यशस्वी जायसवाल 10 रन से चूके, 39 पारियों में 1990 टेस्ट रन; fastest 2000 से एक कदम दूर

यशस्वी जायसवाल चूके इतिहास रचने से: राहुल द्रविड़ का 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने से रह गए 10 रन दूर

भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन टेस्ट मैच के दौरान युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हालांकि वह एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने से चूक गए। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पहली पारी में 87 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन यदि वे 10 रन और बना लेते, तो वे भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाते।

39 पारियों में 1990 रन

यशस्वी जायसवाल ने अब तक अपने छोटे से टेस्ट करियर में 1990 रन बना लिए हैं। उन्होंने यह कारनामा केवल 39 पारियों में किया है। यदि वे 10 रन और बना लेते, तो वह 2000 रन के आंकड़े को छू लेते और भारत के दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग का 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देते।

राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड

राहुल द्रविड़ ने साल 1999 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन टेस्ट में 40 पारियों में 2000 रन पूरे किए थे। वहीं वीरेंद्र सहवाग ने भी 40 पारियों में ही यह उपलब्धि हासिल की थी। अगर यशस्वी जायसवाल यह रिकॉर्ड 39 पारियों में बना लेते, तो वह सबसे तेज 2000 टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाते।

शानदार फॉर्म में यशस्वी

यशस्वी जायसवाल ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने 21 टेस्ट मैचों में 53.78 की औसत से 1990 रन बना लिए हैं, जिसमें 5 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। उनके बल्लेबाज़ी का अंदाज़ आक्रामक होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी सधा हुआ है। वह वर्तमान समय में भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद ओपनरों में से एक बन चुके हैं।

एजबेस्टन में भारत का प्रदर्शन

भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन में खेले गए टेस्ट मैच में यशस्वी की 87 रनों की पारी बेहद अहम रही। हालांकि यह पिच पारंपरिक रूप से इंग्लैंड के पक्ष में रही है। भारत ने इस मैदान पर अब तक कुल 8 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से वह एक भी नहीं जीत पाया है। इंग्लैंड ने यहां 7 बार भारत को हराया है, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है।

यशस्वी के पास अब भी मौका

हालांकि यशस्वी जायसवाल इतिहास रचने से चूक गए, लेकिन उनके पास अब भी मौका है। अगर वह दूसरी पारी में 10 रन और बना लेते हैं, तो वह द्रविड़ और सहवाग के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे, और अगर 11 रन बना लेते हैं, तो नए रिकॉर्डधारी बन जाएंगे।

क्रिकेट विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बन सकते हैं। पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा और संजय मांजरेकर ने भी उनकी बल्लेबाज़ी की तारीफ की है।

आकाश चोपड़ा ने कहा, “यशस्वी के अंदर एक ठहराव है जो युवा खिलाड़ियों में कम ही देखने को मिलता है। वह केवल रन नहीं बनाते, बल्कि अपनी मौजूदगी से मैच की दिशा बदलते हैं।”

भविष्य की संभावनाएं

इस समय यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाज़ी सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि उनके खेलने का तरीका उन्हें एक विशेष खिलाड़ी बनाता है। उनकी तकनीक, संयम और आक्रामकता का संतुलन ऐसा है कि वह भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बन सकते हैं।

निष्कर्ष

यशस्वी जायसवाल भले ही इस बार 10 रन से चूक गए हों, लेकिन उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं। उनके पास आगे कई मौके हैं जहां वह यह रिकॉर्ड बना सकते हैं, और शायद इससे भी बड़े कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। भारतीय क्रिकेट को यशस्वी से काफी उम्मीदें हैं और वह अब तक उन पर खरे भी उतरे हैं।

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