गृह मंत्रालय ने निजी सुरक्षा उद्योग के लिए “काम-काज आसान बनाने” की दिशा में बड़ा कदम उठाया

नई दिल्ली, 25 जून 2026: भारत सरकार के गृह मंत्रालय की देखरेख में निजी सुरक्षा कंपनियों के संगठनों ने आज 25 जून 2026 को नई दिल्ली के संविधान क्लब में एक बड़ी साझा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का नाम था – “PSARA अनुपालन और लागू करने पर संयुक्त कार्यशाला”। इस बैठक में गृह मंत्रालय के बड़े अफसर, राज्यों के नियंत्रण अधिकारी, DGP और ADGP स्तर के पुलिस अधिकारी, और निजी सुरक्षा कंपनियों के 400 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि देश में निजी सुरक्षा एजेंसी कानून 2005 (PSARA) को सही तरीके से कैसे लागू किया जाए।यह मंच सरकार और उद्योग जगत को एक साथ बैठकर बात करने का अहम मौका साबित हुआ -जिसका मकसद था नियमों को मजबूत करना, सुरक्षा कंपनियों का विकास करना और उनके लिए काम-काज आसान बनाना।

कार्यक्रम की शुरुआत कुंवर विक्रम सिंह, अध्यक्ष, CAPSI (सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री) के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा, आम लोगों की सुरक्षा और नौकरियाँ देने में निजी सुरक्षा उद्योग कितना बड़ा योगदान दे रहा है। साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार और उद्योग को मिलकर चलना कितना ज़रूरी है।

सुश्री कृति गर्ग, IAS, उप सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण), गृह मंत्रालय ने एक प्रेजेंटेशन दी जिसमें उन्होंने बताया कि PSARA के तहत क्या-क्या नियम हैं, सरकार क्या उम्मीद रखती है, और निजी सुरक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में एक पैनल चर्चा भी हुई जिसमें FICCI, SAI, KSSA, BSRU जैसे उद्योग संगठनों और निजी सुरक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि PSARA को लागू करने में उन्हें किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लाइसेंस बनवाना, नियमों का पालन, ट्रेनिंग, कर्मचारियों की भर्ती और राज्यों में एक जैसे नियम – इन सभी मुद्दों पर गहरी चर्चा हुई।

एक अलग सत्र में राज्यों के अधिकारियों ने अपनी बात रखी, जिससे सरकार और उद्योग मिलकर असली समस्याओं के हल निकाल सके। इसके बाद एक खुले सवाल-जवाब सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने सीधे सरकारी अधिकारियों से अपने सवाल पूछे।

कार्यक्रम का मुख्य भाषण श्री आर. प्रसन्ना, IAS, संयुक्त सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण), गृह मंत्रालय ने दिया। उन्होंने बताया कि सरकार निजी सुरक्षा क्षेत्र को कैसे और मजबूत बनाना चाहती है और देश की सुरक्षा व्यवस्था में इसकी भूमिका को कैसे बड़ा करना चाहती है। इस बैठक से नियमों को बेहतर बनाने, अच्छे तरीके अपनाने, रोज़मर्रा की दिक्कतें सुलझाने और सरकार व निजी सुरक्षा उद्योग के बीच बेहतर तालमेल के लिए ठोस सिफारिशें सामने आईं, जो आगे चलकर पूरे उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होंगी।

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