इनडीड की वर्क अहेड रिपोर्टः कर्मचारियों ने काम का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एआई अपनाया

  • मिड करियर प्रोफेशनल सबसे आगे रहकर बेहतर नौकरियाँ पाने, प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने और कार्यस्थल पर विकास करने के लिए एआई टूल्स की मदद ले रहे हैं।
  • हर 10 में से 2 ब्लू-कॉलर कर्मचारी कार्यस्थल पर जेनएआई का उपयोग कर रहे हैं।

भारत, 19 अगस्त, 2025: भारत में कर्मचारी कार्यस्थल पर बदलाव की अगली लहर की तैयारी कर रहे हैं। वो अपनी नौकरियों को सुरक्षित बनाने, करियर में विकास करने, और भविष्य के अवसरों को सुरक्षित बनाने के लिए एआई की मदद ले रहे हैं। ये नतीजे इनडीड के नए वर्कफोर्स अध्ययन, वर्क अहेड रिपोर्ट में सामने आए हैं।

इनडीड ने भारत में व्हाईट कॉलर और ब्लू कॉलर श्रेणियों में 3,000 से अधिक कर्मचारियों के बीच एक सर्वे किया, जिसमें सामने आया कि 43 प्रतिशत कर्मचारी उन टेक्नोलॉजीज़ को लेकर आश्वस्त हैं, जिनका उपयोग वो अगले दो से पाँच सालों में करने वाले हैं। इनमें जनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई टेक्नोलॉजी आती हैं। कई कर्मचारी एआई को न केवल एक प्रोडक्टिविटी टूल मानते हैं, बल्कि उनके अनुसार यह एक ऐसा कौशल है, जो ज्यादा वेतन, प्रमोशन और नए करियर के मार्ग खोल देता है।

इसे लेकर 35 से 54 साल के बीच के मिड करियर प्रोफेशनल्स के बीच सबसे अधिक आत्मविश्वास दर्ज हुआ। उनमें से 49 प्रतिशत ने 18 से 24 साल के अपने युवा साथियों को पीछे छोड़ते हुए बताया कि वो एआई-इंटीग्रेटेड वर्कप्लेस में काम करने के लिए तैयार हैं। 56 प्रतिशत मिड करियर प्रोफेशनल्स ने कहा कि वो भविष्य के लिए तैयार बनने के लिए काफी ज्यादा प्रशिक्षण चाहते हैं, जबकि उनके युवा साथियों में केवल 41 प्रतिशत ऐसा चाहते हैं। उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा अपने करियर को आगे बढ़ाना, विकसित होती हुई टेक्नोलॉजी के साथ अपडेटेड रहना, और कार्यस्थल पर ज्यादा प्रभावशाली बनना है। गौरतलब है कि लगभग एक तिहाई कर्मचारियों ने टेक्नोलॉजिकल परिवर्तन के साथ न चलने पर नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता प्रकट की।

शशि कुमार, हेड ऑफ सेल्स, इनडीड इंडिया ने कहा, ‘‘भारत के कार्यबल के बीच आत्मविश्वास बढ़ रहा है। खासकर मिड करियर प्रोफेशनल न केवल एआई का उपयोग कर रहे हैं, बल्कि इसमें माहिर बनने के लिए अपस्किलिंग के अवसर भी तलाश रहे हैं। एजेंटिक एआई में बढ़ती रुचि इस बात का संकेत देती है कि हम एक परिवर्तन की शुरुआत पर हैं, जिसमें नौकरी तलाशने वाले इस परिवर्तन के अनुरूप ढल नहीं रहे हैं, बल्कि इसका नेतृत्व कर रहे हैं।’’

एआई कार्यस्थल का महत्वपूर्ण कौशल बन रहा है

सर्वे में सामने आया कि एआई अब केवल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि कार्यस्थल पर इसका उपयोग शुरू हो चुका है। सर्वे में शामिल 34 प्रतिशत लोगों को निकट भविष्य में जनरेटिव एआई टूल्स का उपयोग बार-बार होने की उम्मीद है। एक चौथाई उत्तरदाता एजेंटिक एआई टूल्स को अपनाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं। यह एक ऐसा एआई सिस्टम है, जो जटिल टास्क अपने आप पूरे कर सकता है। कार्यस्थल की पारंपरिक टेक्नोलॉजीज़ जैसे ईमेल और क्लाउड स्टोरेज के साथ ये टूल्स भी बहुत महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं, तथा रोजगारदाताओं द्वारा नौकरियों के विवरणों में आवश्यक कौशल के रूप में पोस्ट किए जा रहे हैं।

एआई का उपयोग पारंपरिक नौकरियों में भी होने लगा है। सर्वे में शामिल ब्लू-कॉलर कर्मचारियों में से 70 प्रतिशत ने कहा कि टेक्नोलॉजी उन्हें कार्यस्थल पर मदद करती है। हर दस में से दो कर्मचारी अपने काम में जनरेटिव एआई का उपयोग कर रहे हैं। वो पेपरवर्क को व्यवस्थित करने से लेकर ग्राहक सेवा में सुधार लाने तक में टेक्नोलॉजी की मदद ले रहे हैं।

रोजगारयोग्य बने रहने के लिए कर्मचारी क्या करें

भारतीय प्रोफेशनल जानते हैं कि एआई के भविष्य में सफलता पाने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। कई प्रोफेशनल एआई सीखने और उसके अनुकूलित ढलने के लिए रोज समर्पित समय चाहते हैं। 29 प्रतिशत प्रोफेशनल अपने कौशल को अपनी शर्तों के अनुरूप निखारने के लिए अपनी सुविधा के अनुरूप ऑनलाईन प्रशिक्षण प्रोग्राम चाहते हैं। लर्निंग की इच्छा काफी ज्यादा है। कर्मचारी चाहते हैं कि उनके रोजगारप्रदाता लर्निंग को प्रभावशाली बनाने के लिए जगह, संरचना व सहयोग प्रदान करें। शशि ने कहा, ‘‘भविष्य की ओर बढ़ते हुए एआई न केवल एक अच्छा कौशल है, बल्कि करियर के लिए एक एक्सेलरेटर भी है। जो कर्मचारी एआई कौशल प्राप्त कर लेते हैं, वो अच्छे वेतन, प्रमोशन, और भविष्य में बेहतर भूमिका के लिए मजबूत स्थिति में आ जाते हैं। यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है।’’

Share This Post

5 thoughts on “इनडीड की वर्क अहेड रिपोर्टः कर्मचारियों ने काम का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एआई अपनाया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *