बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की दमदार प्लेइंग XI घोषित, कमिंस हेजलवुड और स्टार्क की खतरनाक तिकड़ी की वापसी

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में गुरुवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी मजबूत और संतुलित टीम के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया है। सबसे बड़ा फैसला तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना है। उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को मौका दिया गया है।
इस मुकाबले के साथ ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी की सबसे खतरनाक तिकड़ी एक बार फिर मैदान पर दिखाई देगी। कप्तान पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क एक साल से ज्यादा समय के बाद पहली बार किसी टेस्ट मुकाबले में एक साथ खेलते नजर आएंगे। इन तीनों गेंदबाजों की वापसी बांग्लादेश के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मुकाबला कई मायनों में बेहद खास है। टीम करीब 20 साल के बाद डार्विन में टेस्ट मैच खेलने उतर रही है। साथ ही पिछले आठ महीनों में यह उसका पहला टेस्ट मुकाबला होगा। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत के साथ नई टेस्ट यात्रा शुरू करना चाहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में बड़े फैसले
ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट के लिए एक बेहद संतुलित प्लेइंग इलेवन चुनी है। टीम में अनुभवी बल्लेबाजों के साथ दो शानदार ऑलराउंडर और तीन विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज मौजूद हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी अनुभवी नाथन लायन संभालेंगे।
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में जैक वेदरल्ड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, कैमरन ग्रीन, एलेक्स केरी, ब्यू वेबस्टर, मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, नाथन लायन और जोश हेजलवुड शामिल हैं।
इस टीम की सबसे बड़ी ताकत इसका अनुभव है। शीर्ष क्रम में ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ जैसे बल्लेबाज हैं। मध्यक्रम में कैमरन ग्रीन और एलेक्स केरी टीम को मजबूती देते हैं। गेंदबाजी में कमिंस, स्टार्क और हेजलवुड के अलावा नाथन लायन का अनुभव ऑस्ट्रेलिया को बेहद मजबूत बनाता है।
स्कॉट बोलैंड को क्यों नहीं मिला मौका
स्कॉट बोलैंड को पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ताओं का सबसे चर्चित फैसला है। बोलैंड ने पिछले कुछ समय में टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और वह ऑस्ट्रेलिया के भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल हो चुके हैं।
इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने डार्विन की परिस्थितियों को देखते हुए जोश हेजलवुड को प्राथमिकता दी है। हेजलवुड अपनी सटीक लाइन और लेंथ के लिए जाने जाते हैं। वह लंबे स्पेल में लगातार दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं।
बोलैंड का बाहर होना यह भी दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया के पास तेज गेंदबाजी में कितनी गहराई मौजूद है। किसी भी मजबूत टीम के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण स्थिति होती है कि उसके प्रमुख गेंदबाजों में से एक को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाती है।
कमिंस हेजलवुड और स्टार्क की खतरनाक तिकड़ी
पहले टेस्ट की सबसे बड़ी खबर ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी तिकड़ी की वापसी है। पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क लंबे समय के बाद एक साथ टेस्ट मैच खेलेंगे।
इन तीनों गेंदबाजों की अपनी अलग खासियत है। कमिंस अपनी गति, उछाल और लगातार दबाव बनाने के लिए जाने जाते हैं। हेजलवुड अपनी सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान करते हैं। वहीं स्टार्क बाएं हाथ के तेज गेंदबाज होने के कारण बल्लेबाजों के लिए अलग तरह की चुनौती पेश करते हैं।
अगर डार्विन की पिच से तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलती है तो यह तिकड़ी बांग्लादेश के शीर्ष क्रम के सामने बड़ा खतरा बन सकती है। नई गेंद के साथ स्टार्क और हेजलवुड दोनों तरफ से दबाव बना सकते हैं जबकि कमिंस कप्तान के रूप में गेंदबाजी में आक्रामक विकल्प दे सकते हैं।
नाथन लायन की शानदार वापसी
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में नाथन लायन की वापसी भी बेहद महत्वपूर्ण है। लायन एशेज सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टीम से बाहर रहे थे। अब फिट होकर वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं।
