मेलबर्न में गेंदबाजों का कहर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड 75 ओवर में ऑलआउट बॉक्सिंग डे टेस्ट बना रोमांच का अखाड़ा


एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट के पहले दिन 20 विकेट गिरे ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त इंग्लैंड की बल्लेबाजी फिर हुई फेल


मेलबर्न टेस्ट का पहला दिन बना ऐतिहासिक

एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट का पहला दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा। शुक्रवार को खेले गए इस मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को ऐसा रोमांच देखने को मिला जो टेस्ट क्रिकेट की आत्मा को दर्शाता है। केवल 75 ओवर में 20 विकेट गिर जाना इस बात का सबूत है कि पिच और परिस्थितियों ने बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ली। ऑस्ट्रेलिया 152 रन पर ऑलआउट हो गया जबकि इंग्लैंड की पूरी टीम सिर्फ 110 रन ही बना सकी। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 42 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

टॉस का फैसला और शुरुआती रणनीति

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका यह निर्णय शुरुआती ओवरों में बिल्कुल सही साबित हुआ। तेज गेंदबाजों को पिच से शानदार उछाल और स्विंग मिली। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में नजर आए और रन बनाना आसान नहीं रहा।

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी संघर्ष भरी

पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल रहा और टीम ने 91 रन तक छह विकेट गंवा दिए। बल्लेबाज एक के बाद एक विकेट फेंकते चले गए। हालात ऐसे बन गए कि ऑस्ट्रेलिया का स्कोर कभी भी बड़ा नहीं लग रहा था।

माइकल नेसर बने सबसे सफल बल्लेबाज

ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर ने सबसे अधिक 35 रन बनाए। निचले क्रम में आकर उन्होंने जिम्मेदारी दिखाई और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उनके अलावा उस्मान ख्वाजा ने 29 रन और एलेक्स कैरी ने 20 रन जोड़े। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका जो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की मुश्किलें साफ दिखाता है।

अंतिम विकेटों का निराशाजनक पतन

ऑस्ट्रेलिया के आखिरी तीन विकेट बिना कोई रन जोड़े गिर गए। यह दृश्य दर्शाता है कि इंग्लैंड के गेंदबाजों ने किस कदर दबाव बनाया। एक समय ऐसा लगा कि ऑस्ट्रेलिया 140 के भीतर ही सिमट जाएगा लेकिन नेसर की पारी ने टीम को 152 तक पहुंचा दिया।

इंग्लैंड के गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन

इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी की और पांच विकेट झटके। उनकी गति और सटीकता ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को कोई मौका नहीं दिया। गस एटकिंसन को दो विकेट मिले जबकि ब्रायडन कार्स और कप्तान बेन स्टोक्स ने एक एक विकेट हासिल किया। इंग्लैंड की गेंदबाजी इस दिन पूरी तरह अनुशासित और आक्रामक नजर आई।

स्टीव स्मिथ का चौंकाने वाला आउट

जोश टंग ने स्टीव स्मिथ को जिस तरह क्लीन बोल्ड किया वह दिन का सबसे चर्चित पल रहा। गेंद सीधी मिडिल स्टंप पर लगी और स्मिथ खुद भी इस आउट से हैरान नजर आए। उन्होंने 31 गेंदों में सिर्फ 9 रन बनाए। कप्तान के जल्दी आउट होने से ऑस्ट्रेलिया का मध्यक्रम और दबाव में आ गया।

इंग्लैंड की बल्लेबाजी रही और भी कमजोर

अगर ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी खराब रही तो इंग्लैंड की शुरुआत उससे भी बदतर रही। इंग्लैंड के चार विकेट महज 16 रन पर गिर गए। यह किसी भी टेस्ट मैच में बेहद दुर्लभ दृश्य होता है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शुरुआत से ही इंग्लिश बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।

शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल

जैक क्रॉली 5 रन बनाकर आउट हुए। बेन डकेट सिर्फ 2 रन ही जोड़ सके। जैकब बेथेल केवल 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अनुभवी बल्लेबाज जो रूट अपना खाता भी नहीं खोल सके। इस तरह इंग्लैंड का शीर्ष क्रम पूरी तरह ढह गया।

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का आक्रमण

मिचेल स्टार्क ने अपनी रफ्तार से क्रॉली और डकेट को आउट किया। माइकल नेसर ने बेथेल और जो रूट के विकेट झटके। शुरुआती झटकों से इंग्लैंड की टीम पूरी तरह लड़खड़ा गई और ऐसा लगने लगा कि पारी बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी।

