US ओपन में रायबाकिना की शानदार वापसी, विंबलडन सेमीफाइनलिस्ट आर्थर फेरी का सफर खत्म

न्यूयॉर्क में खेले जा रहे US ओपन 2026 के पहले दौर में टेनिस प्रशंसकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कजाखस्तान की स्टार खिलाड़ी एलेना रायबाकिना ने चोट से सफल वापसी करते हुए शानदार जीत दर्ज की, जबकि विंबलडन 2026 के सेमीफाइनलिस्ट आर्थर फेरी को इटली के लोरेंजो मुसेटी के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा।

एलेना रायबाकिना ने अमेरिका की 17 वर्षीय वाइल्डकार्ड खिलाड़ी थिया फ्रोडिन को 6 3, 6 2 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। चोट के कारण सिनसिनाटी में मुकाबला बीच में छोड़ने के बाद रायबाकिना की यह पहली प्रतिस्पर्धी वापसी थी। उन्होंने कोर्ट पर उतरते ही अपने दमदार खेल और शानदार मूवमेंट से यह साफ कर दिया कि चोट की परेशानी अब उनके प्रदर्शन पर हावी नहीं है।

दूसरी ओर ब्रिटेन के आर्थर फेरी के लिए US ओपन का सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया। विंबलडन में सनसनीखेज प्रदर्शन कर सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले फेरी को 13वीं वरीयता प्राप्त लोरेंजो मुसेटी ने 6 3, 6 3, 7 5 से मात दी।

चोट से वापसी के बाद रायबाकिना की दमदार जीत

एलेना रायबाकिना के लिए US ओपन का पहला मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि उनकी फिटनेस और आत्मविश्वास की बड़ी परीक्षा भी था। सिनसिनाटी ओपन में इगा स्वियातेक के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान बाएं टखने में चोट लगने के कारण रायबाकिना को मैच बीच में छोड़ना पड़ा था।

इसके बाद उन्होंने करीब दो सप्ताह तक प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूरी बनाए रखी। US ओपन जैसे बड़े ग्रैंड स्लैम में वापसी करना उनके लिए आसान नहीं था, खासकर तब जब सामने 17 साल की ऐसी खिलाड़ी थी जो बिना किसी दबाव के अपना पहला ग्रैंड स्लैम मुकाबला खेल रही थी।

लेकिन रायबाकिना ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। उनकी सर्विस में वही पुरानी ताकत नजर आई और बेसलाइन से लगाए गए आक्रामक शॉट्स ने फ्रोडिन को लगातार दबाव में रखा।

रायबाकिना ने पहला सेट 6 3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में फ्रोडिन ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन कजाख खिलाड़ी ने अपनी लय नहीं टूटने दी। उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और 4 1 की बढ़त हासिल कर ली।

फ्रोडिन ने इसके बाद दो मैच पॉइंट बचाए और एक और मौके पर रायबाकिना को रोकने की कोशिश की। हालांकि रायबाकिना ने संयम बनाए रखा और अंततः दूसरा सेट 6 2 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पूरे मैच में रायबाकिना ने लगभग एक घंटे 14 मिनट में जीत दर्ज की। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उनके खेल में चोट का कोई स्पष्ट असर नजर नहीं आया।

नंबर वन रैंकिंग हासिल करने का बड़ा मौका

US ओपन एलेना रायबाकिना के लिए सिर्फ ग्रैंड स्लैम खिताब की चुनौती नहीं है। उनके पास इस टूर्नामेंट के दौरान पहली बार दुनिया की नंबर वन महिला टेनिस खिलाड़ी बनने का भी सुनहरा मौका है।

रायबाकिना फिलहाल आर्यना सबालेंका से केवल 434 रैंकिंग अंकों से पीछे हैं। ऐसे में US ओपन में उनका प्रदर्शन महिला टेनिस की शीर्ष रैंकिंग की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।

अगर रायबाकिना सेमीफाइनल तक पहुंच जाती हैं तो वह पहली बार दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनने में सफल हो सकती हैं। खास बात यह है कि इस स्थिति में सबालेंका के चैंपियन बनने के बावजूद रायबाकिना शीर्ष स्थान हासिल कर सकती हैं।

इसके अलावा अगर सबालेंका, कोको गॉफ और जेसिका पेगुला में से कोई भी US ओपन का खिताब नहीं जीतता है तो रायबाकिना के लिए नंबर वन की राह और भी आसान हो सकती है।

रायबाकिना ने साफ किया है कि नंबर वन रैंकिंग उन्हें प्रेरित करती है, लेकिन वह फिलहाल केवल एक मैच पर ध्यान देना चाहती हैं। चोट के बाद उनकी प्राथमिकता फिटनेस बनाए रखना और टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना है।