लायन लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद स्पिन गेंदबाज रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके अनुभव का फायदा खासतौर पर तब मिलेगा जब मैच आगे बढ़ेगा और पिच पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मदद पैदा होगी।
बांग्लादेश के खिलाफ लायन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। बांग्लादेश की टीम स्पिन गेंदबाजी को अच्छी तरह खेलने के लिए जानी जाती है। ऐसे में लायन को अपनी विविधता और अनुभव का इस्तेमाल करके बांग्लादेशी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखना होगा।
दो ऑलराउंडर्स से मजबूत हुआ ऑस्ट्रेलिया का संतुलन
ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट में कैमरन ग्रीन और ब्यू वेबस्टर दोनों को शामिल किया है। दो ऑलराउंडरों की मौजूदगी टीम को शानदार संतुलन देती है।
कैमरन ग्रीन लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया की भविष्य की बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं। वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त विकल्प देती है।
ब्यू वेबस्टर भी हाल के समय में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। वह जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकते हैं।
इन दोनों खिलाड़ियों की वजह से ऑस्ट्रेलिया के पास मैच की परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने की पर्याप्त क्षमता रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी में अनुभव और आक्रामकता
ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम भी बेहद मजबूत नजर आ रहा है। जैक वेदरल्ड को पारी की शुरुआत करने का मौका मिला है और उनके साथ ट्रैविस हेड मौजूद रहेंगे।
ट्रैविस हेड पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के सबसे खतरनाक टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विपक्षी टीम की गेंदबाजी रणनीति को शुरुआत से ही कमजोर कर सकती है।
मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ जैसे बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को स्थिरता देते हैं। दोनों खिलाड़ी लंबी पारियां खेलने और विपक्षी गेंदबाजों को थकाने की क्षमता रखते हैं।
मध्यक्रम में कैमरन ग्रीन और विकेटकीपर एलेक्स केरी मौजूद हैं। केरी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं और विकेट के पीछे भी उनकी भूमिका अहम रहती है।
बांग्लादेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती
बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया की यह टीम किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगी। खासतौर पर तेज गेंदबाजी विभाग में ऑस्ट्रेलिया के पास जबरदस्त अनुभव मौजूद है।
बांग्लादेश के बल्लेबाजों को शुरुआती ओवरों में स्टार्क और हेजलवुड की गति और सटीकता का सामना करना होगा। इसके बाद कप्तान कमिंस लगातार दबाव बनाए रखने की कोशिश करेंगे।
अगर बांग्लादेश के बल्लेबाज शुरुआती झटकों से बच जाते हैं तो नाथन लायन की स्पिन उनके सामने अगली बड़ी चुनौती होगी। इसलिए बांग्लादेश के लिए पहली पारी में मजबूत स्कोर बनाना बेहद जरूरी होगा।
बांग्लादेश की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी
बांग्लादेश की टीम भी अनुभवी खिलाड़ियों से सजी हुई है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो के साथ मेहदी हसन मिराज टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा हैं।
टीम में सौम्य सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम और मोमिनुल हक जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं। इसके अलावा मुश्फिकुर रहीम और लिटन दास का अनुभव बांग्लादेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
गेंदबाजी विभाग में तस्कीन अहमद, हसन महमूद, तजुल इस्लाम और अन्य गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को चुनौती देने की कोशिश करेंगे।

बांग्लादेश के लिए मुश्फिकुर रहीम और लिटन दास अहम
बांग्लादेश की बल्लेबाजी में मुश्फिकुर रहीम और लिटन दास की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी अनुभव रखते हैं और दबाव की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के खिलाफ बांग्लादेश को शुरुआत से ही धैर्य दिखाना होगा। विकेट बचाकर बल्लेबाजी करना और खराब गेंदों का फायदा उठाना टीम की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
अगर बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के शुरुआती दबाव को झेलने में सफल रहते हैं तो मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता है।
डार्विन में 20 साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी
डार्विन में टेस्ट क्रिकेट की वापसी इस मुकाबले को ऐतिहासिक बना रही है। ऑस्ट्रेलियाई टीम करीब 20 साल बाद इस मैदान पर टेस्ट मुकाबला खेलने उतर रही है।
