वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप 2026 में भारत की दमदार शुरुआत तीन खिलाड़ियों ने फाइनल में बनाई जगह पदक की उम्मीदें बढ़ीं

अमेरिका के यूजीन से भारत के लिए आई शानदार खबर
अमेरिका के यूजीन शहर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप 2026 के पहले ही दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भारत के तीन खिलाड़ियों ने अपने अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीदों को नई उड़ान दी। पुरुषों के जेवलिन थ्रो में आशीष यादव और टी धरणीधरन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया जबकि महिलाओं के डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज ने अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अंतिम दौर में प्रवेश किया।
इसके अलावा पुरुषों की 800 मीटर स्पर्धा में मोगाली वेंकटराम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि भारतीय मिश्रित चार गुणा चार सौ मीटर रिले टीम पहले ही दौर में बाहर हो गई। कुल मिलाकर पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों से बेहतर रहा और कई खिलाड़ियों ने भविष्य के लिए मजबूत संकेत दिए।
पहले दिन भारत के लिए क्यों रहा बेहद खास
वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप दुनिया के सबसे बड़े जूनियर एथलेटिक्स टूर्नामेंटों में से एक मानी जाती है। यहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और यही मंच आगे चलकर ओलंपिक और विश्व चैंपियन बनने वाले खिलाड़ियों को पहचान दिलाता है।
भारत के लिए पहले दिन सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि तीन खिलाड़ियों ने अपने अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाई। इससे यह साफ हो गया कि भारतीय युवा एथलीट अब केवल भाग लेने नहीं बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
पुरुषों के जेवलिन थ्रो में आशीष यादव का शानदार प्रदर्शन
ग्रुप ए में रहे पहले स्थान पर
उन्नीस वर्षीय आशीष यादव ने पुरुषों के जेवलिन थ्रो क्वालीफिकेशन के ग्रुप ए में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में उनहत्तर दशमलव सत्तासी मीटर का थ्रो किया और अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया।
हालांकि पूरे क्वालीफिकेशन राउंड की ओवरऑल रैंकिंग में वे दक्षिण अफ्रीका के जन हेन्ड्रिक हेमंस के बाद दूसरे स्थान पर रहे। हेमंस ने छिहत्तर दशमलव शून्य दो मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया और वे अकेले खिलाड़ी रहे जिन्होंने ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन मार्क को पार किया।
आशीष यादव का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वे फाइनल में पदक के मजबूत दावेदार बन सकते हैं। उनकी तकनीक और लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
आशीष यादव का करियर रिकॉर्ड
आशीष यादव का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन चौहत्तर दशमलव उनचास मीटर है। यह उनके करियर का सबसे लंबा थ्रो है। इस सीजन में भी उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और यूजीन में उनका प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि वे बड़े मंच पर दबाव को संभालना जानते हैं।
फाइनल में यदि वे अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के करीब भी प्रदर्शन करते हैं तो भारत के लिए पदक जीतने की संभावना काफी मजबूत हो सकती है।
टी धरणीधरन ने भी दिखाई शानदार चुनौती
अंतिम क्वालीफाइंग स्थान हासिल कर फाइनल में पहुंचे
भारत के दूसरे जेवलिन थ्रो खिलाड़ी टी धरणीधरन ने भी शानदार संघर्ष करते हुए फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने ग्रुप बी में अड़सठ दशमलव शून्य सात मीटर का थ्रो किया और अपने ग्रुप में पांचवां स्थान हासिल किया।
ओवरऑल रैंकिंग में धरणीधरन बारहवें स्थान पर रहे और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान हासिल करते हुए फाइनल में पहुंच गए। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अंतिम स्थान के लिए कई खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी।
धरणीधरन ने दबाव की स्थिति में बेहतरीन प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि वे बड़े मुकाबलों में शानदार वापसी करने की क्षमता रखते हैं।
नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड आज भी प्रेरणा
भारतीय जेवलिन थ्रो की चर्चा नीरज चोपड़ा के बिना अधूरी मानी जाती है। अंडर 20 विश्व चैंपियनशिप का विश्व रिकॉर्ड आज भी भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा के नाम दर्ज है।
उन्होंने वर्ष दो हजार सोलह में छियासी दशमलव अड़तालीस मीटर का ऐतिहासिक थ्रो कर यह रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।
आशीष यादव और टी धरणीधरन जैसे युवा खिलाड़ी उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में वे भी भारत को बड़े मंचों पर गौरवान्वित करेंगे।
महिलाओं के डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज ने रचा नया अध्याय
सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
