अमेज़न के थिंक बिग साईंस कार्निवल 2025 में ठाणे और नवी मुंबई के सरकारी स्कूल के बच्चों ने इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स पेश किए

‘‘इंक्लुसिव इनोवेशन’’ की थीम पर 260 से अधिक एंट्रीज़ में से विजेता प्रोजेक्ट चुने गए
मुंबई: अमेज़न द्वारा आयोजित छठवें वार्षिक थिंक बिग साईंस कार्निवल में नवी मुंबई मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (एनएमएमसी) और ठाणे मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (टीएमसी) स्कूलों के सर्वोच्च 25 फाईनलिस्ट्स ने इनोवेटिव प्रोजेक्ट पेश किए, जिनमें महिला सुरक्षा डिवाईस से लेकर इंसुलिन कूलिंग बॉक्स और स्मार्ट रोड रिपेयर सॉल्यूशन जैसे अनेक प्रोजेक्ट शामिल थे। इस कार्निवल का आयोजन सिडको एग्ज़िबिशन सेंटर, नवी मुंबई में किया गया, जिसमें एनएमएमसी और टीएमसी स्कूलों के 100 से ज्यादा टीचर्स और 2,800 से ज्यादा विद्यार्थियों, सरकारी अधिकारियों, और उद्योग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
थिंक बिग साईंस कार्निवल भारत में अमेज़न थिंक बिग स्पेसेज़ प्रोग्राम के अंतर्गत एक फ्लैगशिप अभियान है। यह लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन से सहयोग से चलाया जा रहा है। इस वार्षिक कार्निवल में वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को स्टीम (साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स और मैथ्स) विषयों में अपनी खोज और इनोवेशन पेश करने का एक मंच प्राप्त होता है। टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग द्वारा वास्तविक विश्व की समस्याओं को संबोधित करके इस कार्निवल में साईंस और टेक्नोलॉजी के बारे में जागरुकता बढ़ाई जाती है तथा बच्चों को स्टीम विषयों में सफल करियर बनाने के लिए आवश्यक अनुभव प्रदान किया जाता है।
विद्यार्थियों द्वारा यहाँ पेश किए गए प्रोजेक्ट यूनाईटेड नेशंस द्वारा अनुमोदित अनेकों सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एडीजी) पर आधारित थे। इस साल का कार्निवल ‘‘इंक्लुसिव इनोवेशन’’ की थीम पर आधारित था, जिसे बेहतरीन प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। इसके लिए विद्यार्थियों से 260 से ज्यादा प्रोजेक्ट एंट्री मिलीं।
इसमें चुनी गई सर्वोच्च 25 फाईनलिस्ट्स की टीम ने अपने प्रोजेक्ट ज्यूरी के सामने पेश करके अपने इनोवेशन, रचनात्मकता और प्रभाव का प्रदर्शन किया। इन 25 में से 3 सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को विजेता चुना गया। ये तीन प्रोजेक्ट इलेक्ट्रॉनिक हैल्थ कार्ड, स्मार्ट ट्रेन कपलिंग, और टिकट स्कैनिंग मशीन हैं। इंसुलिन कूलिंग बॉक्स को सर्वश्रेष्ठ इनोवेशन अवार्ड के लिए चुना गया। एल्डर केयर व्हीलचेयर को सर्वश्रेष्ठ प्रेज़ेंटेशन अवार्ड दिया गया। वीमेन सेफ्टी डिवाईस ने ‘पॉपुलर चॉईस’ अवार्ड जीता।
एडब्लूएस में वाईस प्रेसिडेंट, ग्लोबल डेटा सेंटर ऑपरेशंस, सर्जियो लोलेरो ने अपने भाषण में विद्यार्थियों से स्टीम विषयों में एक बिल्डर की मानसिकता का विकास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह जीवन का एक महत्वपूर्ण कौशल है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, श्रीमती संघरत्ना खिल्लारे, डिप्टी कमिश्नर, एजुकेशन/ईटीसी सेंटर/लॉ/डॉ. अंबेडकर मेमोरियल सेंटर, एनएमएमसी ने कहा, ‘‘हम विद्यार्थियों में स्टीम विषयों के प्रति रुचि का विकास करना चाहते हैं। हम उन्हें साईंस, मैथमैटिक्स और टेक्नोलॉजी के विषयों को समझना आसान बनाकर प्रेरित करना चाहते हैं। यह पहल अमेज़न और लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के सहयोग से संभव हो सकी, जिसके लिए मैं उनकी आभारी हूँ। मैं बच्चों को भी शुभकामनाएं देती हूँ। हर कोई अपने स्तर पर काम कर रहा है। बच्चो सीखना चाहते हैं। टीचर्स उनका मार्गदर्शन करने के लिए समर्पित हैं। प्रतिनिधि बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए अपना समय दे रहे हैं। और अमेज़न एवं लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुँचने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं।’’
