एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रचा इतिहास, पहली बार जीता US Open का खिताब, बेन शेल्टन को चार सेट में दी करारी शिकस्त

आर्थर ऐश स्टेडियम में जर्मन स्टार का शानदार प्रदर्शन, करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किया

जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार US Open का खिताब अपने नाम कर लिया। न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में ज्वेरेव ने अमेरिका के बेन शेल्टन को चार सेट तक चले मुकाबले में 6 3, 7 6, 5 7, 6 2 से हराकर पहली बार US Open में पुरुष एकल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

यह जीत ज्वेरेव के लिए कई मायनों में बेहद खास रही। यह उनके करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले उन्होंने इस साल फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम हासिल किया था। अब US Open की ट्रॉफी जीतकर उन्होंने अपने शानदार 2026 सीजन को और भी यादगार बना दिया है।

फाइनल में जीत के बाद ज्वेरेव की प्रतिक्रिया ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। मैच प्वाइंट के बाद उन्हें कुछ सेकंड तक यह विश्वास ही नहीं हुआ कि मुकाबला वास्तव में खत्म हो चुका है। उनके इस मासूम और भावुक पल ने खिताबी जीत को और खास बना दिया।

मैच प्वाइंट के बाद ज्वेरेव को नहीं हुआ जीत का यकीन

US Open फाइनल का सबसे यादगार दृश्य मैच खत्म होने के तुरंत बाद देखने को मिला। चौथे सेट में ज्वेरेव मैच जीतने की स्थिति में थे। निर्णायक प्वाइंट पर बेन शेल्टन का फोरहैंड कोर्ट के बाहर चला गया।

ज्वेरेव ने सामान्य तौर पर होने वाले जश्न की तरह तुरंत हाथ नहीं उठाए। वह कुछ कदम पीछे हटे और ऐसा लगा जैसे वह अगले प्वाइंट के लिए खुद को तैयार कर रहे हों। उन्हें कुछ क्षण तक यह समझ ही नहीं आया कि शेल्टन का शॉट बाहर जाने के साथ मुकाबला समाप्त हो चुका है।

आर्थर ऐश स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया के बाद ज्वेरेव को अपनी जीत का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने दोनों हाथ हवा में उठाए और दर्शकों की तरफ देखा। उनके चेहरे पर खुशी, राहत और विश्वास न कर पाने वाली भावनाएं साफ नजर आईं।

यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि ज्वेरेव लंबे समय से अपने दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब का इंतजार कर रहे थे। US Open की ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक और खिताब नहीं थी, बल्कि वर्षों के संघर्ष और पिछली निराशाओं का जवाब भी थी।

पहले दो सेट में ज्वेरेव ने बनाया दबदबा

फाइनल की शुरुआत एलेक्जेंडर ज्वेरेव के पक्ष में रही। उन्होंने पहले सेट में बेन शेल्टन पर लगातार दबाव बनाया और 6 3 से सेट अपने नाम कर लिया।

ज्वेरेव की सर्विस बेहद प्रभावशाली रही और उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी लंबी रैलियों का फायदा उठाया। दूसरी ओर शेल्टन ने भी कई शानदार शॉट लगाए, लेकिन ज्वेरेव की निरंतरता के सामने वह पहले सेट में अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सके।

दूसरे सेट में मुकाबला काफी करीबी हो गया। शेल्टन ने अपनी सर्विस और आक्रामक खेल के दम पर ज्वेरेव को चुनौती दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच कई लंबी रैलियां देखने को मिलीं और सेट टाईब्रेकर तक पहुंच गया।

टाईब्रेकर में ज्वेरेव ने अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने दबाव के बीच शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए टाईब्रेकर 7 2 से जीत लिया और मुकाबले में 2 0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली।

उस समय ऐसा लग रहा था कि ज्वेरेव सीधे तीन सेट में फाइनल खत्म कर सकते हैं। लेकिन बेन शेल्टन ने हार मानने के बजाय जबरदस्त वापसी की।

तीसरे सेट में बेन शेल्टन की धमाकेदार वापसी

तीसरे सेट में शेल्टन ने मैच का रुख बदलने की कोशिश शुरू कर दी। अमेरिकी खिलाड़ी ने अपने आक्रामक अंदाज को और मजबूत किया और ज्वेरेव को लगातार दबाव में रखा।

शेल्टन की सर्विस में जबरदस्त ताकत दिखाई दी। उन्होंने कोर्ट के पीछे से तेज शॉट लगाकर ज्वेरेव को कई बार मुश्किल स्थिति में पहुंचाया। ज्वेरेव के पास दो सेट की बढ़त थी, लेकिन शेल्टन लगातार वापसी की कोशिश करते रहे।

सेट के अंतिम हिस्से में दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। शेल्टन ने महत्वपूर्ण मौकों पर धैर्य बनाए रखा और 7 5 से तीसरा सेट जीत लिया।

