कैप्सी और नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने आरडब्ल्यूए को नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त बनाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की

11 जुलाई 2025, नई दिल्ली: सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (कैप्सी) ने गृह मंत्रालय के अधीन नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय (डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सिविल डिफेंस) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) पर हस्ताक्षर किए। यह रणनीतिक साझेदारी पूरे देश में नागरिकों को आवश्यक नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे लोग आपातकालीन परिस्थितियों में पहले से तैयार और सक्षम बन सकें। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए कैप्सी ने सामुदायिक सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा तैयारी विषय पर एक राउंडटेबल चर्चा का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के अध्यक्ष, महासचिव और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

11 जुलाई 2025 को सुबह 10:30 बजे संविधान क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित इस राउंडटेबल बैठक में समुदाय के नेताओं, सुरक्षा विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के सामने आने वाली गंभीर सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करना था। चर्चा में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि समुदायों को प्रशिक्षित और सक्षम बनाकर उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में “पहले उत्तरदाता” (फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स) के रूप में तैयार किया जाए। इसके लिए नागरिक सुरक्षा के संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत कैप्सी के अध्यक्ष श्री कुँवर विक्रम सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल अशोक बी. शिवाने (सेवानिवृत्त), जो अध्यक्ष के रणनीतिक सलाहकार हैं, ने कैप्सी और नागरिक सुरक्षा के बीच सहयोग के उद्देश्य और भविष्य की योजना पर प्रकाश डाला। वहीं, कैप्सी के सलाहकार और गुजरात के पूर्व डीजीपी श्री अनिल प्रथम (सेवानिवृत्त) ने “सिटी सिक्योरिटी काउंसिल” की अवधारणा पर अपने विचार साझा किए।

कुँवर विक्रम सिंह, अध्यक्ष – कैप्सी ने ज़ोर देते हुए कहा, “सिर्फ पुलिस पर ही सामुदायिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षित निजी सुरक्षा गार्डों की भूमिका बेहद अहम है। आज कॉर्पोरेट कंपनियों का बड़ा सीएसआर फंड एनजीओज़ के माध्यम से गलत दिशा में इस्तेमाल हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह कंपनियों के सीएसआर फंड का कम से कम 25% से 50% हिस्सा एक ‘सुरक्षा फंड’ में देना अनिवार्य करे। इस फंड से आरडब्ल्यूए में तैनात सुरक्षा गार्डों को उचित वेतन दिया जा सकेगा, जिससे हाउसिंग सोसाइटियों को बेहतर सुरक्षा गार्ड मिलेंगे और जमीनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।”

लेफ्टिनेंट जनरल अशोक बी. शिवाने (सेवानिवृत्त) ने कहा, “नागरिक सुरक्षा और कैप्सी के बीच यह सहयोग उन नायकों को सक्षम बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है जो चुपचाप देश की सेवा करते हैं। यह एमओयू राष्ट्रीय क्षमताओं के निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम मिलकर एक सशक्त और सुरक्षित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

श्री राहुल सूदन, वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी – अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड्स, गृह मंत्रालय ने कहा कि “आज के समय में नागरिक सुरक्षा का प्रशिक्षण केवल सुरक्षा गार्डों के लिए ही नहीं, आम नागरिकों के लिए भी बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति या हमले के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना ज़रूरी है। हर व्यक्ति को प्राथमिक उपचार, अग्नि सुरक्षा और बचाव जैसे बुनियादी कौशल में प्रशिक्षित होना चाहिए।”

सुश्री शिवानी आहूजा, अध्यक्ष – भारतीय जनता पार्टी आरडब्ल्यूए  सेल ने कहा कि “आज साइबर हमलों और प्राकृतिक आपदाओं जैसी आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए नागरिकों को तैयार करना समय की मांग है। इसके लिए आरडब्ल्यूए, नागरिक सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। नियमित मॉक ड्रिल, जागरूकता अभियान और आपातकालीन तैयारियों से समुदायों को सशक्त बनाया जा सकता है।”

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