सेल्सफोर्स एक्सेलरेटर – एजेंट्स फॉर इंपैक्ट ने भारत में सोशल सेक्टर के लिए ए.आई सॉल्यूशंस पेश किए

चार नॉनप्रॉफिट संस्थाओं ने डिसएबिलिटी एनटाईटलमेंट, स्कॉलरशिप, करियर का मार्गदर्शन और टीचर सपोर्ट की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एजेंटिक ए.आई सॉल्यूशंस का विकास किया, जिनकी मदद से फ्रंटलाईन टीमों को समाजसेवा करने के लिए ज्यादा वक्त मिल सकेगा

बैंगलुरु, भारत, 25 सितंबर, 2026 – भारत के नं. 1 सीआरएम, सेल्सफोर्स ने चार भारतीय नॉनप्रॉफिट संस्थाओं को कस्टम एजेंटफोर्स सॉल्यूशन बनाने में मदद की है। ये सॉल्यूशन सेल्सफोर्स एक्सेलरेटर – एजेंट्स फॉर इंपैक्ट के पहले इंडिया कोहोर्ट के माध्यम से बनाए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत नॉनप्रॉफिट संस्थाओं को अपने मिशन को आगे बढ़ाने में ए.आई का इस्तेमाल करने में मदद की जाती है। इन सॉल्यूशंस का प्रदर्शन छः महीने की निर्माण अवधि को पूरा करने के बाद किया गया। ये ए.आई एजेंट शिक्षा, करियर रेडीनेस, स्कॉलरशिप और दिव्यांगों एवं उनके परिवारों को सपोर्ट करने की महत्वपूर्ण जरूरत को पूरा करते हैं। एक्सेलरेटर के माध्यम से इस कोहोर्ट को 6.8 करोड़ रुपये तक की ग्रांट, सेल्सफोर्स की टेक्नोलॉजी और निशुल्क विशेषज्ञता प्राप्त हुई हैं।

एक्सेलरेटर का लॉन्च भारत में फरवरी, 2026 में किया गया। इसमें चार नॉनप्रॉफिट संस्थाएं – टीच फॉर इंडिया, अंतरंग फाउंडेशन, फाउंडेशन फॉर एक्सिलेंस और लतिका शामिल हैं। इसका मकसद इन संस्थाओं के मिशन की खास जरूरतों को पूरा करने के लिए ए.आई एजेंट्स का विकास करना और उन्हें कस्टमाईज करना है। इस छः महीने के प्रोग्राम में संस्थाओं को सेल्सफोर्स के एक्सपर्ट्स ने वन-ऑन-वन और ग्रुप कोचिंग प्रदान की। कर्मचारी वॉल्युनटीयर्स ने उन्हें टेक्निकल कंसल्टेशन दी और उन्हें सेल्सफोर्स की टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई गई। इस प्रोग्राम के माध्यम से हर संस्था ने अपने-अपने डोमेन की विशेषज्ञता के साथ एजेंटिक ए.आई सॉल्यूशन का विकास किया। ये सॉल्यूशन इन संस्थाओं के कार्यक्षेत्र में आने वाले लोगों और उन्हें सपोर्ट करने वाली प्रक्रियाओं पर आधारित थे।

इंडिया कोहोर्ट कर रहा है एजेंटिक ए.आई सॉल्यूशंस का विकास

चार नॉनप्रॉफिट संस्थाएं अपने कामों को आसान बनाने, महत्वपूर्ण सपोर्ट की उपलब्धता बढ़ाने और फ्रंटलाईट टीमों को ज्यादा प्रभावी तरीके से लोगों की सेवा करने में समर्थ बनाने के लिए एजेंटिक ए.आई सॉल्यूशंस का उपयोग कर रही हैं, जिनमें टीचर सपोर्ट, करियर गाईडेंस, स्कॉलरशिप प्रोसेसिंग और डिसएबिलिटी एनटाईटलमेंट शामिल हैं। इनमें से हर सॉल्यूशन का उपयोग इंसानी विशेषज्ञता के साथ किया जाएगा।