इस जीत के साथ शेल्टन ने मुकाबले को चौथे सेट तक पहुंचा दिया। दर्शकों को उम्मीद थी कि युवा अमेरिकी खिलाड़ी इस शानदार वापसी को जीत में बदल सकते हैं।

लेकिन ज्वेरेव ने निर्णायक सेट में कोई गलती नहीं की।

चौथे सेट में ज्वेरेव ने खत्म किया शेल्टन का सपना

चौथे सेट की शुरुआत से ही ज्वेरेव ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने शेल्टन को ज्यादा आक्रामक होने का मौका नहीं दिया और शुरुआती गेमों में ही दबाव बनाना शुरू कर दिया।

ज्वेरेव ने अपनी सर्विस पर नियंत्रण बनाए रखा और रिटर्न गेम में भी शेल्टन की कमजोरियों को निशाना बनाया। जैसे जैसे सेट आगे बढ़ा, ज्वेरेव की बढ़त मजबूत होती गई।

शेल्टन ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इस बार ज्वेरेव ने उन्हें कोई अवसर नहीं दिया। जर्मन खिलाड़ी ने चौथा सेट 6 2 से जीत लिया और इसके साथ ही US Open की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

यह जीत ज्वेरेव के करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बन गई।

शुरुआती दो राउंड में ज्वेरेव को करना पड़ा कड़ा संघर्ष

ज्वेरेव का US Open अभियान फाइनल की तरह आसान नहीं था। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्हें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

पहले दो राउंड में ज्वेरेव को पांच सेट के मुकाबले खेलने पड़े। इन मुकाबलों ने उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता की कड़ी परीक्षा ली। सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले वह लगभग 16 घंटे 40 मिनट कोर्ट पर बिता चुके थे।

इतने लंबे समय तक कोर्ट पर रहने के बावजूद ज्वेरेव ने अपनी फिटनेस और मानसिक मजबूती को बनाए रखा। यही उनकी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।

जैसे जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, उनका खेल लगातार बेहतर होता गया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में धैर्य दिखाया और महत्वपूर्ण मौकों पर अपने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया।

सेमीफाइनल में खाचानोव को हराकर फाइनल में पहुंचे

एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने सेमीफाइनल में रूस के करेन खाचानोव को 6 3, 7 6, 7 6 से हराया।

यह जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसके साथ ही उन्होंने छह साल बाद US Open के फाइनल में वापसी की।

ज्वेरेव के लिए US Open का नाम 2020 की एक कड़वी याद से भी जुड़ा रहा है। उस साल वह फाइनल में डोमिनिक थीम के खिलाफ दो सेट की बढ़त लेने के बावजूद खिताब जीतने से चूक गए थे।

उस हार ने उनके करियर पर लंबे समय तक प्रभाव डाला। लेकिन 2026 में उन्होंने उसी टूर्नामेंट में वापसी करते हुए आखिरकार ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

2020 की हार का दर्द हुआ खत्म

ज्वेरेव की US Open जीत को सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम खिताब के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह छह साल पुरानी निराशा पर उनकी शानदार जीत भी है।

2020 में ज्वेरेव अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक कदम दूर थे। उन्होंने डोमिनिक थीम के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट जीतकर शानदार शुरुआत की थी। इसके बावजूद वह मुकाबला हार गए।

उस हार के बाद ज्वेरेव को अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखने पड़े। उन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उनके हाथ नहीं लगी।

अब 2026 में उन्होंने पहले फ्रेंच ओपन और फिर US Open जीतकर उस कमी को पूरी तरह दूर कर दिया है।

बेन शेल्टन ने अल्काराज और टियाफो को हराकर बनाया इतिहास

बेन शेल्टन का US Open अभियान भी शानदार और ऐतिहासिक रहा। अमेरिकी खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे।

उनके अभियान की सबसे बड़ी जीत क्वार्टर फाइनल में कार्लोस अल्काराज के खिलाफ रही। शेल्टन ने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल अल्काराज को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर किया।

यह मुकाबला सुबह 3 बजकर 33 मिनट पर खत्म हुआ था। इतनी देर रात तक चले कठिन मुकाबले के बाद भी शेल्टन ने खुद को संभाला और सेमीफाइनल में फ्रांसिस टियाफो को मात दी।

टियाफो के खिलाफ जीत के साथ शेल्टन ने पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई।

उनकी यह उपलब्धि अमेरिकी टेनिस के लिए भी ऐतिहासिक रही।

शेल्टन ने अमेरिकी टेनिस की उम्मीद जगाई

बेन शेल्टन 1972 में आर्थर ऐश के बाद US Open पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी खिलाड़ी बने।

उनकी सफलता ने अमेरिकी टेनिस में नई उम्मीद पैदा की। लंबे समय से अमेरिकी पुरुष टेनिस ग्रैंड स्लैम स्तर पर एक बड़े खिताब का इंतजार कर रहा है।

