एजबेस्टन की दीवार टूटेगी? गिल की अगुवाई में भारत की पहली टेस्ट जीत की उम्मीद

एजबेस्टन का परिचय

1882 में बनाए गए बर्मिंघम स्थित प्रतिष्ठित एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड ने 1902 से टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी की है। यह मैदान तेज़ गेंदबाज़ी और स्पिन के बीच संतुलन के लिए जाना जाता है। भारत को इस मैदान पर कभी टेस्ट में जीत नहीं मिली, लेकिन यहाँ बड़े पारियों और रोमांचक मुकाबलों की झड़ी लगी है।


भारत का प्रदर्शन अब तक

  • मैचेस खेले: कुल 8 टेस्ट (1967–2022)
  • जीते: 0, हारे: 7, ड्रॉ: 1 (1986 में कपिल देव की कप्तानी में)
  • सबसे पहली टेस्ट: जुलाई 1967 में मंसूर अली खान पटौदी की कप्तानी में हुआ; भारत 132 रन से हार गया था
  • एकमात्र ड्रॉ: जुलाई 1986 में, मोहिंदर अमरनाथ (79), मोहम्मद अजहरुद्दीन (64), सुनील गावस्कर (54) की पारियों की बदौलत मैच टाई हुआ था

वीनियोजन (Recent Context): 2022 में भारत ने 378 रन का टारगेट दिया—सबसे बड़ा मौका था लेकिन जो रूट (142*) और जॉनी बेयरस्टो (114*) की नाबाद साझेदारी ने जीत दिलाई ।


महत्वपूर्ण आंकड़े और आँकड़े

बल्लेबाज़ी में

  • 300+ रन पार: 8 पारियों में केवल दो बार (1986 व 2022)
  • न्यूनतम स्कोर: 92 (1967 की पहली पारी)
  • टॉप स्कोरर (भारत):
    • विराट कोहली – 231 रन (2018 में 149 की पारी)
    • सुनील गावस्कर – 216 रन
    • ऋषभ पंत – 203 रन

2018 में विराट कोहली की 149 रन की पारी एजबेस्टन की सबसे यादगार इंडियन पारी थी ।

गेंदबाज़ी में

  • टॉप विकेट‑टेकर्स भारत के:
    • चेतन शर्मा – 10 विकेट
    • एरापल्ली प्रसन्ना – 8 विकेट
    • रवि अश्विन – 7 विकेट
    • कपिल देव – 7 विकेट

ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह भी मैदान के टॉप रन‑स्कोरर और विकेट‑टेकर्स की सूची में शामिल हैं ।


हालिया मैच का नाम: 2022 का मुकाबला

  • भारत ने पहली पारी में ऋषभ पंत (146) और रविंद्र जडेजा (104) की ज़बरदस्त पारियों की मदद से 416 रन बनाए
  • इसने इंग्लैंड को पहली पारी में 284 पर समेटा; लेकिन 378 रन का टारगेट देने के बाद इंग्लैंड ने चौथे दिन 5 विकेट से जीत दर्ज की
  • जो रूट और बेयरस्टो की नाबाद साझेदारी ने भारत की जीत की उम्मीदों को ध्वस्त कर दिया

एजबेस्टन में वापसी की राह – 2025 सीरीज़

शुभमन गिल की कप्तानी में भारत दूसरे टेस्ट (2–6 जुलाई 2025) से इस जोंक को तोड़ना चाहेगा। नाव-सीरीज में इंडिया पिछड़ गई है — पहला टेस्ट हारा (Leeds, 20–24 जून) ।

बदलाव और रणनीति

  • बल‑बैलेंस के लिए कुंदलीप यादव की वरीयता
  • अनुभवी गेंदबाज़ों के अनुभव का लाभ और बल्लेबाज़ों का बल्ला टिका रहने वाली भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

अनुभव बनाम नयी प्रतिभा

  • टीम में 8 खिलाड़ियों को एजबेस्टन का अनुभव है: गिल, पंत, राहुल, जडेजा, बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दूल ठाकुर
  • अन्य 11 खिलाड़ी इस मैदान पर पदार्पण करेंगे।

निष्कर्ष

  • एजबेस्टन का श्राप: किसी भी टेस्ट मैच में जीत न मिलने की मानसिक बाधा।
  • टॉप स्कोरर: विराट कोहली, सुनील गावस्कर और ऋषभ पंत
  • टॉप विकेट टेकर: चेतन शर्मा, प्रसन्ना, अश्विन, कपिल देव
  • 2025 की उम्मीद: गिल की कप्तानी, बैलेंस्ड टीम चयन, विशेषकर स्पिन का सहारा और बेहतर गेंदबाज़ी।

अगर भारत ये सभी क्षेत्र मजबूत कर पाता है तो एजबेस्टन में पहली टेस्ट जीत मिल सकती है और सीरीज में वापसी की राह खुल सकती है।

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