एयर इंडिया ने सेल्सफोर्स के एजेंटफोर्स की मदद से कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाया

- नया एजेंटफोर्स मल्टी-इंटेंट ईमेल रिजॉल्यूशन को ऑटोमेट करेगा और सर्विस टीमों के लिए ऑपरेशनल नॉलेज की उपलब्धता में तेजी लेकर आएगा।
- एजेंटफोर्स की मदद से एयर इंडिया ने सेवा की गति को बढ़ाया है, रिफंड के टर्नअराउंड में लगने वाले 14 दिनों के टाईम को कम करके चार घंटों तक ला दिया है, और पैसेंजर का नाम अपडेट करने में लगने वाले टाईम को तीन दिनों से घटाकर 30 मिनट कर दिया है।
बैंगलुरू, भारत, 15 सितंबर – नं. 1 ए.आई सी.आर.एम, सेल्सफोर्स ने आज घोषणा करके बताया कि एयर इंडिया अपनी कस्टमर सेवा में एजेंटफोर्स के इस्तेमाल केा बढ़ा रहा है। एयर इंडिया अपनी प्रारंभिक रिफंड-प्रोसेसिंग के अलावा अन्य सेवाओं में ए.आई एजेंट का इस्तेमाल करके कस्टमर सेवा को बेहतर बना रहा है। यह इंटैलिजेंट एवं एंड-टू-एंड अनुभव संभव बना रहा है, जिसमें एजेंट ग्राहक की इच्छा को समझते हैं, निवेदनों की पुष्टि करते हैं और एंटरप्राईज के सिस्टम्स में समझदारी से कनेक्ट हो जाते हैं। इस प्रकार हाथों-हाथ कार्रवाई संभव होती है। एजेंटफोर्स रिजॉल्यूशन में तेजी लाता है, ग्राहकों के अनुभव को सुगम बनाता है और व्यापक स्तर पर स्मार्ट सेवा संभव बनाता है, जिससे एयर इंडिया को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने और भविष्य का एजेंटिक एयरलाईन बनने में मदद मिलेगी।
यह विस्तार एयर इंडिया द्वारा अपने रिफंड प्रोसेसिंग के लिए एजेंटफोर्स के प्रारंभिक इस्तेमाल के बाद किया गया है, जो एयरलाईन ऑपरेशंस में सबसे अधिक जटिल सेवा प्रक्रियाओं में से एक है क्योंकि इसमें अनेकों वैलिडेशन, पॉलिसी चेक, बैकएंड-सिस्टम इंटरैक्शन और क्रॉस-टीमों पर निर्भरता होती है। वैलिडेशन, एप्रूवल, और बैकएंड रिफंड प्रोसेसिंग की गतिविधियों को व्यवस्थित बनाकर एजेंटफोर्स ने एयर इंडिया के इंटरनल रिफंड प्रोसेसिंग टाईम को लगभग 14 दिनों से घटाकर केवल चार घंटों तक ला दिया है। बैंक प्रोसेसिंग टाइम में कोई अंतर नहीं आया है।
एजेंटफोर्स के नए क्रियान्वयन में तीन हाई-इंपैक्ट सेवा प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे अनेकों सिस्टम और वर्कफ्लो में ग्राहकों के जटिल निवेदनों के लिए ज्यादा तेज स्पीड, निरंतरता और इंटैलिजेंस संभव हो सकेगी। इनमें सर्विस टीमों के लिए ऑटोमेटेड ईमेल रिजॉल्यूशन, नेम चेंज ऑटोमेशन और नॉलेज एजेंट शामिल हैं।
ऑटोमेटेड ईमेल रिजॉल्यूशनः ग्राहकों के ईमेल में रिफंड, बैगेज, लॉयल्टी और अन्य सेवाओं के लिए अनेकों निवेदन शामिल हो सकते हैं, जिनके लिए एजेंट्स को उत्तर देने से पहले विभिन्न सिस्टम्स से जानकारी एकत्रित करने, उसकी जाँच करने और सत्यापन करने की जरूरत होती है। एजेंटफोर्स एक ही ईमेल में ग्राहकों की विभिन्न इच्छाओं को समझ लेता है, स्पेशियलाईज्ड सब-एजेंट्स को काम पर लगाता है, इन्फॉर्मेशन को एक.ित करके उसकी पुष्टि करता है और आवश्यक काम का क्रियान्वयन करके नतीजों को एयर इंडिया के स्वीकृत टेंपलेट में निर्मित एक तालमेलपूर्ण प्रतिक्रिया में कॉन्सोलिडेट करता है। जो निवेदन एलिजिबल होते हैं, उनके लिए प्रतिक्रियाएं तभी निर्मित होती हैं, जब सिस्टम के पास 95 प्रतिशत से अधिक कॉन्फिडेंस थ्रेशोल्ड होता है। जरूरत पड़ने पर इंसानों की मदद ली जाती है। इससे सर्विस टीमों के लिए रिस्पॉन्स टाईम, ग्राहकों के बार-बार वापस आने और बार-बार होने वाले कामों में काफी कमी आ जाती है। यह प्लेटफॉर्म कस्टमर इंटरैक्शन और एजेंटों के हस्तक्षेप से प्राप्त होने वाली जानकारी निर्मित करने के लिए एंबियंट लर्निंग क्षमताओं का उपयोग करता है, ताकि प्रॉम्प्ट्स, वर्कफ्लो और मॉडल परफॉर्मेंस में निरंतर सुधार हो सके।