2003 में एंडी रॉडिक के US Open जीतने के बाद से कोई अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल खिताब नहीं जीत सका है।

शेल्टन के फाइनल तक पहुंचने से लगा था कि शायद इस बार इतिहास बदल सकता है। हालांकि ज्वेरेव ने उनके सपने को पूरा नहीं होने दिया।

फिर भी शेल्टन का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है और आने वाले वर्षों में उनसे बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं।

ट्रिनिटी रोडमैन बनीं चर्चा का हिस्सा

बेन शेल्टन की गर्लफ्रेंड और अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी ट्रिनिटी रोडमैन भी फाइनल देखने के लिए आर्थर ऐश स्टेडियम पहुंचीं।

रोडमैन इससे पहले अपने क्लब वॉशिंगटन स्पिरिट के मुकाबले में व्यस्त थीं। इसके बाद वह न्यूयॉर्क पहुंचीं और शेल्टन को फाइनल में समर्थन दिया।

मैच के बाद ज्वेरेव ने हल्के फुल्के अंदाज में रोडमैन को शेल्टन का लकी चार्म बताया।

ज्वेरेव की यह टिप्पणी फाइनल के बाद चर्चा का हिस्सा बन गई। हालांकि शेल्टन के लिए उनका लकी चार्म इस बार खिताब जीतने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।

फ्रेंच ओपन के बाद US Open जीतकर ज्वेरेव ने रचा नया इतिहास

2026 एलेक्जेंडर ज्वेरेव के करियर का सबसे शानदार साल बनता जा रहा है। उन्होंने साल की शुरुआत से ही लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और फ्रेंच ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।

अब US Open जीतकर उन्होंने एक ही साल में दो ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर लिए हैं।

यह उपलब्धि ज्वेरेव की मानसिक मजबूती, फिटनेस और लगातार बेहतर होते खेल को दर्शाती है। वह लंबे समय से दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, लेकिन ग्रैंड स्लैम खिताब की कमी उनके करियर की सबसे बड़ी चर्चा रही थी।

अब उनके नाम दो ग्रैंड स्लैम खिताब हो चुके हैं और उनके करियर को एक नई ऊंचाई मिल गई है।

ज्वेरेव के लिए US Open जीत का क्या मतलब है

US Open की यह जीत ज्वेरेव के लिए सिर्फ ट्रॉफी हासिल करने की कहानी नहीं है। यह संघर्ष, धैर्य और वापसी की प्रेरणादायक कहानी है।

छह साल पहले इसी टूर्नामेंट में वह खिताब के बेहद करीब पहुंचकर हार गए थे। इस बार उन्होंने शुरुआती दौर की कठिन चुनौतियों को पार किया, लंबे मुकाबले खेले, सेमीफाइनल में मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराया और फाइनल में शेल्टन की चुनौती का सामना किया।

सबसे खास बात यह रही कि तीसरे सेट में शेल्टन की वापसी के बावजूद ज्वेरेव ने अपना संयम नहीं खोया। चौथे सेट में उन्होंने फिर से नियंत्रण हासिल किया और मुकाबले को शानदार अंदाज में समाप्त किया।

निष्कर्ष

एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने US Open 2026 का खिताब जीतकर अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। बेन शेल्टन के खिलाफ चार सेट के फाइनल में मिली जीत ने उन्हें पहली बार US Open चैंपियन बनाया और उनके ग्रैंड स्लैम खिताबों की संख्या दो कर दी।

इस ऐतिहासिक जीत का सबसे भावुक पल वह रहा जब मैच प्वाइंट के बाद ज्वेरेव को कुछ सेकंड तक यकीन ही नहीं हुआ कि मुकाबला खत्म हो चुका है। दर्शकों के शोर से जब उन्हें जीत का एहसास हुआ, तो उन्होंने दोनों हाथ उठाकर आर्थर ऐश स्टेडियम की भीड़ का अभिवादन किया।

एक तरफ ज्वेरेव ने छह साल पुरानी US Open की हार का हिसाब बराबर किया, तो दूसरी तरफ बेन शेल्टन ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचकर अमेरिकी टेनिस के भविष्य की उम्मीदों को मजबूत किया।

फ्रेंच ओपन के बाद US Open की शानदार जीत ने ज्वेरेव को 2026 के सबसे प्रभावशाली टेनिस खिलाड़ियों में मजबूती से स्थापित कर दिया है। न्यूयॉर्क की यह रात उनके करियर की उन यादगार रातों में शामिल हो गई है, जिसे टेनिस इतिहास लंबे समय तक याद रखेगा।

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5 thoughts on “एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रचा इतिहास, पहली बार जीता US Open का खिताब, बेन शेल्टन को चार सेट में दी करारी शिकस्त”

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