AWS सर्वे में सामने आया कि भारत में 83% संगठनों ने जनरेटिव AI इनोवेशन में तेजी लाने के लिए चीफ AI ऑफिसर नियुक्त किए

2025 में भारत में 64% संगठन जनरेटिव AI में निवेश को प्राथमिकता देंगे, जो संयुक्त रूप से सुरक्षा (21%) और कंप्यूट (10%) से अधिक है।

भारत19 जून2025  अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने आज एक्सेस पार्टनरशिप के साथ किए गए एक सर्वे के परिणाम जारी किए। इस सर्वे के अनुसार 2024 में भारत में जनरेटिव AI (जेन AI) को अपनाने में तेजी आई। सर्वे में सामने आया कि भारत में 83% संगठनों ने एक समर्पित AI एक्ज़िक्यूटिव, यानी चीफ AI ऑफिसर नियुक्त किया है, तो जेन AI को अपनाने में तेजी लाकर क्रियान्वयन की जटिलताओं का प्रबंधन कर सके। अन्य 15% संगठन 2026 तक ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। “जनरेटिव AI एडॉप्शन इंडेक्स” नाम के इस सर्वे में भारतीय संगठनों के पैटर्न और इनसाइट्स का आकलन किया गया, जो जेन AI के प्रायोगिक चरण से पूर्ण क्रियान्वयन के चरण में पहुँच चुके हैं, तथा व्यवसाय में तेजी लाने की व्यवहारिक रणनीतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

अभी तक ज्यादातर जनरेटिव AI इनोवेशन अभियानों का नेतृत्व चीफ एक्ज़िक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ), चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) और चीफ इनोवेशन ऑफिसर (सीआईओ) करते आए हैं, लेकिन नई मांगों को पूरा करने के लिए नेतृत्व संरचनाओं का विकास हो रहा है और संगठनों में सर्वोच्च स्तर पर AI की योग्यता रखने वाली प्रतिभाओं के लिए नए करियर के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। एक समर्पित AI एक्ज़िक्यूटिव की नियुक्ति संगठनों द्वारा 2025 के बजट में जेन AI (64%) को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का परिणाम है, जिसके बाद सुरक्षा (21%) और कंप्यूट (10%) हैं।

AWS इंडिया और साउथ एशिया के हेड, सॉल्यूशन आर्किटेक्चर, सतिंदर पाल सिंह ने कहा, “AI को एक परिवर्तनकारी टेक्नोलॉजी के रूप में स्वीकार किया जा रहा है, जिसके लिए सर्वोच्च स्तर पर रणनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है, साथ ही प्रबंधन में परिवर्तन के लिए एक संरचनाबद्ध दृष्टिकोण भी जरूरी है। भारत में जरूरत केवल टेक्नोलॉजी को अपनाने की नहीं, अपितु लगातार इनोवेशन की मानसिकता का विकास करने और ग्राहक अनुभव में सुधार तथा काम करने के तरीके में परिवर्तन लाने के लिए AI का पूरा उपयोग करने की है।”

इस सर्वे में भारत में वित्तीय सेवाओं, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी, विनिर्माण एवं रिटेल आदि उद्योगों के 415 सीनियर आईटी डिसीज़न मेकर्स को शामिल किया गया।

इस सर्वे में निम्नलिखित मुख्य जानकारियां मिलीं:

संगठन में परिवर्तन लाने के लिए समर्पित AI लीडरशिप के पद:

–    प्रभावी चेंज मैनेजमेंट की मदद से संगठन में AI रणनीति का क्रियान्वयन और AI इनोवेशन की संस्कृति का विकास सबसे जरूरी है।

–    75% संगठनों के पास कर्मचारियों को आज जेन AI के भविष्य में आगे बढ़ने में मदद देने के लिए कोई चेंज मैनेजमेंट रणनीति नहीं है, लेकिन 2026 के अंत तक ऐसे संगठनों की संख्या घटकर 9% रह जाने की उम्मीद है।

वर्कफ़्लो में विस्तृत जेन AI इंटीग्रेशन:

–    43% संगठनों ने अपने वर्कफ़्लो में जेन AI को पूरी तरह से शामिल कर लिया है, जिससे भारत में बड़े स्तर पर AI-पॉवर्ड परिवर्तन की तेज गति प्रदर्शित होती है।

