शिफ्टएड 2026 में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा ध्यान शैक्षणिक उत्कृष्टता और नरेला शहर को विश्वस्तर का ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने पर केंद्रित है

• भारतीय स्टूडेंट्स को विदेश में पढ़ने के डेटा-आधारित विकल्प चुनने में मदद करने के लिए ए.आई-पॉवर्ड टूल्स लॉन्च किए।
• 1500+ स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप, ऑन-द-स्पॉट कंडीशनल ऑफर, प्रैक्टिकल फाइनेंसिंग, ए.आई-पॉवर्ड शॉर्टलिस्टिंग और वीज़ा गाइडेंस प्राप्त हुए।
नई दिल्ली, 25 फरवरी, 2026: बदलते भू-राजनैतिक परिदृश्य में विदेश में पढ़ने का वातावरण भी बदल रहा है, ऐसे समय में आयोजित शिफ्टएड के तीसरे एडिशन में 1500+ से ज़्यादा स्टूडेंट्स, 30+ ग्लोबल यूनिवर्सिटीज़ और 8 फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स ने हिस्सा लिया। इसका उद्घाटन दिल्ली सरकार के माननीय गृह, बिजली और शिक्षा मंत्री, श्री आशीष सूद द्वारा किया गया। इस समिट में ग्लोबल हायर एजुकेशन में सहयोग के नए अवसरों का विकास करने तथा दिल्ली को अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने का उनका उद्देश्य प्रदर्शित हुआ।
ग्रैडराइट द्वारा तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म पर एक दिन के लिए स्टूडेंट्स, ग्लोबल यूनिवर्सिटी लीडर्स, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और पॉलिसीमेकर्स ने चर्चा, उपलब्धता और अवसरों की बातचीत के लिए हिस्सा लिया। यहाँ पर ग्लोबल एजुकेशन इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया गया, जिससे स्टूडेंट्स को स्पष्टता और आत्मविश्वास प्राप्त हुए। अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के कुछ हिस्सों में वीज़ा सिस्टम सख्त होने, इमिग्रेशन के नियमों में बदलाव और करेंसी में उतार-चढ़ाव के बीच, भारतीय स्टूडेंट्स और परिवार विदेश में पढ़ाई की योजना बनाने से पहले उस बारे में साफ और व्यवहारिक मार्गदर्शन पाना चाहते हैं। इसलिए, शिफ्टएड जैसे प्लेटफॉर्म एडमिशन, फंडिंग, कम्प्लायंस और पढ़ाई के बाद करियर की जानकारी देने तथा अनिश्चितता दूर करके उन्हें कारगर विकल्प प्रदान करने के लिए बहुत जरूरी हैं।
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री, श्री आशीष सूद ने कहा, “हम नरेला एजुकेशन सिटी के काम में तेजी लाते हुए एक साझा, विश्वस्तर का परिवेश विकसित कर रहे हैं, जहाँ यूनिवर्सिटी मिलकर काम कर सकें और नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। हम नरेला और केंद्र सरकार की यूनिवर्सिटी टाउनशिप पहल में तालमेल बना रहे हैं, तथा शिफ्टएड में हिस्सा लेने वाले संस्थानों को हमारे ग्लोबल बोर्ड ऑफ मेंटर्स में शामिल होने तथा इस उद्देश्य का साझेदार बनने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। 2035 तक 50% सकल एनरोलमेंट अनुपात का लक्ष्य लेकर हम अवसरों का विस्तार कर रहे हैं। हमारा मानना है कि उच्च शिक्षा का चरित्र भारतीय पर दृष्टिकोण ग्लोबल होना चाहिए। हम दिल्ली को इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयार कर रहे हैं और स्टूडेंट्स को सफल होने का मंच प्रदान कर रहे हैं ।”
शिफ्टएड 2026 का समापन करते हुए ग्रैडराइट के को-फाउंडर, अमन सिंह ने कहा, “ग्लोबल एजुकेशन के परिवेश में हो रहे परिवर्तनों को आशावादी दृष्टिकोण से देखना चाहिए। ये परिवर्तन रास्तों को बंद नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके मानक बढ़ा रहे हैं। इसलिए उन्हें बेहतर तैयारी करनी होगी और ऐसे प्रोग्राम चुनने होंगे, जो नौकरी के लिए ज्यादा मांग में हों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हों। अस्थायी नीतियां झिझक पैदा कर सकती हैं, पर बुनियादी सिद्धांत मजबूत बने रहते हैं। ग्रैडराइट में हम स्टूडेंट्स को इन अनिश्चितताओं से आगे देखने और लंबे समय तक ग्लोबल सफलता पाने के लिए नतीजों पर आधारित फैसले लेने में मदद करते हैं।”
