उत्तराखंड में एनजीओ के चैरिटेबल स्कूल पर संगठित हमले का सनसनीखेज मामला, सीबीआई जांच की मांग तेज

अल्मोड़ा के दूरस्थ ग्राम डांडा-कांडा में पिछले दो दशकों से गरीब और अनाथ बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही दि प्लेज़ेंट वैली फाउंडेशन अब एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का शिकार बन गई है। संस्था ने आरोप लगाया है कि नोएडा का कपड़ा व्यापारी और दोषसिद्ध अपराधी अपूर्वा जोशी उर्फ भैयाजी जोशी अपने गिरोह के साथ मिलकर स्कूल और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रच रहा है।
6 अप्रैल 2026 को थाना गोविंदपुर में दर्ज एफआईआर संख्या 17/2026 में अपूर्वा जोशी, उसकी पत्नी, भाई और अन्य सहयोगियों पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले भी 1 फरवरी 2026 को स्कूल की जमीन को अवैध रूप से बेचने की साजिश के आरोप में एक अन्य एफआईआर दर्ज हुई थी।
मामले ने तब सनसनीखेज मोड़ लिया जब 17 फरवरी की रात कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर स्कूल में आग लगाने की कोशिश की गई। जांच में इसे सुनियोजित साजिश बताया गया है, जिसका उद्देश्य चैरिटेबल संस्थान को पूरी तरह तबाह करना था।
इतना ही नहीं, आरोप है कि गिरोह डिजिटल और जमीनी स्तर पर भी दुष्प्रचार में जुटा है। फर्जी यूट्यूब वीडियो, भड़काऊ पोस्टर और “मारो-पीटो”, “स्कूल पर बुलडोज़र चलाओ” जैसे खुले हिंसक आह्वान से इलाके में तनाव फैलाया जा रहा है। यहां तक कि विदेशी मीडिया संस्था का फर्जी रूप धारण कर लोगों को गुमराह करने के आरोप भी सामने आए हैं।
गौरतलब है कि अपूर्वा जोशी को 2022 में एक अन्य मामले में दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसे 2025 में भी बरकरार रखा गया।
फाउंडेशन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए CBI-SIT गठित करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला उच्चतम न्यायालय तक ले जाया जाएगा।

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