–    भारत में लगभग सभी जगह जेन AI को अपनाया जा रहा है। 98% संगठन जेन AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं और 95% इसकी मदद से नए एप्लिकेशंस का विकास कर रहे हैं। इनमें से 49% एप्लिकेशंस का निर्माण 2025 में शुरू हो जाने की उम्मीद है।

जेन AI में प्रतिभा की कमी को दूर करना:

–    AI प्रतिभा की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए 81% संगठनों ने जेन AI ट्रेनिंग प्लान बनाए हैं। 11% संगठन 2025 के अंत तक ये प्लान बना लेंगे।

–    आईटी डिसीज़न मेकर्स ने ट्रेनिंग प्लान बनाने में आने वाली तीन मुख्य बाधाओं के बारे में बताया, जो हैं – कर्मचारियों के बीच जनरेटिव AI कौशल की जरूरतों को लेकर कम समझ, प्रभावी क्रियान्वयन की अनिश्चितता और बजट की कमी। इन बाधाओं के कारण केवल प्रशिक्षण द्वारा कौशल की कमी को दूर करना संभव नहीं।

–    भारत में जनरेटिव AI प्रतिभा की माँग काफ़ी ज़्यादा होगी, 99% संगठन 2025 में ऐसे पदों पर नियुक्ति करेंगे, जिनके लिए जनरेटिव AI कौशल की आवश्यकता है।

जेन AI द्वारा व्यवसाय परिवर्तन लाने के लिए एक मिश्रित दृष्टिकोण अपनाना:

–    संगठन AI अपनाने के दौरान अपने डेटा को सुरक्षित रखते हुए एफिशिएंसी, स्केलेबिलिटी, और उच्च परफॉरमेंस पाने के लिए अपने प्रोप्रायटरी डेटा को कस्टमाइज़ कर रहे हैं।

–    62% संगठन आउट-ऑफ-द-बॉक्स मॉडल पर कस्टम एप्लिकेशन तैनात करने की योजना बना रहे हैं, 71% संगठन 2025 में बेहतर परफॉरमेंस और स्केलेबिलिटी के लिए पहले से मौजूद मॉडल को प्रोप्रायटरी डेटा के साथ फाइन-ट्यून कर रहे हैं। 42% संगठन बिना कस्टमाइज़ेशन के आउट-ऑफ-द-बॉक्स मॉडल का उपयोग करेंगे।

–    पार्टनरशिप्स महत्वपूर्ण हैं, 45% कंपनियां तैनाती के लिए इन-हाउस और थर्ड-पार्टी वेंडर्स के साथ पार्टनरशिप करेंगी। वहीं, 15% कंपनियां पूरी तरह से बाहरी वेंडर्स पर निर्भर रहेंगी।

AWS किस प्रकार ग्राहकों को जेन AI में बढ़त पाने में मदद कर रहा है:

संगठनों को जेन AI एडॉप्शन में मदद करने के लिए, AWS ने $100 मिलियन के निवेश से एक जनरेटिव AI इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया है। यह संगठनों को निशुल्क वर्कशॉप्स, सहभागिताओं और प्रशिक्षण द्वारा AWS AI एक्सपर्ट्स से जोड़ता है। AWS द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मदद से AI कौशल की कमी को भी पूरा किया जा रहा है। AWS स्किल बिल्डर के अंतर्गत 80 से अधिक निशुल्क जेन AI कोर्स प्रदान किए जा रहे हैं, जो 2025 तक पूरे विश्व में लाखों लोगों को AI और मशीन लर्निंग का प्रशिक्षण देने की AWS की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसके अलावा, AWS पार्टनर नेटवर्क द्वारा संगठनों को टीसीएस, इन्फ़ोसिस और विप्रो जैसे हज़ारों अनुभवी कंसल्टिंग एवं टेक्नोलॉजी पार्टनर्स से सहयोग प्राप्त होता है, जो अपने औद्योगिक ज्ञान के माध्यम से AI एडॉप्शन में तेज़ी लाने में मदद करते हैं।

AWS पर जनरेटिव AI के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वेबपेज पर विजिट करें।

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4 thoughts on “AWS सर्वे में सामने आया कि भारत में 83% संगठनों ने जनरेटिव AI इनोवेशन में तेजी लाने के लिए चीफ AI ऑफिसर नियुक्त किए

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