भारत में अमेजॉन बेडरॉक पर ओपन ए.आई जीपीटी-5.6 टेरा और लूना मॉडल उपलब्ध हुए
एडब्लूएस ने भारत में ओपन ए.आई के लेटेस्ट एडवांस्ड मॉडल पेश किए, जिनकी मदद से संगठन इन-कंट्री डेटा डिप्लॉयमेंट, लो लेटेंसी, प्राईस परफॉर्मेंस और एंटरप्राईज ग्रेड की सुरक्षा के साथ ए.आई एप्लीकेशन का निर्माण करके उसे तैनात कर सकेंगे
भारत, 20 अगस्त, 2026: अमेजॉन.कॉम, इंक. कंपनी, अमेजॉन वेब सर्विसेज ने आज इन-कंट्री इन्फरेंसिंग के साथ भारत में अमेजॉन बेडरॉक पर ओपन ए.आई जीपीटी-5.6 टेरा और लूना मॉडल उपलब्ध करा दिए। अब अमेजॉन बेडरॉक पर ओपन ए.आई मॉडल इन्फरेंस को ए.डब्लू.एस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर प्रोसेस किया जा सकेगा, जिससे संगठनों को स्थानीय स्तर पर फ्रंटियर मॉडल का इस्तेमाल करने की क्षमता मिलेगी। इस लॉन्च के बाद फाईनेंशियल सर्विसेज, हैल्थकेयर, पब्लिक सेक्टर, स्टार्ट-अप्स एवं अन्य उद्योगों के ग्राहक भारत में ओपन ए.आई मॉडल स्थानीय रूप से एक्सेस कर पाएंगे, जिससे ए.डब्लू.एस में उनका भरोसा, सुरक्षा, गवर्नेंस और ऑपरेशनल कंट्रोल और अधिक बढ़ जाएगा।
जीपीटी-5.6 टेरा रोजमर्रा के एंटरप्राईज वर्कलोड के लिए एक संतुलित, जनरल-पर्पज मॉडल है, जो पिछली जनरेशन को कम लागत में बेहतर परफॉर्मेंस प्रदान करता है। वहीं, जीपीटी-5.6 लूना सबसे तेज और सबसे किफायती मॉडल है, जो हाई-वॉल्यूम, लेटेंसी-सेंसिटिव टास्क, जैसे समराईजेशन, क्लासिफिकेशन आदि के लिए बनाया गया है। ओपन ए.आई में हाल ही में हुई कीमतों की कटौती के बाद, जीपीटी-5.6 लूना अब 80 प्रतिशत तक कम कीमत में और जीपीटी-5.6 टेरा 20 प्रतिशत तक कम कीमत में उपलब्ध होगा। ये मॉडल भारत में बहुत कम कीमतों में फ्रंटियर इंटैलिजेंस पेश कर रहे हैं, जो अमेजॉन बेडरॉक पर नई प्राईसिंग में उपलब्ध हैं।
नितिन बवनकुले, हेड, एंटरप्राईज सेल्स, इंडिया, ओपन. ए.आई ने कहा, ‘‘भारत में ए.आई प्रयोग के स्तर से संचालन के स्तर में परिवर्तित हो रहा है। बिजनेस ऐसे मॉडल चाहते हैं, जो टीमों को बेहतर सॉफ्टवेयर लिखने, जटिल इन्फॉर्मेशन के जरिए काम करने, और वर्कफ्लो में बेहतर क्वालिटी के निर्णय लेने में समर्थ बनाए। भारत में खासकर रैगुलेटेड सेक्टर के कई संगठनों द्वारा लोकल इन्फरेंसिंग ए.आई को आत्मविश्वास के साथ अपनाए जाने की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। अमेजॉन बेडरॉक पर हमारे मॉडल उपलब्ध होने से और ज्यादा संगठनों को अपनी क्षमता के अनुरूप प्रोडक्शन करने का एक व्यावहारिक तरीका मिलेगा।’’
सतिंदर पाल सिंह, डायरेक्टर, सॉल्यूशन आर्किटेक्चर, ए.डब्लू.एस इंडिया एवं साउथ एशिया ने कहा, ‘‘भारत में एंटरप्राईज तेजी से ए.आई को प्रयोग के चरण से आगे बढ़ाकर प्रोडक्शन के स्तर पर इसका क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्हें ऐसी फ्रंटियर इंटैलिजेंस की जरूरत है, जो वहाँ से संचालित हो, जहाँ उनका डेटा रखा होता है। हम भारत में ओपन ए.आई के एडवांस्ड मॉडल पेश करके अपने ग्राहकों को उनके भरोसेमंद ए.डब्लू.एस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इन-कंट्री इन्फरेंसिंग और गवर्नेंस कंट्रोल्स के साथ परिवर्तनकारी ए.आई एप्लीकेशन बनाने की क्षमता प्रदान कर रहे हैं, जिनकी मांग भारत के संगठन करते हैं।’’
यूनिफाईड ए.पी.आई के माध्यम से विकल्प व फ्लेक्सिबिलिटी