चोट के बाद मुश्किल रही रायबाकिना की तैयारी

रायबाकिना ने बताया कि चोट के बाद उन्होंने करीब एक सप्ताह तक टेनिस नहीं खेला। इसके अलावा मूवमेंट से जुड़ी ट्रेनिंग भी वह ज्यादा नहीं कर पाई थीं।

ऐसे में US ओपन के पहले दौर में उतरना उनके लिए मानसिक और शारीरिक दोनों लिहाज से चुनौतीपूर्ण था। लेकिन कोर्ट पर उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उससे उनकी तैयारी और अनुभव साफ दिखाई दिया।

ग्रैंड स्लैम में लंबे सफर के लिए फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण होती है। रायबाकिना की ताकत उनकी तेज सर्विस, आक्रामक बेसलाइन गेम और कम समय में अंक खत्म करने की क्षमता है। अगर उनका टखना पूरी तरह फिट रहता है तो वह US ओपन में खतरनाक दावेदार साबित हो सकती हैं।

17 साल की थिया फ्रोडिन का यादगार ग्रैंड स्लैम डेब्यू

एलेना रायबाकिना के खिलाफ हार के बावजूद अमेरिका की 17 वर्षीय थिया फ्रोडिन के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा।

फ्रोडिन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में उतरी थीं। उन्होंने USTA Girls Under 18 National Championship जीतकर US ओपन में वाइल्डकार्ड हासिल किया था।

अपने पहले ही ग्रैंड स्लैम मैच में दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रायबाकिना का सामना करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। हालांकि फ्रोडिन ने कई मौकों पर साहस दिखाया और दबाव के बावजूद मुकाबला जारी रखा।

दूसरे सेट में उन्होंने मैच को लंबा खींचने की कोशिश की और रायबाकिना के कुछ मैच पॉइंट भी बचाए। हालांकि अनुभव और क्लास के मामले में रायबाकिना काफी आगे थीं।

फ्रोडिन की यह हार उनके लिए निराशाजनक जरूर रही, लेकिन US ओपन का मुख्य ड्रॉ खेलना उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

आर्थर फेरी की शानदार लय पर लगा ब्रेक

ब्रिटेन के आर्थर फेरी के लिए 2026 का सीजन तेजी से बदलने वाला रहा है। कुछ ही समय पहले तक उनकी रैंकिंग 114 के आसपास थी, लेकिन विंबलडन में उनके अविश्वसनीय प्रदर्शन ने उन्हें अचानक विश्व टेनिस के बड़े मंच पर पहुंचा दिया।

विंबलडन में वाइल्डकार्ड के तौर पर प्रवेश करने वाले फेरी ने एक के बाद एक शानदार जीत दर्ज की और सेमीफाइनल तक पहुंचकर सबको चौंका दिया।

उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें ओपन एरा में विंबलडन पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले चुनिंदा ब्रिटिश खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया। वह वाइल्डकार्ड के तौर पर इस मुकाम तक पहुंचने वाले भी बेहद खास खिलाड़ियों में शामिल हुए।

विंबलडन के बाद फेरी की रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ और वह ब्रिटेन के नंबर वन पुरुष खिलाड़ी बने। US ओपन में उन्होंने विश्व रैंकिंग में 33वें स्थान के खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया।

लेकिन न्यूयॉर्क में उन्हें उसी लय को दोहराने का मौका नहीं मिला।

मुसेटी ने फेरी की चुनौती को किया खत्म

ग्रैंडस्टैंड कोर्ट पर खेले गए मुकाबले में फेरी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने मुसेटी पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इटली के खिलाड़ी ने शानदार बेसलाइन गेम और मजबूत डिफेंस के जरिए फेरी की रणनीति को कमजोर कर दिया।

मुसेटी ने पहला सेट 6 3 से जीतकर मैच में शुरुआती बढ़त बनाई। दूसरे सेट में भी उन्होंने फेरी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया और एक बार फिर 6 3 से सेट अपने नाम कर लिया।

तीसरे सेट में फेरी ने जबरदस्त संघर्ष दिखाया। उन्हें पता था कि एक और सेट हारते ही उनका US ओपन अभियान समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कई महत्वपूर्ण गेम में दबाव बनाया और मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा।

लेकिन मुसेटी ने निर्णायक क्षणों में शानदार धैर्य दिखाया। उन्होंने तीसरा सेट 7 5 से जीतकर सीधे सेटों में मुकाबला अपने नाम कर लिया।

फेरी के लिए यह हार निश्चित तौर पर निराशाजनक है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनका प्रदर्शन उनके उभरते करियर की मजबूत नींव तैयार कर चुका है।