नेम चेंज ऑटोमेशनः नाम ठीक करवाने के लिए अनेक एलिजिबिलिटी चेक, वैलिडेशन और टिकटिंग एक्शन की जरूरत होती है। जब यात्रा बहुत जरूरी हो, उस समय यह प्रक्रिया बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण होती है। एजेंटफोर्स पूरी एंड-टू-एंड प्रक्रिया में तालमेल बनाता है, जिससे एलिजिबलिटी के अनेकों नियमों एवं उनके कॉम्बिनेशंस की पुष्टि होती है, विभिन्न वर्कफ्लो कॉल्स पूरी होती हैं, टिकट फिर से जारी होता है और ग्राहकों तक अपडेटेड टिकट डिलीवर होता है। एजेंटफोर्स की मदद से एयर इंडिया ने इन प्रक्रियाओं में लगने वाले तीन दिनों के टर्नअराउंड टाईम को घटाकर लगभग 30 मिनट कर दिया है।
नॉलेज एजेंटः एक ए.आई-पॉवर्ड रिप्रेजेंटेटिव कस्टमर सर्विस टीमों के लिए रियल-टाईम असिस्टैंट के रूप में काम करता है और नीतियाँ, प्रक्रियाएं, किराए के नियम और ऑपरेशनल गाईडेंस बातचीत वाले इंटरफेस में तुरंत उपलब्ध कराता है। नॉलेज की अनेकों रिपॉजिटरीज़ को नैविगेट करने की जरूरत को खत्म करके यह समाधान ग्राहकों के साथ लाईव बातचीत करते हुए इन्फॉर्मेशन को रिट्रीव करने में लगने वाले समय और एजेंट होल्ड टाईम में काफी कमी ला देता है। इस प्रतिक्रिया से रिस्पॉन्स की निरंतरता, एजेंट ऑनबोर्डिंग की रफ्तार, फर्स्ट-कॉन्टैक्ट रिजॉल्यूशन रेट, सर्विस टीमों की क्षमता में सुधार हुआ है, जिससे व्यापक स्तर पर ज्यादा तेज, ज्यादा सटीक और ज्यादा कॉन्फिडेंट कस्टमर सपोर्ट संभव हुई है।
एयर इंडिया ने एक क्लाउड-फर्स्ट डिजिटल ईकोसिस्टम बनाया है, जो 140 से अधिक एंटरप्राईज सिस्टम्स तक फैला है। इसमें 30 से अधिक एजेंटिक ए.आई अभियान चल रहे हैं। इसके अंतर्गत चार महत्वपूर्ण बुनियादों पर अभियानों का आकलन होता है, जिनमें राजस्व में वृद्धि, लागत में कमी, बेहतर ग्राहक सेवा और उन कामों को करने की क्षमता शामिल है, जो पहले करना संभव नहीं था। इस फ्रेमवर्क में सेल्सफोर्स के साथ कंपनी का काम एक यूनिफाईड कस्टमर डेटा और संपर्क की बुनियाद बनाने से आगे बढ़कर सेवा प्रक्रियाओं और एजेंट वर्कफ्लो को फिर से डिजाईन करने तक फैल गया है। अब इस काम में ऑटोनोमस रूप से कॉम्प्लेक्स वर्कफ्लो का क्रियान्वयन करना भी शामिल हो गया है। एयर इंडिया के विस्तार के साथ यह बुनियाद कंपनी के ऑपरेशंस में ज्यादा इंटैलिजेंट, रिस्पॉन्सिव और पर्सनालाईज्ड कस्टमर सेवा संभव बनाएगी।
खबर पर टिप्पणियाँः
डॉ. सत्य रामास्वामी, चीफ डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी ऑफिसर, एयर इंडिया ने कहा, ‘‘एजेंटफोर्स के साथ हमारा सफर केवल ए.आई के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि हम एयरलाईन कस्टमर सेवा में संभावनाओं के दायरे को बढ़ा रहे हैं। हम अपनी टीमों का सहयोग करने वाले ए.आई से आगे बढ़कर ऐसे ए.आई की ओर बढ़ रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से निर्धारित दिशानिर्देशों के साथ समझ सके, निर्णय ले सके और क्रियान्वयन कर सके। इसका नतीजा दिखाई दे रहा है और रिजॉल्यूशंस में तेजी आ रही है, निरंतरता बढ़ रही है और ग्राहकों को कम मेहनत में बेहतर नतीजे मिल रहे हैं। इन क्षमताओं के विस्तार के साथ हम एक्युरेसी, गवर्नेंस और इंसानी निगरानी के साथ ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के लिए ए.आई का इस्तेमाल करने पर केंद्रित हैं, जिसकी अपेक्षा एक सहानुभूतिपूर्ण ग्लोबल एयरलाईन से की जाती है।’’
अरुंधति भट्टाचार्य, प्रेसिडेंट एवं सीईओ, सेल्सफोर्स – साउथ एशिया ने कहा, ‘‘भविष्य में ग्राहकों का अनुभव इस बात से तय नहीं होगा कि संगठन कितनी तेजी से जवाब देते हैं, बल्कि इस बात से तय होगा कि वो ग्राहकों की ओर से कितनी समझदारी से काम कर सकते हैं। एयर इंडिया व्यापक स्तर पर ग्लोबल एविएशन की जटिलता के साथ इस भविष्य को संभव बना रहा है। कंपनी भरोसेमंद डेटा, ए.आई एजेंट्स और इंसानी निर्णय को साथ मिलाकर सेवा को ज्यादा प्रोएक्टिव, रिस्पॉन्सिव और सुगम बना रही है। हमें एयर इंडिया के साथ साझेदारी करने पर गर्व है क्योंकि यह कंपनी एजेंटिक युग में कस्टमर सेवा को बेहतर बना रही है और भविष्य की एजेंटिक एयरलाईन बनने के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है।’’
