्टर, सेल्स, एमईए एवं भारत, वेस्टर्न डिजिटल

भारत में क्रिएटर अर्थव्यवस्था का लगातार विकास हो रहा है। इस समय देश में 2 मिलियन से 2.5 मिलियन डिजिटल क्रिएटर सक्रिय हैं। जैसे-जैसे कंटेंट के आकार और जटिलता में वृद्धि होती है, वैसे-वैसे स्मार्ट और स्केलेबल स्टोरेज की जरूरत भी बढ़ती चली जाती है। इस जरूरत को पूरा कर रही है डब्लूडी रेड एचडीडी, जो नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (एनएएस) के लिए डिज़ाईन की गई है और क्रिएटर्स को अपने डिजिटल वर्कफ्लो पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद करती है।

हर वायरल वीडियो या हाई-रिज़ॉल्यूशन की डिज़ाईन फाईल के लिए जबरदस्त डेटा की जरूरत होती है। विश्व में डेटा निर्माण का आकार, जो साल 2005 में 0.425 ज़ेटाबाईट्स था, वह 2028 में बढ़कर 394 ज़ेटाबाईट्स तक पहुँच जाने का अनुमान है, इसलिए क्रिएटर्स को एक ऐसे स्टोरेज की जरूरत है, जो इस वृद्धि के अनुरूप हो।

वेस्टर्न डिजिटल द्वारा हाल ही में कराए गए एक सर्वे के अनुसार 87 प्रतिशत भारतीय अपने डेटा का बैकअप लेकर रखते हैं। इनमें से कई को डिवाईस फेल हो जाने, फ्रैग्मेंटेड फाईल एक्सेस और वर्कफ्लो में गड़बड़ी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस से उन्हें एक भरोसेमंद और ऑलवेज-ऑन सेंट्रलाईज़्ड स्टोरेज सॉल्यूशन प्राप्त होता है, जो कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर और रिमोट कर्मचारियों के लिए अत्यधिक उपयोगी है।

डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस का इस्तेमाल शुरू करने के 5 कारणः

  • फाईलें अलग-अलग जगह बिखरी हुई हैंः एनएएस लैपटॉप, ड्राईव और क्लाउड एकाउंट के कंटेंट को सेंट्रलाईज़ करके उसे व्यवस्थित, सुरक्षित और नेटवर्क-एक्सेसिबल बनाता है।
  • क्लाउड से जरूरत पूरी नहीं हो पा रही हैः क्लाउड पर बड़े वीडियो या डिज़ाईन फाईल अपलोड करना काफी धीमा और महंगा को सकता है। डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस से बिना किसी मासिक शुल्क या लेटेंसी के क्लाउड जैसी एक्सेस प्राप्त होती है।
  • सिंगल डिवाईस बैकअप में जोखिम हैः कई क्रिएटर 3-2-1 नियम का पालन नहीं करते हैं। डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस आरएआईडी की सपोर्ट के साथ आपके डेटा को सुरक्षित रखता है, फिर भले ही एक ड्राईव फेल हो जाए।
  • दूर बैठकर काम करते हुए तालमेल बनाना मुश्किल होता हैः डब्लूडी रेड-पॉवर्ड एनएएस की मदद से फाईल को सुरक्षित रूप से तुरंत शेयर किया जा सकता है, वो भी बिना किसी ईमेल चेन या अपलोड की सीमा के।
  • आप भविष्य के लिए तैयार होना चाहते हैंः भारत में क्रिएटर अर्थव्यवस्था का जैसे-जैसे विकास होगा, स्केलेबल प्रणालियों द्वारा प्रोफेशनल और शौकिया काम करने वालों में अंतर बढ़ता जाएगा।

वेव्स समिट 2025 में माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘‘यह ‘क्रिएट इन इंडिया’ और ‘क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ के लिए उपयुक्त समय है। इस अवसर का लाभ लेने के लिए क्रिएटर्स को केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि सही टूल्स की भी जरूरत है। एनएएस के लिए निर्मित डब्लूडी रेड ड्राईव परफॉर्मेंस, विश्वसनीयता और स्केल प्रदान करती हैं, ताकि भारत में अगली पीढ़ी के डिजिटल क्रिएटर्स समर्थ बन सकें।

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