हितेन का नया गाना “फ्लावर्स” खिलते और मुरझाते प्यार को बयां करता है

इस गीतों में दो विरीत ट्रैक्स खामखाऔर बेकदराद्वारा प्यार के दो पहलुओं की खोज की गई है

नेशनल, 24 जुलाई, 2025: कुछ गीत चीख पुकार मचाते हैं, जबकि कुछ गीत शांत होते हैं और आपके दिल में घर बना लेते हैं। मशहूर निर्माता, गायक-गीतलेखक, हितेन ने अपने भावुक गीत, ‘‘फ्लॉवर्स’’ पेश किए हैं। ये बहुत गहरे और व्यक्तिगत गीत हैं। इनमें दो विपरीत ट्रैक, खामखा और बेकदरां प्यार की गरिमा और कोमलता की खोज करते हैं। इन गीतों में प्यार और मानवीय रिश्ते की ऊँचाईयों और दर्द को पेश किया गया है।

ये गीत नाजुक हैं। फ्लॉवर्स में इन गीतों के माध्यम से प्यार को सबसे शुद्ध रूप में पेश किया गया है। ये गाने हितेन के पिछले हिट गीतों के इठलाते लहजों से अलग एक कोमल, शुद्ध और ज्यादा व्यक्तिगत एहसास को समर्पित हैं। ये चकित कर देने वाले गीत मन में छिपी भावनाओं और उनके बीच बिताए क्षणों को प्रतिबिंबित करते हैं। इनमें साथ होने का शांत रोमांच है और पीछे छूट जाने का गहरा दर्द भी।

हितेन ने कहा, ‘‘फ्लॉवर्स की तरह ही प्यार भी स्वतंत्र रूप से खिलता है। उन लोगों के हाथों में यह कभी-कभी मुरझा भी जाता है, जो इसे संभालकर नहीं रख सकते हैं। फ्लॉवर्स मेरे द्वारा निर्मित अभी तक के सबसे ईमानदार गीत हैं। इन दोनों गानों की पहले से कोई योजना नहीं बनाई गई थी। ये तो अपने आप बन गए। ये एलबम बिखरा हुआ, वास्तविक, सच्चा और त्रुटिपूर्ण है। खामखा ने मुझे एहसास कराया कि प्यार कितना सुकूनभरा महसूस होता है। वहीं बेकदरां दर्शाता है कि जब प्यार के बदले प्यार नहीं मिलता है, तो कितना मुश्किल हो जाता है। मुझे आशा है कि श्रोताओं को इन गानों की हर भावना महसूस होगी और वो इससे उतना ही जुड़ाव महसूस करेंगे, जितना जुड़ाव हमें महसूस हुआ।’’

पहले ट्रैक ‘खामखा’ में प्यार के उन जादुई पलों को पेश किया गया है, जब सबकुछ बहुत अच्छा लगता है। इसमें कम से कम संगीत और भावनाएं हैं। यह उस प्यार की तरह खिलता है, जो कोई सवाल नहीं पूछता। यह गाना एक सहज प्यार की तरह जगमगाता है, जिसमें कोई तर्क नहीं, जिन पलों का कोई स्पष्टीकरण नहीं। बस किसी की मौजूदगी मन को सुकून देती है। वहीं ‘बेकदरां’ एक गहरा, भारी और ईमानदार गाना है। यह गाना उन लोगों के लिए है, जिन्होंने अपना सबकुछ उस व्यक्ति को दे दिया, जो इसका हकदार नहीं था। जब प्यार के बदले प्यार नहीं मिलता है, तो खामोशी में एक सिसकी पेश करता है यह गाना। इसका हर शब्द साँस लेता है, और शब्दों के बीच की खामोशी बहुत कुछ कह जाती है। जहाँ ‘खामखां’ रोशनी की किरण है, तो वहीं ‘बेकदरां’ एक छाया है, और ये दो विपरीत गाने मिलकर एक ही दिल की दो अलग-अलग भावनाएं पेश करते हैं।

अपनी सरल स्टोरीटैलिंग और मंत्रमुग्ध कर देने वाले साउंडस्केप्स के लिए मशहूर हितेन ने भारतीय हिपहॉप के कई दिग्गजों, जैसे बादशाह, एमसी स्क्वैयर, रफ्तार, किंग और इक्का आदि के साथ काम किया है। फ्लॉवर्स में अंतरंग, कोमल और मानवीय गीत पेश किए गए हैं, जो एहसास कराते हैं कि जो प्यार कभी आपको सबकुछ प्रतीत होता है, वह आपसे सबकुछ छीन भी सकता है।

हितेन का फ्लॉवर्स यहाँ सुनेंः VA.lnk.to/Flowers

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