2025 में एबी इनबेव इंडिया ने अपने स्मार्टबार्ली कार्यक्रम से 2,000 से अधिक किसानों को सशक्त किया और 14,000 से अधिक टन जौ की खरीद की

~हरियाणा के फर्रुखनगर में जौ उत्पादक दिवस के 5वें संस्करण का आयोजन किया गया।~
- स्मार्ट बारले प्रोग्राम को किसान कौशल विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी और वित्तीय सशक्तिकरण में 100% सफलता मिली है।
- यह पहल वर्ष 2016 में जहां 1,000 किसानों से शुरू हुई थी वह अब वर्ष 2025 में 2,000 से भी ज्यादा किसानों तक पहुंच गई है, इससे टिकाऊ कृषि प्रथाओं का बेहतर विस्तार साफ दिखाई देता है।
- यह किसानों को नई टेक्नोलॉजी, टिकाऊ खेती के तरीकों और अधिक व्यवसाय के अवसरों से सशक्त बनाता है।
- 2025 में 14,000+ टन घरेलू जौ की खरीद की , जिससे माल्ट-गुणवत्ता वाले जौ उत्पादन में भारत की स्थिति मजबूत हुई।
फर्रुखनगर – भारत की जानीमानी बीयर और पेय कंपनी एबी इनबेव इंडिया ने अपने 5वें वार्षिक जौ उत्पादक दिवस का आयोजन किया, जिससे उसने अपने स्मार्ट बारले प्रोग्राम के जरिए एक मजबूत और समृद्ध किसान समुदाय बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया। कुल 2,000 से भी ज्यादा किसानों की भागीदारी के साथ इस पहल ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जौ की खेती को काफी बढ़ावा दिया है। ये सभी क्षेत्र मिलकर भारत के कुल जौ उत्पादन में 50% से भी ज्यादा का योगदान देते हैं। इस आयोजन में किसानों को ज़रूरी कौशल, बेहतर कनेक्टिविटी और वित्तीय स्थिरता देकर समृद्ध समुदाय और मजबूत कृषि आपूर्ति श्रृंखला बनाने के प्रति एबी इनबेव की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।
इस कार्यक्रम में फसल प्रबंधन परीक्षण, नई कृषि की टेक्नोलॉजी और 350 से भी ज्यादा प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियां पेश की गईं। वर्ष 2016 में सिरसा में पहली बार आयोजित हुई यह पहल जिसका पूरा ध्यान लगभग 1,000 किसानों के लिए कौशल वृद्धि और डिजिटल कनेक्टिविटी पर था, अब यह एक विस्तृत कृषि परिवर्तन पहल में बदल चुकी है।
स्मार्ट बार्ले प्रोग्राम, जो एबी इनबेव की वैश्विक स्मार्ट कृषि पहल का अहम हिस्सा है, यह वर्ष 2009 से प्रमुख जौ उगाने वाले क्षेत्रों में टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने और आजीविका सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल ने शानदार कामयाबी हासिल की है, इसकी बदौलत 5 से 15% तक पैदावार में निरंतर सुधार हुआ है और उद्योग की गुणवत्ता के मानकों के साथ 99% अनुपालन दर बनी हुई है, जो पारंपरिक खेती की समझ और आधुनिक कृषि इन्नोवेशन के मिलन की ताकत को दिखाता है।
एबी इनबेव इंडिया के प्रेसिडेंट कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि “बीयर उद्योग भारत में आर्थिक विकास के लिए एक शक्तिशाली उत्प्रेरक के रूप में उभरा है, जो कृषि, निर्माण और आतिथ्य को आपस में जोड़े हुए है। हमारे क्षेत्र की ताकत इसकी स्वाभाविक रूप से स्थानीय और प्राकृतिक विशेषता में है, जो खेत से लेकर ग्लास तक मूल्य उत्पन्न करती है। इसका प्रभाव सीधे रोजगार से कहीं बढ़कर है। यह हजारों किसानों को टिकाऊ कृषि द्वारा सशक्त बनाने से लेकर, आपूर्तिकर्ताओं, खुदरा विक्रेताओं और आतिथ्य साझेदारों के विशाल नेटवर्क के लिए सहायक है। हमारे स्मार्ट बार्ले प्रोग्राम के माध्यम से हम इस गुणक प्रभाव का बड़े पैमाने पर लाभ उठा रहे हैं, जौ की खेती को ग्रामीण समृद्धि की नींव में बदल रहे हैं, साथ ही भारत को एक अधिक टिकाऊ और बेहतरीन कृषि भविष्य दे रहे हैं।”