इस कार्निवल के गेस्ट ऑफ ऑनर, प्रतीक खंडेलवाल थे। वो एक सोशल उद्यमी हैं और फिज़िकल एक्सेसिबिलिटी स्टार्ट-अप, रैंपमाईसिटी का नेतृत्व करते हैं, जिसका उद्देश्य भारत में वरिष्ठ नागरिकों और पर्संस विद डिसएबिलिटी (पीडब्लूडी) के जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने रैंपमाईसिटी की स्थापना साल 2020 में की थी। उन्हें 2014 में रीढ़ की हड्डी पर लगी चोट के कारण पैराप्लीजा हो गया था, जिसने उन्हें शहरों को ज्यादा सस्टेनेबल, समावेशी, और सभी के लिए सुलभ बनाने की ओर काम करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्निवल के बारे में प्रतीक खंडेलवाल ने कहा, ‘‘विकलांगता मानव जीवन की विविधता का एक स्वाभाविक हिस्सा है। एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए इसे स्वीकार करना आवश्यक है। जब हम समस्या का हिस्सा बनने की बजाय समाधान का हिस्सा बनना शुरू कर देते हैं, तो एक ऐसे देश की नींव पड़ती है, जहाँ हर किसी को जीवन जीने की स्वतंत्रता होती है। अमेज़न थिंक बिग साईंस कार्निवल विद्यार्थियों में समाज की समस्याओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उन्हें ऐसे इनोवेटिव समाधानों का निर्माण करने में समर्थ बनाता है, जो समाज में समावेशिता को बढ़ा सकें।’’
प्रोजेक्ट के विकास की पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों की मदद विशेषज्ञ मेंटर्स और समर्पित टीचर्स ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टीम विषयों में अपनी रुचि के विकास के लिए एक प्रायोगिक वातावरण प्रदान किया।
इस साल कार्निवल में भारत में अगली पीढ़ी के थिंकर्स, टिंकरर्स और ट्रेलब्लेज़र्स की प्रतिभा का प्रदर्शन हुआ, जिसने इनोवेशन और अवसरों के भविष्य का मंच तैयार किया। यहाँ पर इंटरैक्टिव प्रदर्शन और विशेषज्ञों के नेतृत्व में सत्रों का आयोजन भी किया गया।
अमेज़न थिंक बिग साईंस कार्निवल 2025 के विजेता पहला स्थानः एनएमएमसी स्कूल नं. 72, कोपरखैराने की संध्या चौधरी और सतीष यादव ने इलेक्ट्रॉनिक हैल्थ कार्ड के लिए पहला पुरस्कार प्राप्त किया। इन विद्यार्थियों ने मेडिकल इमरजेंसी में हैल्थ रिकॉर्ड न मिलने की समस्या का समाधान कर दिया। उन्होंने एक डिजिटल हैल्थ कार्ड का विकास किया, जो मरीज की मेडिकल जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर करके रखता है, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके और मेडिकल त्रुटि की संभावना न रहे। दूसरा स्थानः एनएमएमसी स्कूल नं. 35, कोपरखैराने के स्वप्निल चोरमाले और आरोही वेंडे को स्मार्ट ट्रेन कपलिंग के लिए मिला। इन विद्यार्थियों ने मैन्युअल ट्रेन कपलिंग के कारण होने वाले जोखिम और विलंब का हल प्रस्तुत किया। उन्होंने सेंसर और सर्वो मोटर की मदद से एक ऑटोमेटेड सिस्टम पेश किया, जो सटीक और सुरक्षित कपलिंग करता है, मानव हस्तक्षेप एवं त्रुटियों को कम करता है, तथा ट्रेन ऑपरेशंस की एफिशियंसी बढ़ाता है। तीसरा स्थानः एनएमएमसी स्कूल नं. 