इस फोरम में साल 2023 से अब तक 9,000+ स्टूडेंट्स, 52 अंतर्राष्ट्रीय और 35 घरेलू संस्थानों तथा 18 फाइनेंशियल पार्टनर्स को बुलाया जा चुका है; इस साल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सैन डिएगो, वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी इन सेंट लुइस, रटगर्स बिज़नेस स्कूल, लेहाई यूनिवर्सिटी, लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ अर्कांसस और बिट्स पिलानी दुबई के डीन तथा सीनियर फैकल्टी एवं पोन्नावाला और आईसीआईसीआई बैंक जैसे लेंडिंग पार्टनर स्टूडेंट्स से बात करने के लिए मौजूद थे। इस इवेंट में, स्टूडेंट्स को ₹80 लाख से अधिक की स्कॉलरशिप का प्रिफरेंस एलोकेशन मिला।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ सैन डिएगो में शिले-मार्कोस स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन, डॉ. रॉबर्ट चेल ने कहा, “हम भारत में जहाँ-जहाँ गए, वाहन हमें असाधारण प्रतिभा और सहयोग करने की इच्छा दिखी। हम विभिन्न और व्यवहारिक रास्ते तैयार करना चाहते हैं, जो विश्व-स्तर की इंजीनियरिंग शिक्षा को उपयोगी और उपलब्ध बना सकें. को आसान और काम का बना सकें। हम ड्युअल-डिग्री और एक्ज़िक्यूटिव विकल्प बढ़ा रहे हैं। भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए ऑनलाइन मास्टर डिग्री शुरू कर रहे हैं, तथा पार्टनर्स की मदद से स्कॉलरशिप एवं इंटर्नशिप के अवसर बढ़ा रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स स्थानीय संदर्भ को भूले बिना प्रभावी अध्ययन कर सकें। हम भारतीय यूनिवर्सिटीज़ को अपने पाठ्यक्रम में ए.आई शामिल करने तथा अपने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पर काम करने में मदद करना चाहते हैं। शिफ्टएड में हम उन भारतीय स्टूडेंट्स के लिए अवसरों का निर्माण करने पर केंद्रित हैं, जो अपने देश में करियर निर्माण करते हुए ग्लोबल चुनौतियों को हल करने के लिए तैयार हैं।”
शिफ्टएड के बारे में डीन माइकल मैज़ियो, वॉशयू सेंट लुइस ने कहा, “हम श्री आशीष सूद की दूरदर्शिता से प्रेरित हैं। भारत और दिल्ली में उच्च शिक्षा के लिए क्षमता और आशा मौजूद है। एजुकेशन की एक नई दुनिया के लिए पक्का वादा और उम्मीद है। हम नरेला एजुकेशन सिटी का विकास करने के उनके मिशन में अपना पूरा योगदान देंगे।
शिफ्टएड 2026 में विभिन्न सत्रों और गेमीफाइड वर्कशॉप्स में 300+ से अधिक स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। इस साल की मुख्य पहल ग्रैडी द्वारा पॉवर्ड ग्रैडराइट ऐप का लॉन्च था। यह उच्च शिक्षा के लिए एक ए.आई को-पायलट है, जो भारतीय स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी शॉर्टलिस्ट बिल्डर, वीज़ा चांस प्रेडिक्टर और एडमिट प्रोबेबिलिटी चेकर जैसे टूल्स द्वारा रियल-टाइम और डेटा पर आधारित स्पष्टता प्रदान करता है। लेंडिंग और इंश्योरेंस पार्टनर्स के सीनियर रिप्रेजेंटेटिव्स के मार्गदर्शन में फाइनेंसिंग, लोन स्ट्रक्चर और रीपेमेंट के विकल्पों पर व्यवहारिक वर्कशॉप्स का आयोजन किया गया, जिनमें पेरेंट्स और स्टूडेंट्स की मजबूत प्रतिभागिता दर्ज हुई। अमेरिका, जर्मनी और न्यूज़ीलैंड के लिए वीज़ा काउंसलिंग ने भी आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया ।”

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