राजस्थान के 6 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग बने उत्कृष्टता के केंद्र: शिक्षक शिक्षा में नई दिशा, राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव में हुआ सम्मान

12 मार्च 2026, जयपुर, राजस्थान: राज्य में टीचर एजुकेशन को सशक्त बनाने और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी), राजस्थान ने स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के सहयोग तथा यूनिसेफ के एडवाइजरी सपोर्ट के साथ जयपुर में इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम शोकेस एवं डैशबोर्ड लॉन्च कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में एससीईआरटी नेतृत्व, विभिन्न 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के प्राचार्य और फैकल्टी सदस्य, तथा पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत हुए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की गई। इस प्रोग्राम के माध्यम से राजस्थान के 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को संस्थागत प्रणालियों को मजबूत करने, टीचर एजुकेशन प्रैक्टिसेज को बेहतर बनाने तथा अकादमिक लीडरशिप को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में प्रमुख गणमान्य अतिथियों में श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान; श्री पियूष कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, आरएससीईआरटी; श्रीमती अमृता सेनगुप्ता, यूनिसेफ; तथा श्री लक्ष्मीनरसिम्हा राव कुदलिगी, चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ राजस्थान शामिल थे।
स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन की ओर से डॉ. एंटनी नेलिस्सेरी, हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
आज के समय में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिस प्रकार से जानकारी को समझने, प्रोसेस करने और उपयोग करने के तरीके को बदल रहे हैं, उसी प्रकार शिक्षा प्रणाली भी तकनीक को अपनाकर अधिक तेज़ी से कार्य करने, रुझानों को बेहतर ढंग से समझने और सटीक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एससीईआरटी डैशबोर्ड जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म संस्थानों को अधिक उत्तरदायी और एविडेंस-बेस्ड प्लानिंग की ओर ले जा रहे हैं, जिससे शिक्षा नेतृत्व समय पर और प्रभावी निर्णय ले सके।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण छह 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग का सम्मान था, जिन्हें पहले से ही सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नामित किया गया है और जिन्हें इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग अलवर
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग बीकानेर
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग चूरू
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग जोधपुर
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कोटा
डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग उदयपुर
इस अवसर पर इन डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को टीचर ट्रेनिंग के भविष्य को दिशा देने वाले प्रमुख थीमैटिक क्षेत्रों में किए गए कार्यों के लिए भी सराहा गया। इनमें इंक्लूसिव एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन, रिसर्च एंड इनोवेशन, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) के लिए मल्टीलिंगुअल एजुकेशन, टीचर एम्पावरमेंट तथा आईसीटी इंटीग्रेशन शामिल हैं।
इन संस्थानों ने 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग स्टेट पॉइंट्स ऑफ कॉन्टैक्ट के माध्यम से अपने कार्यों और नवाचारों की प्रस्तुति भी दी, जिसमें संस्थागत सुधार और टीचर ट्रेनिंग से जुड़ी पहलें साझा की गईं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एससीईआरटी डैशबोर्ड का लॉन्च था, जिसे श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान द्वारा लॉन्च किया गया। यह डैशबोर्ड टीचर एजुकेशन संस्थानों में डेटा-ड्रिवन मॉनिटरिंग, इंस्टिट्यूशनल ट्रैकिंग तथा एविडेंस-बेस्ड डिसीजन मेकिंग को सक्षम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इसके बाद श्री वरुण भामरे, लीड – एम एंड ई एंड टेक्नोलॉजी, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन, तथा उदय नागदा, असिस्टेंट प्रोफेसर, एससीईआरटी ने मिलकर डैशबोर्ड का प्रदर्शन किया और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत सु श्री सुमन अरोरा, स्टेट हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के उद्घाटन संबोधन से हुई। उन्होंने राजस्थान सरकार और स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को रेखांकित किया, जिनका उद्देश्य राज्य में टीचर एजुकेशन संस्थानों को सशक्त बनाना है।
श्रीमती श्वेता फागारिया, डायरेक्टर, एससीईआरटी राजस्थान ने कहा:
“यह डैशबोर्ड सभी DIETs को एक प्लेटफॉर्म पर लाने में उपयोगी साबित हुआ है। हमें इसे रियल-टाइम डेटा एंट्री के माध्यम से पूर्ण रूप से उपयोग करते हुए सफल बनाना चाहिए।”
डॉ. एंटनी नेलिस्सेरी, हेड, स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन ने कहा:
“DIETs के लिए विकसित क्वालिटी फ्रेमवर्क उन्हें उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करता है। सेल्फ-इवैल्यूएशन के माध्यम से संस्थान अपनी वर्तमान स्थिति पहचान सकते हैं और उसी आधार पर एक्शन प्लान तैयार कर सकते हैं। 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग प्राचार्यों द्वारा साझा किए गए परिणाम संस्थागत दृष्टिकोण, जवाबदेही और योजना प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव को दर्शाते हैं।”

श्री लक्ष्मीनरसिम्हा राव कुदलिगी, चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ राजस्थान ने कहा:
“मजबूत टीचर एजुकेशन सिस्टम्स बड़े स्तर पर लर्निंग आउटकम्स को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यूनिसेफ ऐसी पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो संस्थागत क्षमता को मजबूत करें, डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दें और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को बेहतर समर्थन प्रदान करें।”
कार्यक्रम का समापन सु श्री सुमन अरोरा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें एससीईआरटी, 33 डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट्स ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग संस्थानों और पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन्स के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई।
इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम शोकेस एवं डैशबोर्ड लॉन्च राजस्थान में टीचर एजुकेशन संस्थानों को सुदृढ़ बनाने तथा बेहतर मॉनिटरिंग, सहयोग और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन टीचर एजुकेशन, डेटा एनालिटिक्स सपोर्ट तथा एजुकेशन सिस्टम्स के इंस्टिट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग के क्षेत्रों में कार्य करता है। यह फाउंडेशन स्टरलाइट इलेक्ट्रिक, रेसोनिया और सेरेंटिका द्वारा समर्थित एक CSR पहल है।
