इनडीड-नैसकॉम ने फ्यूचर ऑफ वर्क 2024 रिपोर्ट पेश कीः एआई की दुनिया में नौकरियों, कार्यबल और कार्यस्थल का पेश किया अवलोकन

नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी में होती प्रगति, कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाएं और व्यापक आर्थिक अनिश्चितताएं काम करने के तरीके में तेजी से परिवर्तन ला रही हैं। भविष्य की नौकरियों, कार्यबल, और कार्यस्थल का विश्लेषण करने के लिए इनडीड और नैसकॉम ने इनडीड की फ्लैगशिप ईवेंट, फ्यूचरवर्क्स 2024 में अपनी फ्यूचर ऑफ वर्क रिपोर्ट – बैलेंसिंग प्रायोरिटीज़ इन एन एआई-ड्राईवन वर्ल्ड का चौथा संस्करण पेश किया है। इस रिपोर्ट में नौकरी बाजार के मुख्य ट्रेंड्स तथा नियुक्ति में एआई की भूमिका के मुख्य ट्रेंड्स के बारे में बताया गया है और नियुक्ति प्रक्रियाओं के सरलीकरण व मानवीकरण तथा उनमें तेजी लाने के लिए अपडेट प्रदान किया गया है।
फ्यूचर ऑफ वर्कः एआई, एनालिटिक्स एवं क्लाउड हैं ‘‘होली ट्रिनिटी’’
वर्कस्ट्रीम में टेक्नोलॉजी का बढ़ता इंटीग्रेशन नौकरी के पारंपरिक दायित्वों में परिवर्तन ला रहा है। संगठनों में एआई का उपयोग बढ़ रहा है,एआई/एमएल और एनालिटिक्स सबसे ज्यादा मांग में बने हुए हैं,वहीं साईबरसुरक्षा क्लाउड से आगे निकलकर सबसे ज्यादा मांग में रहने वाला दूसरा क्षेत्र बन गई है। सबसे ज्यादा मांग में रहने वाली सर्वोच्च पाँच नौकरियों में डेटा साईंटिस्ट/एनालिस्ट, एआई/एमएल विशेषज्ञ, साईबरसिक्योरिटी विशेषज्ञ, क्लाउड आर्किटेक्ट/इंजीनियर, और डेवऑप्स इंजीनियर हैं। इसके जवाब में एचआर लीडर्स मुख्य टेक्निकल कौशलों, सीखने की प्रवृत्ति, और एनालिटिकल थिंकिंग एवं प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स पर ज्यादा जोर दे रहे हैं, और इन्हें नियुक्ति का मुख्य मानदंड मान रहे हैं। साथ ही, मौजूदा कार्यबल एवं भविष्य के कार्यबल एआई/जेनएआई में प्रोफिशियंसी, क्रिएटिविटी, कम्युनिकेशन, एवं लीडरशिप की स्किल्स को सफलता के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
जेनएआई टूल्स का उपयोग पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। यह अब अवधारणा से लेकर विस्तृत वाणिज्यिक उपयोग तक का सफर तय कर चुका है। अब कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए जेनएआई का उपयोग करता है। जेनएआई की मदद से कोडिंग, प्रोग्रामिंग, कंटेंट निर्माण जैसे अनेक काम हो रहे हैं। भविष्य का कार्यबल, जो इस समय विद्यार्थियों के रूप में अध्ययनरत है, लर्निंग और डेवलपमेंट के लिए जेनएआई का उपयोग कर रहा है। इससे उनका सामान्य ज्ञान, कम्युनिकेशन स्किल्स बढ़ रहे हैं, और मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त हो रहे हैं। वो एआई की अपार क्षमताओं की खोज कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा कार्यबल के 70 प्रतिशत उत्तरदाता भविष्य की नौकरियों के लिए अपनी तैयारी में आत्मविश्वास रखते हैं। उनकी यह आशावादिता नियमित रूप से मिलने वाले स्किलिंग और अपस्किलिंग कार्यक्रमों के कारण है, जो संगठन के कार्यक्रमों और सेल्फ-लर्निंग के दौरान उन्हें प्राप्त होते हैं। इससे नौकरी के तेजी से बदलते हुए परिदृश्य के प्रति अनुकूलित होने की उनकी सामूहिक तत्परता प्रदर्शित होती है।
इसके अलावा, संगठन डेटा द्वारा संचालित हो रहे हैं। एआई, एनालिटिक्स और क्लाउड यह परिवर्तन लाने में ‘होली ट्रिनिटी’ की भूमिका निभा रहे हैं। इस परिवर्तन के साथ तालमेल बनाने के लिए पूरे सिस्टम में एचआर फंक्शंस भी टेक-इनेबल्ड हो रहे हैं। कंपनियाँ नियुक्ति और भर्ती की प्रक्रिया में एआई की उपयोग कर रही हैं। वो सर्वश्रेष्ठ अभ्यर्थियों का चयन करने, जेंडर-न्यूट्रल नौकरियों का निर्माण करने, नॉलेज शेयरिंग और लर्निंग के अभियानों का विस्तार करने तथा अभ्यर्थी के मूल्यांकन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए सीवी स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को ऑटोमेट कर रही हैं।

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