विंबलडन से US ओपन तक फेरी का शानदार सफर

फेरी की कहानी 2026 में टेनिस की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक रही है। विंबलडन से पहले शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी कि वह सेमीफाइनल तक पहुंचेंगे।

वाइल्डकार्ड के जरिए टूर्नामेंट में प्रवेश करने वाले फेरी ने बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ बेखौफ टेनिस खेला। उनकी आक्रामक शैली, आत्मविश्वास और दबाव में धैर्य ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया।

विंबलडन सेमीफाइनल में उन्हें अलेक्जेंडर ज्वेरेव से हार मिली, लेकिन इस हार के बावजूद फेरी की लोकप्रियता और विश्व रैंकिंग दोनों में जबरदस्त उछाल आया।

US ओपन में विश्व नंबर 33 के रूप में प्रवेश करना उनके लिए कुछ ही महीनों में हुई असाधारण प्रगति का प्रमाण है।

हालांकि मुसेटी के खिलाफ हार ने उनके US ओपन अभियान को जल्दी समाप्त कर दिया, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दिया है कि वह आने वाले वर्षों में पुरुष टेनिस के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।

मुसेटी की शानदार वापसी

लोरेंजो मुसेटी के लिए भी यह जीत काफी महत्वपूर्ण है। इटली के इस खिलाड़ी को पिछले दो मेजर टूर्नामेंट चोट के कारण मिस करने पड़े थे।

लंबे अंतराल के बाद किसी ग्रैंड स्लैम में वापसी करना आसान नहीं होता। इसके बावजूद मुसेटी ने पहले ही दौर में एक ऐसे खिलाड़ी को हराया जिसने कुछ ही समय पहले विंबलडन में तहलका मचा दिया था।

फेरी के खिलाफ मुसेटी ने आक्रामकता और संयम का शानदार संतुलन दिखाया। महत्वपूर्ण मौकों पर उनके शॉट्स की सटीकता और बेसलाइन से नियंत्रण निर्णायक साबित हुआ।

अब दूसरे दौर में मुसेटी का सामना ऑस्ट्रेलिया के डेन स्वीनी से होगा। यह मुकाबला उनके लिए अपनी वापसी को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

40वें जन्मदिन पर गेल मॉनफिल्स की ऐतिहासिक जीत

US ओपन के पहले दौर में फ्रांस के गेल मॉनफिल्स ने भी अपनी शानदार जीत से सुर्खियां बटोरीं।

अपने 40वें जन्मदिन पर US ओपन का आखिरी मैच खेल रहे मॉनफिल्स ने पैराग्वे के एडोल्फो डेनियल वलेहो को 2 6, 6 1, 6 2, 6 0 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई।

मॉनफिल्स ने पहला सेट गंवाने के बाद जिस तरह मुकाबले में वापसी की, वह उनके अनुभव और फिटनेस का शानदार उदाहरण रहा। उन्होंने लगातार चार सेटों में अपना दबदबा बढ़ाया और अंत में शानदार जीत हासिल की।

इस जीत के साथ वह 1992 में जिमी कॉनर्स के बाद US ओपन के मुख्य ड्रॉ में मैच जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

मुकाबले के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने हैप्पी बर्थडे गाकर मॉनफिल्स की इस यादगार जीत को और खास बना दिया।

US ओपन में आगे क्या होगा

US ओपन के शुरुआती दौर ने यह साफ कर दिया है कि न्यूयॉर्क में इस बार मुकाबले बेहद रोमांचक रहने वाले हैं। एलेना रायबाकिना के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य अब अपनी फिटनेस को बनाए रखते हुए अगले दौर में लगातार जीत दर्ज करना होगा।

उनके सामने नंबर वन रैंकिंग हासिल करने का बड़ा अवसर भी मौजूद है। अगर वह गहरी दौड़ तक पहुंचती हैं तो महिला टेनिस की शीर्ष रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

वहीं आर्थर फेरी की हार ने उनके शानदार सफर को फिलहाल रोक दिया है। विंबलडन सेमीफाइनल के बाद उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन मुसेटी के खिलाफ उन्हें कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

लोरेंजो मुसेटी अब दूसरे दौर में डेन स्वीनी के खिलाफ उतरेंगे और उनके पास US ओपन में अपनी वापसी को शानदार तरीके से आगे बढ़ाने का मौका होगा।

US ओपन के शुरुआती नतीजों ने एक बात जरूर साबित कर दी है कि ग्रैंड स्लैम टेनिस में अनुभव, फिटनेस और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता किसी भी खिलाड़ी की किस्मत बदल सकती है। रायबाकिना की चोट के बाद वापसी, फेरी का शानदार सफर और मॉनफिल्स की उम्र को चुनौती देती जीत इस टूर्नामेंट को पहले ही बेहद यादगार बना चुकी है।

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