वेदांता लिमिटेड की ‘कंटिन्यूम ऑफ केयर’ पहल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं से 30 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव आया

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: वेदांता लिमिटेड ने भारत के वंचित क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। भारत की अग्रणी मेटल्स, ऑयल एंड गैस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर और टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में, वेदांता ने 1,100 से अधिक गांवों में विभिन्न स्वास्थ्य पहल के माध्यम से काम किया है। इन पहलों से वित्त वर्ष 2026 में 30 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोकथाम आधारित देखभाल, शुरुआती जांच और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिला है। पिछले वित्त वर्ष में ही कंपनी ने अपने सामाजिक प्रभाव कार्यक्रमों के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर ₹50 करोड़ से अधिक का निवेश किया। इसके साथ ही पिछले चार वर्षों में कुल स्वास्थ्य निवेश लगभग ₹130 करोड़ तक पहुंच गया है।

संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, खासकर संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी 3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) के साथ तालमेल रखते हुए, वेदांता की स्वास्थ्य रणनीति समग्र और जीवन-चक्र आधारित है। इसके तहत कंपनी के सामुदायिक कार्यक्रम इस तरह बनाए गए हैं कि वे जीवन के हर चरण—शुरुआती बचपन से लेकर वयस्कता और बुजुर्गों की देखभाल तक—स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा कर सकें। कंपनी की पहल स्वास्थ्य सेवाओं के पूरे दायरे को कवर करती है, जिसमें रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, शुरुआती जांच, प्राथमिक उपचार की उपलब्धता और बीमारियों का निरंतर प्रबंधन शामिल है, ताकि प्रभाव लगातार और गहराई से बना रहे। मुख्य फोकस क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरों का स्वास्थ्य, पोषण सुरक्षा और गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन शामिल है। इसके साथ ही माताओं के लिए गर्भावस्था से पहले और बाद की देखभाल, 0–6 वर्ष के बच्चों के लिए शुरुआती हस्तक्षेप और समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया जाता है। जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचे, मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और प्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से, वेदांता अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की कमी को दूर कर रहा है और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बना रहा है। इस साल के विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम “स्वास्थ्य के लिए एकजुट रहें। विज्ञान के साथ खड़े रहें।” के अनुरूप, वेदांता डेटा-आधारित, प्रमाण-आधारित और समुदाय केंद्रित पहलों को आगे बढ़ा रहा है, जो जागरूकता, रोकथाम और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच को बढ़ावा देती हैं।

कंपनी की प्रमुख पहल ‘नंद घर’ के तहत आधुनिक आंगनवाड़ियों का एक नेटवर्क बनाया गया है, जो जमीनी स्तर पर पोषण, शुरुआती बचपन की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाएं एक साथ उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, कंपनी मोबाइल हेल्थ वैन, मेडिकल सेंटर और देशभर में जिला व कंपनी द्वारा संचालित अस्पतालों को सहयोग देकर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत बना रही है। वेदांता बाल्को मेडिकल सेंटर, नया रायपुर, छत्तीसगढ़ का भी समर्थन करता है। यह एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल है, जो किफायती दरों पर विश्वस्तरीय कैंसर उपचार प्रदान करता है। हाल ही में यहां दा विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे यह मध्य भारत का पहला निजी अस्पताल बन गया है, जिसने इस उन्नत कैंसर सर्जरी तकनीक को अपनाया है।

ये पहलें रोकथाम आधारित जांच और निरंतर देखभाल के माध्यम से समुदाय के स्वास्थ्य परिणामों में मापने योग्य सुधार ला रही हैं। ‘स्वास्थ्य सारथी’ जैसे कार्यक्रम और मोबाइल हेल्थ वैन घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं, जिससे दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भरता कम हो रही है। इस व्यवस्था को और मजबूत बनाते हुए, झारसुगुड़ा में वेदांता की पैथोलॉजी क्लिनिक समुदाय स्तर पर भरोसेमंद और समय पर जांच सेवाएं उपलब्ध करा रही है। यहां हर साल हजारों टेस्ट किए जाते हैं, जिससे एनीमिया, संक्रमण और गैर-संचारी रोगों जैसी बीमारियों की जल्दी और सही पहचान संभव हो पाती है। इसके साथ ही, राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अस्पतालों और मेडिकल सेंटरों को बेहतर रेफरल नेटवर्क और सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि पहचाने गए मरीजों को समय पर सेकेंडरी और टर्शियरी इलाज मिल सके। सामुदायिक स्वास्थ्य जांच के जरिए कुपोषण की जल्दी पहचान की जाती है और गंभीर मामलों को विशेष उपचार के लिए भेजा जाता है। वहीं, लक्षित पहल के माध्यम से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एनीमिया के प्रति जागरूकता और सुनिश्चित प्रसव पूर्व देखभाल (एंटीनाटल केयर) दी जाती है, जिससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

राजस्थान में, मोबाइल हेल्थ वैन की स्क्रीनिंग के दौरान चित्तौड़गढ़ जिले के सुवानिया गांव की 12 वर्षीय बच्ची कोमल गाड़री में गंभीर एनीमिया का समय रहते पता चला। सही समय पर पहचान और रेफरल सहायता के जरिए उसका इलाज किया गया, जिससे वह स्वस्थ होकर नए आत्मविश्वास के साथ फिर से स्कूल जा सकी। भीलवाड़ा में, बुजुर्ग लाभार्थी गंगा देवी को एक लंबे समय से चली आ रही त्वचा बीमारी के लिए समय पर इलाज और स्वच्छता से जुड़ी सलाह मिली, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ। ओडिशा में मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से लगातार जुड़ाव ने संतोष हंस और द्रौपदी खेसल जैसे मरीजों को उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और अस्थमा जैसी बीमारियों को नियमित जांच और इलाज के जरिए बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद की है। यह दिखाता है कि दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार उपलब्धता किस तरह से लोगों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती है।

वेदांता लिमिटेड की सामुदायिक स्वास्थ्य पहलें देशभर में सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों, स्थानीय समुदायों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ साझेदारी में लागू की जा रही हैं, जिससे स्थायी और बड़े स्तर पर प्रभाव सुनिश्चित हो रहा है। जागरूकता, बुनियादी ढांचे और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़कर, कंपनी यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, एनीमिया में कमी, मातृ स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों में लगातार योगदान दे रही है।

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