स्मार्ट बार्ले प्रोग्राम भारत की कृषि भूमि पर एक परिवर्तनकारी ताकत के रूप में उभरा है, जो जौ की खेती को आधुनिक बनाने के लिए इनोवेटिव समाधान पेश कर रहा है। इस पहल का मूल उद्देश्य कृषि में उन्नति के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना है, जिसमें फसल विकास में अत्याधुनिक अनुसंधान को किसानों की शिक्षा के साथ जोड़ा गया है। अपने विशेषज्ञों, तकनीकी उपकरणों और वित्तीय संसाधनों के इकोसिस्टम से इस पहल ने एक बेहतरीन ढांचा तैयार किया है जो किसानों को आधुनिक और प्रभावी जौ की खेती में अग्रणी बनाता है, साथ ही पर्यावरण की देखभाल को भी बढ़ावा देता है।
अभिनव बोडस, डायरेक्टर प्रोक्योरमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी, एबी इनबेव इंडिया, ने कार्यक्रम के इन्नोवेटिव नज़रिए पर जोर देते हुए बताया कि, “हमारे स्मार्ट बार्ले प्रोग्राम की सफलता का राज इसकी टेक्नोलॉजी, टिकाऊपन और समुदाय सशक्तिकरण का समग्र एकीकरण है। लगातार तीन वर्षों तक सभी मापदंडों में 100% प्रदर्शन हासिल करके हमने यह साबित किया है कि जब किसानों को सही उपकरण, ज्ञान और समर्थन मिलते हैं, तो वे परिवर्तनकारी बदलाव के उत्प्रेरक बन जाते हैं। हम एक बेहरीन इकोसिस्टम बनाने के कगार पर हैं, जहां कृषि इन्नोवेशन, पर्यावरण की देखभाल के साथ- साथ आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा देता है।”
इतना ही नहीं किसान कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, एबी इनबेव इंडिया हरियाणा के फर्रुखनगर में जौ किसान समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी दृष्टि देखभाल पहल शुरू कर रहा है। यह कार्यक्रम कृषि उत्पादकता के एक अहम लेकिन अकसर अनदेखे पहलू किसान दृष्टि स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करता है। एक शोध से पता चला है कि स्पष्ट दृष्टि व्यक्तिगत उत्पादकता को 32% तक बढ़ा सकती है, जो कृषि की बेहतरी में एक बहुत बड़ा कारक है। यह पहल लगभग 400 जौ किसानों को दृष्टि जांच उपलब्ध कराएगी, साथ ही जहां जरूरत होगी, चश्मे और विशेष देखभाल के संदर्भ भी दिए जाएंगे। किसानों की व्यक्तिगत भलाई के साथ – साथ यह कार्यक्रम सकारात्मक बदलाव की एक लहर पैदा करने का वादा करता है, क्योंकि स्पष्ट दृष्टि किसानों को अपने परिवारों को बेहतर तरीके से समर्थन देने में सक्षम बनाती है, जो घर की भलाई के साथ- साथ समुदाय की समृद्धि में भी योगदान करती है।
भविष्य को देखते हुए एबी इनबेव इंडिया इस कार्यक्रम की पहुंच को और ज्यादा बढ़ाने की योजना बना रहा है, और साथ ही टिकाऊ प्रथाओं और किसान सशक्तिकरण पर भी यह अपना पूरा ध्यान देगा। यह विस्तार एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, क्योंकि भारत का जौ क्षेत्र वृद्धि की मजबूत संभावना दिखा रहा है, और इसकी घरेलू मांग वर्ष 2015 के स्तर की तुलना में 15% बढ़ने की संभावना पर है।

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