34, श्रमिक नगर की स्वीटी शेख और आफरीन तेलर को टिकट स्कैनिंग मशीन के लिए तीसरा पुरस्कार दिया गया। इन विद्यार्थियों ने ट्रेन टिकट एग्ज़ामिनर की मुश्किलों को समझा और क्यूआर कोडेड टिकट एवं ऑनबोर्ड स्कैनर्स की मदद से ऐसा सिस्टम बनाया, जो सीटों की उपलब्धता के बारे में हाथों-हाथ जानकारी प्रदान कर सके। इस समाधान से टिकट चेकिंग की गति बढ़ती है और सीटों के आवंटन में आने वाली कमियाँ दूर होती हैं। बेस्ट इनोवेशन अवॉर्ड: शुभम कनोजिया और नवेद शेख, एनएमएमसी स्कूल नंबर 18, सानपाड़ा को इंसुलिन कूलिंग बॉक्स के लिए बेस्ट इनोवेशन अवॉर्ड मिला। इन छात्रों ने मधुमेह के मरीजों को सफर के दौरान इंसुलिन को सुरक्षित रखने की समस्या को पहचाना। उन्होंने एक ऐसा पोर्टेबल कूलिंग बॉक्स पेश किया जो इंसुलिन को ठंडा और सुरक्षित रखता है। यह व्यावहारिक समाधान बहुत बड़ी स्वास्थ्य सेवा की जरूरत को पूरा करता है। इससे बिना रेफ्रिजरेशन के भी इंसुलिन को सुरक्षित रखा जा सकता है। बेस्ट प्रेजेंटेशन अवॉर्ड: प्रेम रेवाले और संचिता खामकर एनएमएमसी स्कूल नंबर 46, गोठिवली को एल्डर केयर व्हीलचेयर के लिए बेस्ट प्रेजेंटेशन अवॉर्ड मिला। इन विद्यार्थियों ने बुजुर्गों को रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्याओं को हल करने का प्रयास किया। उन्होंने एक ऐसी व्हीलचेयर पेश की जो बिस्तर में बदल जाती है और जिसमें मोबाइल चार्जर, बोतल होल्डर और इमरजेंसी बेल जैसी सुविधाएं हैं। यह इन्नोवेशन बुजुर्गों को आराम देकर आत्मनिर्भर बनाता है, यहां तक कि जब वे अकेले होते हैं तब भी वे इस की मदद से अपना ध्यान रख सकते हैं। पॉपुलर चॉइस अवॉर्ड: कृष्णा कुटे और करण पाटिल, एनएमएमसी स्कूल नंबर 31, कोपरखैरने को विमेन सेफ्टी डिवाइस के लिए पॉपुलर चॉइस अवॉर्ड मिला। इन विद्यार्थियों ने महिलाओं को सफर करते समय होने वाली सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बारे में सोचा। उन्होंने जीपीएस ट्रैकर और टेज़र गन को मिलाकर एक ऐसा डिवाइस बनाया, जो आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सही स्थान ट्रैकिंग में मदद करता है। यह बेहतरीन समाधान महिलाओं की सुरक्षा बढ़ा कर उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है। |
अमेज़न थिंक बिग स्पेसेज़ प्रोग्राम के बारे में
अमेज़न थिंक बिग स्पेसेज़ प्रोग्राम का लॉन्च 2019 में किया गया था। इस प्रोग्राम के अंतर्गत नवी मुंबई मुनिसिपल कॉर्पोरेशन के 50 से अधिक स्कूलों और ठाणे मुनिसिपल कॉर्पोरेशन के छः स्कूलों में 12,000 से अधिक विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जा चुका है। विद्यार्थियों को स्कूल परिसरों में स्थित 14 स्टीम लैब्स, अपनी तरह की खास मोबाईल स्टीम लैब, और 32 स्टीम कॉर्नर्स सहित 47 लर्निंग स्पेसेज़ में स्टीम (साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स, एवं मैथ्स) विषयों में खोज करने का अवसर मिलता है। ये सुविधाएं प्रायोगिक दृष्टिकोण का विकास करती हैं, जिससे विद्यार्थी खोज करने और इनोवेशन लाने में समर्थ बनते हैं, ताकि वो बड़ा सोचकर वास्तविक विश्व की समस्याओं को हल कर सकें। इन प्रोग्राम्स में हिस्सा लेने वालों को विभिन्न राज्यों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सम्मान व सराहनाएं मिली हैं, जिनमें इंस्पायर पुरस्कार, जिज्ञासा, खोज, यंग साईंटिस्ट इंडिया, रोबोकप, फर्स्ट टेक चैलेंज शामिल हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई और आईआईटी गुवाहाटी जैसे विभिन्न कॉलेजों की प्रतियोगिताओं में सम्मान हासिल किया है।
This website is my intake, really superb design and style and perfect written content.
Super-Duper blog! I am loving it!! Will be back later to read some more. I am taking your feeds also.
There is noticeably a lot to identify about this. I feel you made certain good points in features also.
I have been absent for some time, but now I remember why I used to love this web site. Thank you, I will try and check back more often. How frequently you update your site?