महिलाओं के डिस्कस थ्रो में अमानत कंबोज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। उन्होंने बावन दशमलव अट्ठावन मीटर की दूरी तक डिस्कस फेंककर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ग्रुप ए में वे छठे स्थान पर रहीं जबकि ओवरऑल रैंकिंग में बारहवें स्थान पर रहते हुए अंतिम क्वालीफाइंग स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
अमानत का यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास और मेहनत का शानदार उदाहरण है। उन्होंने सही समय पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में बने रहने का अवसर हासिल किया।
चीन की खिलाड़ी रहीं शीर्ष पर
महिलाओं के डिस्कस थ्रो क्वालीफिकेशन में चीन की सू यिशिन सबसे आगे रहीं। उन्होंने अट्ठावन दशमलव शून्य छह मीटर का शानदार थ्रो किया और पूरे क्वालीफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया।
इस स्पर्धा में ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन मार्क पचपन मीटर रखा गया था लेकिन बहुत कम खिलाड़ी इस दूरी को पार कर सके। ऐसे में अमानत कंबोज का फाइनल में पहुंचना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुरुषों की 800 मीटर में मोगाली वेंकटराम ने दिखाई दमदार रफ्तार
सेमीफाइनल में बनाई जगह
पुरुषों की आठ सौ मीटर दौड़ में भारत के मोगाली वेंकटराम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने अपनी हीट में एक मिनट बावन दशमलव इक्यासी सेकंड का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहे।
उनकी दौड़ में संतुलन और आखिरी चरण में गति बढ़ाने की क्षमता ने उन्हें अगले दौर तक पहुंचाया। अब सेमीफाइनल में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
उविन आनंद का सफर हुआ समाप्त
भारत के दूसरे धावक उविन आनंद ने भी अच्छा प्रयास किया लेकिन वे अगले दौर में जगह नहीं बना सके। उन्होंने एक मिनट बावन दशमलव सैंतीस सेकंड का समय निकाला लेकिन अपनी हीट में सातवें स्थान पर रहे।
ओवरऑल रैंकिंग में वे तीसवें स्थान पर रहे और प्रतियोगिता से बाहर हो गए। हालांकि उनका प्रदर्शन निराशाजनक नहीं कहा जा सकता क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहद ऊंचा था।
इस स्पर्धा में युगांडा के शफेक मुरुंगी सबसे तेज धावक रहे जिन्होंने एक मिनट छियालिस दशमलव चौंसठ सेकंड का समय निकाला।
मिश्रित चार गुणा चार सौ मीटर रिले में भारत को झटका
पहले ही दौर में बाहर हुई भारतीय टीम
भारत की मिश्रित चार गुणा चार सौ मीटर रिले टीम को पहले दौर में ही निराशा हाथ लगी। टीम में पीयूष राज तहुरा खातून सैयद सबीर और थिया अरुमुगम शामिल थे।
भारतीय टीम ने तीन मिनट बाईस दशमलव पचासी सेकंड का समय निकाला और अपनी हीट में चौथे स्थान पर रही। ओवरऑल रैंकिंग में टीम ग्यारहवें स्थान पर रही और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
यह परिणाम इसलिए भी निराशाजनक रहा क्योंकि पिछले संस्करण में भारत ने इसी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था।

पिछले संस्करण की सफलता दोहराने में नहीं मिली कामयाबी
वर्ष दो हजार बाईस में भारत ने इसी स्पर्धा में तीन मिनट सत्रह दशमलव छिहत्तर सेकंड का एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक अपने नाम किया था।
इस बार टीम उस प्रदर्शन को दोहराने में सफल नहीं हो सकी लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहद उपयोगी साबित होगा।
फाइनल मुकाबलों पर टिकी पूरे देश की नजर
अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें जेवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो के फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी। आशीष यादव से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि उन्होंने क्वालीफिकेशन में बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
टी धरणीधरन भी फाइनल में किसी बड़े उलटफेर की क्षमता रखते हैं जबकि अमानत कंबोज यदि अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से आगे निकलती हैं तो वे भी पदक की दौड़ में शामिल हो सकती हैं।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत
वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स ने जिस तेजी से प्रगति की है उसका असर अब जूनियर स्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं आधुनिक कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों को लगातार मजबूत बना रहा है। यही कारण है कि अब भारत केवल एशियाई स्तर पर ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
निष्कर्ष
वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर 20 चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन भारत के लिए कई यादगार पल लेकर आया। आशीष यादव टी धरणीधरन और अमानत कंबोज ने फाइनल में पहुंचकर देश की पदक उम्मीदों को मजबूत किया। मोगाली वेंकटराम ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाया जबकि कुछ स्पर्धाओं में निराशा भी हाथ लगी।
अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबलों पर हैं जहां भारतीय खिलाड़ी इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। यदि युवा एथलीट अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने में सफल रहते हैं तो भारत के खाते में एक या उससे अधिक पदक आ सकते हैं। यही कारण है कि यूजीन से आने वाले अगले मुकाबलों का इंतजार पूरे देश को बेसब्री से रहेगा।
