विद्यार्थियों को वैश्विक इंग्लिश कौशल प्रदान करके रोजगार योग्य बनाने के लिए कैंब्रिज और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच गठबंधन हुआ

पंजाब यूनिवर्सिटी के इंग्लिश एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग को कैंब्रिज इंग्लिश एजुकेशन पार्टनर (सीईईपी) नियुक्त किया गया है
चंडीगढ़, — जुलाई, 2025 – विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने तथा विश्व के लिए तैयार करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड एसेसमेंट और पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ने एक मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत कैंब्रिज इंग्लिश एजुकेशन पार्टनर (सीईईपी) अभियान के अंतर्गत सहयोगपूर्ण इंग्लिश लैंग्वेज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण गठबंधन के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी का इंग्लिश एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग कैंब्रिज इंग्लिश एजुकेशन पार्टनर (सीईईपी) के रूप में स्थापित हो गया है। यहाँ पर विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इंग्लिश भाषा का ज्ञान एवं सर्टिफिकेशन प्राप्त हो सकेगा, जो संचार एवं कार्यस्थल के लिए तैयार होने का एक वैश्विक मानक है। पहले साल इस प्रोग्राम का लाभ 1000 विद्यार्थियों को मिलेगा।
अरुणाचलम टीके, रीज़नल डायरेक्टर, इंग्लिश, साउथ एशिया ने कहा, ‘‘हम इस अग्रगामी अभियान के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग करके बहुत उत्साहित हैं। कैंब्रिज इंग्लिश एजुकेशन पार्टनर प्रोग्राम की मदद से हमारा उद्देश्य इंग्लिश भाषा के अध्ययन को ज्यादा प्रभावशाली और दिलचस्प बनाना है, ताकि क्षेत्र में विद्यार्थियों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। यह साझेदारी उनके शैक्षणिक विकास में सहयोग देगी और भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने के लिए उन्हें मजबूत तैयारी करने में मदद करेगी।’’
प्रो. मीनू ए. गुप्ता, चेयरपर्सन, इंग्लिश एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग ने कहा, ‘‘कैंब्रिज के साथ हमारी यह साझेदारी हमारे विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इसकी मदद से हम अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इंग्लिश भाषा में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने में समर्थ बनेंगे। इस साझेदारी द्वारा एक मजबूत आधार का विकास होगा, जो उन्हें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मकता प्रदान करेगा, ताकि वो वैश्विक प्रोफेशनल वातावरण में न केवल आगे बढ़ सकें, बल्कि इंग्लिश भाषा की अच्छी पकड़ के साथ प्रभावशाली संचार भी कर सकें।’’
इस गठबंधन के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा अपने कौशल संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत एक हाईब्रिड कम्युनिकेशन स्किल्स कोर्स शुरू किया जाएगा। यह कोर्स आधुनिक डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पारंपरिक क्लासरूम लर्निंग प्रदान करने के लिए डिज़ाईन किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन का एक जीवंत और लचीला अनुभव प्राप्त हो सके। इस प्रोग्राम की शुरुआत मौजूदा शैक्षणिक सत्र से होगी, जिसके लिए सभी विभागों और संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थी नामांकन करा सकेंगे।
यह कोर्स अध्ययन का संतुलित और दिलचस्प अनुभव प्रदान करेगा। इसमें कैंब्रिज द्वारा प्रशिक्षित शिक्षक 30 घंटों का व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। लचीले और अपनी गति के अनुरूप अध्ययन के लिए कैंब्रिज का डिजिटल प्लेटफॉर्म, ‘उत्तरोत्तर विकास’ उपलब्ध होगा। अपने प्रमाण पत्रों में सुधार के लिए विद्यार्थियों के पास कैंब्रिज के एआई-संचालित इंग्लिश प्रोफिशियंसी टेस्ट, लिंग्वास्किल का विकल्प होगा, जो भाषा की क्षमता के आकलन के लिए विश्व में मान्यताप्राप्त मानक, कॉमन यूरोपियन फ्रेमवर्क ऑफ रिफरेंस फॉर लैंग्वेजेस (सीईएफआर) के अनुरूप है। जो विद्यार्थी फाउंडेशन स्तर का कोर्स पूरा करेंगे, उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी और कैंब्रिज से संयुक्त सर्टिफिकेशन प्राप्त होगा, जिससे उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र और रोजगार की योग्यता में वृद्धि होगी।
यह प्रोग्राम बहुत ज्यादा शुल्क में प्रदान किए जा रहे इसी तरह के अन्य प्रोग्राम्स से अलग है। यह किफायती मूल्य में उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराता है, जिससे शिक्षा के अवसर सामाजिक आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के बीच पहुँचते हैं। इस गठबंधन द्वारा प्रोफेशनल योग्यता और करियर की संभावनाएं बढेंगी, तथा विश्वसनीय एवं नैतिक जिम्मेदारी के साथ शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश के विकास में मदद मिलेगी।
एमओयू पर दस्तखत के मौके पर यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें प्रो. वाई. पी. वर्मा, रजिस्ट्रार, पंजाब यूनिवर्सिटी; प्रो. मीनू ए. गुप्ता, चेयरपर्सन, इंग्लिश एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग, और प्रो. अक्षय कुमार, सीनियर फैकल्टी सदस्य, इंग्लिश एवं सांस्कृतिक अध्ययन विभाग शामिल हैं। यह अभियान नीति आयोग द्वारा हाल ही में पेश किए गए नतीजों के अनुरूप है, जिसमें सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में स्नातकों के बीच इंग्लिश के सीमित ज्ञान को उनके करियर की प्रमुख बाधा के रूप में पहचाना गया था। पंजाब और कर्नाटक राज्य के सफल मॉडलों का उदाहरण देते हुए नीति आयोग ने परामर्श दिया था कि उच्च शिक्षा के संस्थानों को अंतर्राष्ट्रीय भाषा प्रदाताओं के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि परिणामों में सुधार लाया जा सके।
प्रो. वाई. पी. वर्मा, रजिस्ट्रार, पंजाब यूनिवर्सिटी ने कहा, ‘‘इस हाईब्रिड इंग्लिश कम्युनिकेशन प्रोग्राम की शुरुआत विद्यार्थियों में आजीवन सीखने की भावना का विकास करने और उन्हें विश्व के लिए तैयार करने की पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अत्याधुनिक डिजिटल टूल्स और विशेषज्ञ निर्देशों की मदद से हम उन्हें आवश्यक कम्युनिकेशन स्किल्स प्रदान कर रहे हैं।’’
इस गठबंधन में पंजाब यूनिवर्सिटी के सभी संकायों और संबद्ध कॉलेजों के सभी हितधारकों की सहभागिता होगी, जिसमें समावेशिता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नैतिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कॉलेज और संस्थानों के अधिकारियों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में इस प्रोग्राम को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपने करियर की शुरुआत में ही इस प्रोग्राम का लाभ ले सकें।
यह एमओयू शैक्षणिक दूरदर्शिता और वैश्विक सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की ओर पंजाब यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता पर जोर देता है।

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