टीच फॉर इंडिया ने एक ए.आई-इनेबल्ड टीचिंग असिस्टैंट एवं कोच का विकास किया है, जो टीचर्स को ऑन-डिमांड गाईडेंस, मेंटरशिप और पर्सनालाईज्ड रिसोर्सेज उपलब्ध कराता है। यह टीच फॉर इंडिया के समर्पित ऑनलाईन टीचर एजुकेशन प्लेटफॉर्म, फिरकी की मदद से टीच फॉर इंडिया के 100 फैलो और 100 टीचर्स को सॉल्यूशन उपलब्ध करागा। इस पायलट का उद्देश्य टीचर्स को सपोर्ट मिलने में लगने वाले समय को 70 प्रतिशत तक कम करना और 90 प्रतिशत टीचर-रेटेड एक्युरेसी एवं रेलिवेंस हासिल करना है। इसके बाद फिरकी की मदद से इस सॉल्यूशन का विस्तार 2,500 टीचर्स तक किया जाएगा।

अंतरंग फाउंडेशन ने करियर काउंसलर्स को ज्यादा व्यक्तिगत और प्रभावी काउंसलिंग प्रदान करने में मदद करने के लिए एक कन्वर्सेशनल ए.आई कोपायलट का विकास किया है। सेल्सफोर्स के लाईव स्टूडेंट डेटा और अंतरंग के सर्टिफाईड रिसोर्सेज की मदद से कोपायलट क्लासरूम्स पर आधारित जानकारी, करियर का मार्गदर्शन, उन्हें हासिल करने के तरीके और फौलो-अप एक्शंस का सुझाव प्रदान करता है। तैयारी में लगने वाले समय को कम करके और टीचर्स को अपने हर स्टूडेंट की जरूरतों को समझने व उन्हें पूरा करने में समर्थ बनाकर इस सॉल्यूशन का उद्देश्य हाई-क्वालिटी करियर गाईडेंस को ज्यादा स्थिर और व्यापक बनाना है। अंतरंग का उद्देश्य 2027 में इस पहल की मदद से 200 से अधिक टीचर्स को प्रशिक्षित करना एवं 150,000 स्टूडेंट्स तक पहुँचना है।

फाउंडेशन फॉर एक्सिलेंस ने एक इंटैलिजेंट स्कॉलरशिप एजेंट बनाया है, जो सेल्सफोर्स में स्टूडेंट रिकॉर्ड के आवेदन दस्तावेजों को पढ़ता है, उनमें से जरूरी अंशों को निकालता है और उनका सत्यापन करता है। इस प्रकार टीमों को हर दस्तावेज को पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसकी मदद से एफएफई द्वारा स्क्रीनिंग में लगने वाला समय 60 प्रतिशत कम हो सकता है, जिससे हर सायकल में लगभग 1,400 कार्यदिवसों की बचत हो सकती है और क्षमता दोगुनी हो सकती है।

लतिका ने असली इंटैलिजेंस का विकास किया है। यह एक इंटरनल ए.आई लीगल गाईड है, जो दिव्यांग बच्चों और युवाओं के परिवारों के लिए व्यक्तिगत और जिले पर आधारित योजना बनाती है। हिंदी शब्द असली दिव्यांगों और उनके परिवारों को सपोर्ट करने का लतिका का 30 सालों से अधिक समय का अनुभव प्रदर्शित करता है। उम्र, विकलांगता, आय और स्थान के आधार पर यह संबंधित लाभों की सूची तैयार करता है, जरूरी दस्तावेजों और अगले कदम के बारे में बताता है और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उन परिवारों की मदद करने में समर्थ बनाता है, जिससे लतिका के वकील जटिल मामलों और एडवोकेसी पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

सेल्सफोर्स, साउथ एशिया की प्रेसिडेंट एवं सीईओ, अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘छः महीने पहले ये संस्थाएं हमारे पास अपने मिशनों की वास्तविकताओं पर आधारित विचार के साथ आईं। आज उन्होंने अपने डोमेन की विशेषज्ञता के आधार पर प्रैक्टिकल एजेंट बना लिए हैं, जो भरोसमंद डेटा और इंसानी मदद के साथ काम करते हैं। इस कोहोर्ट ने दिखा दिया है कि सोशल सेक्टर में ए.आई लोगों की जगह लेकर नहीं, बल्कि उनकी नॉलेज को बढ़ाकर, उनके समय को बचाकर और उन्हें और ज्यादा समुदायों तक सेवा व देखभाल पहुँचाने में समर्थ बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’’

