दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए मिंडा कॉर्पोरेशन को राष्ट्रपति से मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

- सक्षम प्रोग्राम 2015 में लॉन्च किया गया था, जो मोबिलिटी, स्किलिंग, रोजगार, और सशक्तीकरण द्वारा 21,000 से अधिक दिव्यांगजनों को समर्थ बना चुका है।
- स्पार्क मिंडा ग्रुप फैक्ट्रियों में 1200 से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार दिया गया है।
- भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने एक औपचारिक समारोह में यह पुरस्कार सारिका मिंडा, चेयरपर्सन, स्पार्क मिंडा फाउंडेशन को प्रदान किया।
नई दिल्ली- मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए ‘‘दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता’’ श्रेणी के अंतर्गत माननीय राष्ट्रपति द्वारा 2024 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में दिया गया।
स्पार्क मिंडा फाउंडेशन की चेयरपर्सन, सारिका मिंडा ने कहा, ‘‘यह अवार्ड दिव्यांगजनों को समर्थ बनाने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह ‘मोबिलिटी फॉर एवरीवन’ कैंपेन पर आधारित है। मिंडा कॉर्पोरेशन में हमारा मानना है कि समावेशन केवल एक दायित्व ही नहीं है, बल्कि यह समानतापूर्ण समाज का निर्माण करने का तरीका है। सक्षम द्वारा हमारा उद्देश्य बाधाओं को तोड़कर और सभी के लिए समान अवसरों का विकास कर लोगों को इस सफर में शामिल होने की प्रेरणा देना है।
यह पुरस्कार स्पार्क मिंडा फाउंडेशन (मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 100 प्रतिशत सब्सिडियरी) की फ्लैगशिप पहल, सक्षम को सम्मानित करता है। फाउंडेशन के उद्देश्य के अनुरूप यह अभियान 21,000 से अधिक दिव्यांगजनों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर चुका है और उनकी मोबिलिटी, स्किलिंग एवं रोजगार की जरूरतों को पूरा कर चुका है। स्पार्क मिंडा की फैक्ट्रियों में अभी तक 1200 से अधिक पीडब्लूडी को रोजगार दिया जा चुका है।
स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सशक्तिकरण के लिए स्थायी केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण, सहायक उपकरण, और आजीविका के अवसर प्रदान करते हैं। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में वार्षिक शिविरों का आयोजन किया जाता है।
इस पहल को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा पैंतीस से ज्यादा सरकारी संस्थाओं, एनजीओ, और संगठनों के साथ सहभागिता की गई है, ताकि भारत में दिव्यांगजनों को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। सक्षम द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, जैसे प्रोस्थेटिक्स, ऑर्थोटिक्स, वॉकर्स, बैसाखियाँ, और व्हीलचेयर प्रदान किए जाते हैं, ताकि वो ज्यादा आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।
इस राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा पहले स्पार्क मिंडा समूह को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) और सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

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