डार्विन की परिस्थितियां खिलाड़ियों के लिए एक अलग चुनौती पेश कर सकती हैं। गर्म और उमस भरे मौसम का असर गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों पर पड़ सकता है। ऐसे वातावरण में फिटनेस और धैर्य बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
ऑस्ट्रेलिया घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगा, जबकि बांग्लादेश के पास परिस्थितियों को समझकर मुकाबले में बने रहने की चुनौती होगी।
आठ महीने बाद टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की वापसी
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि टीम पिछले आठ महीनों में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने जा रही है। इतने लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने पर खिलाड़ियों को मैच की लय हासिल करने में थोड़ा समय लग सकता है।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया के कई प्रमुख खिलाड़ी हाल के समय में अलग अलग प्रारूपों में क्रिकेट खेलते रहे हैं। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट की मानसिक और शारीरिक चुनौती अलग होती है।
टीम मैनेजमेंट को उम्मीद होगी कि अनुभवी खिलाड़ी शुरुआत से ही टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे।
पहले टेस्ट में किसका पलड़ा भारी
कागज पर देखा जाए तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा काफी भारी नजर आता है। घरेलू परिस्थितियां, अनुभवी तेज गेंदबाज, मजबूत बल्लेबाजी क्रम और नाथन लायन की वापसी टीम को कई फायदे देती है।
दूसरी ओर बांग्लादेश के पास भी अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम को हल्के में लेना ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी गलती साबित हो सकती है।
टेस्ट क्रिकेट में एक खराब सत्र पूरा मैच बदल सकता है। अगर बांग्लादेश के गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को जल्दी आउट करने में सफल रहते हैं तो मुकाबले का समीकरण बदल सकता है।
पहले टेस्ट में इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
पहले टेस्ट में पैट कमिंस पर कप्तानी और गेंदबाजी दोनों की बड़ी जिम्मेदारी होगी। जोश हेजलवुड की वापसी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। मिचेल स्टार्क नई गेंद से शुरुआती विकेट हासिल करने की कोशिश करेंगे।
बल्लेबाजी में ट्रैविस हेड और स्टीव स्मिथ पर सभी की निगाहें होंगी। मार्नस लाबुशेन भी बड़ी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाना चाहेंगे।
बांग्लादेश की ओर से कप्तान नजमुल हुसैन शांतो, मुश्फिकुर रहीम, लिटन दास और मेहदी हसन मिराज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
ऑस्ट्रेलिया की पूरी प्लेइंग इलेवन
जैक वेदरल्ड
ट्रैविस हेड
मार्नस लाबुशेन
स्टीव स्मिथ
कैमरन ग्रीन
एलेक्स केरी विकेटकीपर
ब्यू वेबस्टर
मिचेल स्टार्क
पैट कमिंस कप्तान
नाथन लायन
जोश हेजलवुड
ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट स्क्वॉड
पैट कमिंस कप्तान, स्कॉट बोलैंड, एलेक्स केरी, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जैक वेदरल्ड और ब्यू वेबस्टर।
बांग्लादेश का टेस्ट स्क्वॉड
नजमुल हुसैन शांतो कप्तान, मेहदी हसन मिराज उपकप्तान, सौम्य सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, लिटन दास, अमित हसन, जाकेर अली, तजुल इस्लाम, तस्कीन अहमद, हसन महमूद, सैयद खालिद अहमद, इबादत हुसैन चौधरी और मुस्फिक हसन।
निष्कर्ष
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन में होने वाला पहला टेस्ट कई वजहों से खास और रोमांचक रहने वाला है। ऑस्ट्रेलिया करीब 20 साल बाद डार्विन में टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है और आठ महीने के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट मैदान पर वापसी कर रहा है।
स्कॉट बोलैंड को बाहर करके जोश हेजलवुड को मौका देना चयन का सबसे बड़ा फैसला है। इसके साथ पैट कमिंस, हेजलवुड और स्टार्क की खतरनाक तेज गेंदबाजी तिकड़ी की वापसी ऑस्ट्रेलिया की ताकत को कई गुना बढ़ाती है।
नाथन लायन की वापसी और कैमरन ग्रीन तथा ब्यू वेबस्टर के रूप में दो ऑलराउंडरों की मौजूदगी ऑस्ट्रेलिया को बेहद संतुलित बनाती है। वहीं बांग्लादेश के अनुभवी बल्लेबाज इस मजबूत ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करना चाहेंगे।
पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया निश्चित तौर पर मजबूत दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा, लेकिन बांग्लादेश अगर शुरुआती दबाव को झेलने में सफल रहता है तो मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा हो सकता है। डार्विन में होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए टेस्ट सीरीज की दिशा तय करने वाला बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है।