सेल्सफोर्स में एसवीपी, इंपैक्ट, शून्य नॉर्मन ने कहा, ‘‘एआई में नॉनप्रॉफिट संस्थाओं को अपना प्रभाव बढ़ाने में मदद करने की जबरदस्त क्षमता है। यह कोहोर्ट दिखा रहा है कि ए.आई की मदद से क्या संभव हो सकता है। ए.आई, फंडिंग और सेल्सफोर्स कर्मचारियों की विशेषज्ञता को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर ये संगठन ऐसे सॉल्यूशंस का विकास कर रहे हैं, जो उनकी टीमों के समय की बचत कर सकते हैं और उन्हें ज्यादा टीचर्स, स्टूडेंट्स, नौकरी तलाशने वालों एवं परिवारों तक पहुँचने में समर्थ बना सकते हैं। मैं यह देखकर बहुत उत्साहित हूँ कि ये टीमें किस प्रकार अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं, जिससे समुदायों के लिए सपोर्ट बढ़ रही है।’’

एलिजाबेथ सैम्युअल, डायरेक्टर, फिरकी, टीच फॉर इंडिया ने कहा, ‘‘हम अपने टीचर्स के साथ व्हाट्सऐप बॉट का उपयोग करने के लिए उत्साहित हैं। हमें उम्मीद है कि इसस एजुकेटर्स को अपनी प्लानिंग और अन्य कौशलों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से वो अपने स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षा प्रदान कर पाएंगे। इसकी मदद से हम लर्निंग को एजुकेटर्स के लिए ज्यादा आसानी से उपलब्ध कराना चाहते हैं।’’

प्रियंका शंघाई, ज्वाईंट एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, अंतरंग फाउंडेशन ने कहा, ‘‘अंतरंग में ए.आई करियर फैसिलिटेटर को रिप्लेस करने के लिए नहीं है। बल्कि यह उन्हें एक कोपायलट प्रदान करता है, जिससे उन्हें हर स्टूडेंट को बेहतर समझने और युवाओं को बेहतर समझने के लिए जरूरी जानकारी व सपोर्ट मिलती है। इससे युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षा बढ़ाने और उन करियर विकल्पों की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है, जिनके बारे में वो पहले सोच भी नहीं सकते थे। इससे उन्हें करियर के स्पष्ट मार्ग मिलते हैं। सेल्सफोर्स के साथ यह प्रोजेक्ट हमें इस विचार को जीवंत बनाने और व्यापक स्तर पर करियर गाईडेंस प्रदान करने की क्षमता हासिल करने में समर्थ बना रहा है।’’

जो चोपड़ा, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, लतिका ने कहा, ‘‘असली इंटैलिजेंस इतनी कूल है, जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। अब हम इसे भारत में हर दिव्यांग तक पहुँचाना चाहते हैं। आखिरकर उन्हें जो कुछ भी मिलना चाहिए, वह उनकी पहुँच में है और उसका लाभ वो उठा सकते हैं।’’

यह एक्सेलरेटर के अगले चरण की शुरुआत है। संस्थाएं इसका प्रयोग कर रही हैं, इसमें सुधार ला रही हैं और अपने सॉल्यूशंस का विस्तार कर रही हैं। आज इन चार मामलों में मानव-केंद्रित एजेंटिक ए.आई-टेक्नोलॉजी का एक प्रैक्टिकल ब्लूप्रिंट मिला है, जो लोगों, विश्वास और जवाबदेही पर केंद्रित रहते हुए जटिलताओं को संभाल रहा है।

सेल्सफोर्स ए.आई टेक्नोलॉजी और क्षमताओं द्वारा पॉवर्ड नं. 1 सीआरएम है।

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