ब्रूक और स्टोक्स की संघर्षपूर्ण साझेदारी

इसके बाद हैरी ब्रूक और बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड की पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई। हैरी ब्रूक ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और मात्र 34 गेंदों में 41 रन बनाए जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने इंग्लैंड को कुछ उम्मीद दी।

साझेदारी टूटते ही फिर बिखरी टीम

जैसे ही हैरी ब्रूक आउट हुए इंग्लैंड की पारी फिर से बिखर गई। जेमी स्मिथ केवल 2 रन और विल जैक्स 5 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी टीम 110 रन पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 42 रन की बढ़त मिल गई।

ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर ने चार विकेट लिए और दिन के सबसे सफल गेंदबाज रहे। स्कॉट बोलैंड ने तीन विकेट झटके जबकि मिचेल स्टार्क को दो विकेट मिले। कैमरन ग्रीन ने भी एक विकेट हासिल किया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने लाइन लेंथ और अनुशासन का बेहतरीन नमूना पेश किया।

75 ओवर में 20 विकेट टेस्ट क्रिकेट का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 45 ओवर से थोड़ी अधिक में समाप्त हुई जबकि इंग्लैंड की पारी 30 ओवर से कम में सिमट गई। कुल मिलाकर 75 ओवर में 20 विकेट गिरना इस मैच को खास बनाता है। न कोई हाफ सेंचुरी बनी और न ही बल्लेबाजों को टिकने का मौका मिला।

दिन का अंत ऑस्ट्रेलिया के नाम

इंग्लैंड की पारी समाप्त होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी की शुरुआत की। स्टंप्स तक टीम ने एक ओवर में बिना विकेट खोए 4 रन बना लिए। ट्रैविस हेड और नाइट वॉचमैन स्कॉट बोलैंड क्रीज पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया की नजर अब बढ़त को मजबूत करने पर होगी।

एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा

यह मुकाबला भले ही रोमांचक हो लेकिन सीरीज के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया पहले ही मजबूत स्थिति में है। पांच मैचों की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया शुरुआती तीनों टेस्ट जीतकर 3 शून्य की अजेय बढ़त बना चुका है। मेलबर्न टेस्ट में भी टीम ने पहले दिन बढ़त लेकर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

कमिंस और लायन की गैरमौजूदगी

ऑस्ट्रेलिया इस टेस्ट में अपने नियमित कप्तान पैट कमिंस के बिना उतर रहा है। तीसरे टेस्ट के बाद चोट के कारण वे सीरीज से बाहर हो गए। उनकी जगह स्टीव स्मिथ कप्तानी कर रहे हैं। वहीं अनुभवी स्पिनर नाथन लायन भी चोट के चलते बाहर हैं और उनकी सर्जरी हो चुकी है। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन शानदार रहा है।

बॉक्सिंग डे टेस्ट की परंपरा

मेलबर्न का बॉक्सिंग डे टेस्ट क्रिकेट इतिहास की एक खास परंपरा है। यह मैच हर साल 26 दिसंबर को खेला जाता है। इसका बॉक्सिंग खेल से कोई संबंध नहीं है। दरअसल क्रिसमस के अगले दिन लोगों द्वारा उपहार बांटने की परंपरा के कारण इस दिन को बॉक्सिंग डे कहा जाता है। इस दिन खेला गया टेस्ट मैच हमेशा खास माना जाता है।

आगे क्या हो सकता है मैच में

ऑस्ट्रेलिया के पास अब मौका है कि वह दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी कर इंग्लैंड पर दबाव बनाए। इंग्लैंड के लिए वापसी आसान नहीं होगी क्योंकि पिच पर गेंदबाजों को लगातार मदद मिल रही है। अगर ऑस्ट्रेलिया 250 से ऊपर की बढ़त बना लेता है तो मैच एकतरफा हो सकता है।

टेस्ट क्रिकेट का असली स्वाद

मेलबर्न टेस्ट का पहला दिन यह साबित करता है कि टेस्ट क्रिकेट आज भी रोमांच और संघर्ष से भरा हुआ है। जब गेंद और बल्ले के बीच संतुलन होता है तब खेल का असली मजा देखने को मिलता है। इस मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भर दिया है और अब सभी की नजरें दूसरे दिन के खेल पर टिकी हैं।

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