स्पर्श पर्ल ने प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर राहुल मलोदिया के साथ विशेष Employees डेवलपमेंट सेशन का आयोजन किया

लोगों को प्राथमिकता देने की सोच को मजबूती; कार्यस्थल पर जिम्मेदारी और निरंतर विकास की संस्कृति पर जोर
नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025: भारत के बाथ फिटिंग्स उद्योग में तीन दशकों से अधिक की उत्कृष्ट विरासत रखने वाली स्पर्श पर्ल ने प्रख्यात बिज़नेस कोच और मोटिवेशनल स्पीकर राहुल मलोदिया के साथ एक विशेष कर्मचारी विकास सत्र का आयोजन किया। इस पहल का आयोजन कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री नरेश गर्ग द्वारा किया गया, जो कर्मचारियों के समग्र विकास और मजबूत कार्य संस्कृति के निर्माण की उनकी सोच को दर्शाता है।
दो घंटे तक चले इस सत्र में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। सत्र का मुख्य विषय था — जिम्मेदारी (Ownership)। राहुल मलोदिया ने अपने सरल और व्यावहारिक अंदाज़ में बताया कि अपने कार्य की जिम्मेदारी लेना कैसे व्यक्तिगत विकास, टीम की दक्षता और संगठन की दीर्घकालिक सफलता की नींव बनता है।
इस अवसर पर श्री नरेश गर्ग, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, स्पर्श पर्ल ने कहा,
“स्पर्श पर्ल के लिए हमारे लोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। जब हमारी टीम आगे बढ़ती है, तो कंपनी भी अपने आप आगे बढ़ती है। मैं चाहता हूँ कि हर कर्मचारी आत्मविश्वासी, सशक्त और अपने काम के प्रति जिम्मेदार बने। यह सत्र इसी सोच को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया था कि जिम्मेदारी कोई काम नहीं, बल्कि एक सोच है जो करियर को आकार देती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज के तेज़ी से बदलते कारोबारी माहौल में कंपनियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कर्मचारियों के भीतर मजबूत मूल्य, आत्म-प्रेरणा और स्पष्ट सोच विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
सत्र के दौरान कार्यस्थल से जुड़े वास्तविक उदाहरणों, व्यवहारिक परिस्थितियों और रोज़मर्रा के अनुभवों पर चर्चा की गई, जहाँ कर्मचारी स्वयं पहल कर बेहतर निर्णय ले सकते हैं। सत्र का संवादात्मक स्वरूप सभी प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ने में सफल रहा और आत्म-मंथन के अवसर प्रदान किए।
आर्चित गर्ग ने स्पर्श पर्ल की कोर लीडरशिप टीम के अन्य सदस्यों—रचित गर्ग और मनीष गुप्ता—के साथ कार्यक्रम को संबोधित किया। आर्चित गर्ग ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिम्मेदारी की संस्कृति कार्यस्थल पर उत्पादकता, विश्वास और टीमवर्क को मजबूत बनाती है। रचित गर्ग ने कर्मचारियों को सत्र से मिली सीख को अपने दैनिक कार्यों में अपनाने और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ संगठनात्मक लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जबकि मनीष गुप्ता ने मजबूत टीम निर्माण और दीर्घकालिक संगठनात्मक विकास के लिए आत्म-अनुशासन और जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया।
स्पर्श पर्ल के लिए यह पहल एक व्यापक आंतरिक विकास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, नेतृत्व कौशल विकसित करना और कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता देना है। राहुल मलोदिया जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं को आमंत्रित कर, कंपनी एक ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है जहाँ सीखना निरंतर चलता रहे और हर कर्मचारी खुद को मूल्यवान महसूस करे।

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