अमेजॉन बेडरॉक के साथ ग्राहक ओपन ए.आई मॉडल एक्सेस कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें ए.डब्लू.एस पर मौजूद अन्य फाउंडेशन मॉडल भी उपलब्ध होते हैं। ये सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर में किसी भी बदलाव के बिना एक सिंगल ए.पी.आई द्वारा उपलब्ध हैं। इसलिए संगठनों को अपनी जरूरतों के अनुरूप सबसे उपयुक्त मॉडल प्राप्त करने का विकल्प मिलता है। साथ ही, उनका डेवलपमेंट वर्कफ्लो और इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थिर बना रहता है। इसकी मदद से टीमें हर वर्कलोड को सबसे किफायती टियर से जोड़ने में समर्थ बनती हैं, और दैनिक टास्क टेरा की ओर तथा हाई-वॉल्यूम जॉब्स लूना की तरफ मोड़ दिए जाते हैं।
एंटरप्राईज सिक्योरिटी, गवर्नेंस और कंप्लायंस
अमेजॉन बेडरॉक पर ओपन ए.आई मॉडल्स की हर कॉल को एंटरप्राईज ग्रेड के कंट्रोल मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल ग्राहक ए.डब्लू.एस पर पहले से करते आए हैं। संगठन अपने प्रोडक्शन वातावरण में एडवांस्ड ए.आई को शामिल करते हुए मौजूदा गवर्नेंस, सिक्योरिटी और ऑपरेशनल प्रैक्टिस को लागू कर सकते हैं।
भारत में बढ़ता उपयोग मांग को बढ़ा रहा है
भारत में इन-कंट्री इन्फरेंस के लिए ओपन ए.आई मॉडल एडवांस्ड हो गए हैं। इसलिए अब भारत के संगठन बड़े स्तर पर बिजनेस की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए वर्कलोड में फ्रंटियर ए.आई को लागू कर सकते हैं।
- एजेंटिक कोडिंगः कोडेक्स से टास्क को शुरू से अंत तक पूरा करने में मदद मिलती है। फीचर्स का निर्माण, कॉम्प्लैक्स रिफैक्टर, माईग्रेशन आदि संगठनों को कीमतें तय रखते हुए प्रोडक्ट्स को ज्यादा तेजी से शिप करने में मदद करते हैं।
- डेटा एनालिसिसः इसकी मदद से बिजनेस टीमें स्वायत्त रूप से रॉ डेटा से फिनिश्ड रिपोर्ट्स तक का सफर पूरा कर लेती हैं। वो डॉक्युमेंट्स, स्प्रेडशीट्स और मानव हस्तक्षेप के बिना कारगर इनसाईट्स बनाने में समर्थ बनती हैं, जिससे संगठनों को तेज और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलती है।
- एजेंट वर्कफ्लो और चैटजीपीटी वर्कः इससे जटिल, कई स्टेप वाली बिजनेस प्रक्रियाओं को संभालने में मदद मिलती है, जिससे बैंकिंग, फाईनेंशियल सर्विसेज और हैल्थकेयर सेक्टर्स को अपनी गोपनीयता से समझौता किए बिना जरूरी ऑटोमेशन प्राप्त होता है।
- प्रोडक्शन इन्फरेंसः इससे भारतीय व्यवसाय फ्रंटियर इंटैलिजेंस को विश्वसनीयता के साथ व्यापक स्तर पर एक्सेस करने में समर्थ बनते हैं और ऑपरेशनल कॉस्ट एफिशिएंसी के साथ इसे व्यापक स्तर पर बनाए रखने में समर्थ बनते हैं।
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट: इंजीनियरिंग टीमें जीपीटी-5.6 टेरा का इस्तेमाल बड़े कोडबेस में कोड जनरेशन, रिव्यू और टेस्टिंग के लिए कर सकती हैं।
- रैगुलेटेड वर्कफ्लो ऑटोमेशनः बैंकिंग, फाईनेंशियल सर्विसेज और हैल्थकेयर के संगठन अमेजॉन बेडरॉक पर मल्टी-स्टेप एजेंट्स का निर्माण कर सकते हैं, जिसे केवाईसी वैरिफिकेशन, रैगुलेटरी फाईलिंग्स और डॉक्युमेंट प्रोसेसिंग जैसी प्रक्रियाएं ऑटोमेट होती हैं।
- हाई-वॉल्यूम कस्टमर एप्लीकेशंसः जीपीटी-5.6 लूना द्वारा संगठन ए.आई-पॉवर्ड चैटबॉट, वॉईस असिस्टैंट और सपोर्ट सिस्टम को प्रति इंटरैक्शन काफी कम कीमत में तैनात कर सकते हैं। ये प्रतिदिन लाखों लोगों को सेवाएं देने वाले व्यवसायों के लिए डिजाईन किए गए होते हैं, जिनके लिए बड़े स्तर पर कॉस्ट एफिशिएंसी बनाए रखना जरूरी होता है।
- संवेदनशील डेटा एनालिसिसः फाईनेंशियल सर्विसेज, हैल्थकेयर और पब्लिक सेक्टर की टीमें फोरकास्ट जनरेट कर सकती हैं, अनस्ट्रक्चर्ड रिकॉर्ड्स को सिंथेसाईज कर सकती हैं और फ्रंटियर मॉडलों की मदद से कारगर रिपोर्ट बना सकती हैं।
