एडब्लूएस ने भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान में स्पेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम लॉन्च किया

अमेज़न वेब सर्विसेज़ (AWS) ने आज एडब्लूएस स्पेस एक्सेलेरेटर: APJ 2025 लॉन्च किया। यह प्रोग्राम एशिया पैसिफिक और जापान (APJ) में स्पेस टेक्नोलॉजी पर केंद्रित स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य एशिया पैसिफिक क्षेत्र में इनोवेशन बढ़ाना और स्पेस इकोनॉमी में तेजी लाना है। इस 10-सप्ताह के एक्सेलेरेटर प्रोग्राम में 40 तक चयनित स्टार्टअप्स को समर्पित व्यवसायिक संसाधन, विशेषज्ञता और टेक्नोलॉजी एवं बिज़नेस क्षमताओं का मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वो एडब्लूएस की मदद से अपने मिशन का निर्माण, विकास और विस्तार कर सकें।

इस एक्सेलरेटर प्रोग्राम में स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हर स्टेज के स्टार्टअप हिस्सा ले सकते हैं, जो भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड या जापान में स्थित हैं। इस प्रोग्राम की मदद से प्रतिभागी अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का निर्माण कर सकते हैं, अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर सकते हैं, और निवेश के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

एडब्लूएस स्पेस एक्सेलेरेटर के लिए आवेदन: APJ के लिए आवेदन 8 जुलाई, 2025 से शुरू होकर 5 सितंबर, 2025 तक जारी रहेंगे।

एडब्लूएस स्पेस एक्सेलेरेटर: APJ 2025 टी-हब, मिन्फ़ी, फ्यूज़िक और एंसिस आदि एडब्लूएस पार्टनर्स के सहयोग से चलाया जाएगा, जिसमें इन-स्पेस, ऑस्ट्रेलियन स्पेस एजेंसी, आईलॉन्च और स्काई परफेक्ट जेसैट कॉर्पोरेशन जैसे मुख्य स्पेस ऑर्गेनाइजेशन भी अपना योगदान देंगे।

यह एक्सेलरेटर प्रोग्राम AWS स्पेस एक्सेलरेटर: इंडिया इन 2024 की सफलता को आगे बढ़ाएगा, जिसमें 24 स्पेस टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया गया था। 2024 के प्रोग्राम द्वारा इन कंपनियों ने कई डोमेन, जैसे स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन, ऑर्बिटल एवं लॉन्च व्हीकल, सैटेलाइट इमेजरी, जियो-स्पैशियल एप्लीकेशंस और स्पेस टूरिज़्म आदि में अपने सॉल्यूशंस का विस्तार किया। यह प्रोग्राम पूरा करने वाली कंपनियों को महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल हुईं: इनोवेटिव जियो-स्पैशियल सॉल्यूशंस को ग्राहकों ने कांट्रैक्ट प्रदान किए। अन्य कंपनियों को निवेश मिले तथा उन्होंने प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और ‘क्वांटम-की डिस्ट्रीब्यूशन’ में उल्लेखनीय प्रगति की।

बढ़ती स्पेस इकोनॉमी में सहयोग

यह विस्तार उस समय हुआ है, जब एशिया पैसिफिक क्षेत्र में स्पेस सेक्टर में बहुत तेजी से वृद्धि हो रही है। भारत में स्पेस इंडस्ट्री 2022 में 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक 44 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

स्पेस टेक स्टार्टअप के सामने महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी के विकास और टेस्टिंग में उच्च पूंजी की आवश्यकता तथा विशेषज्ञ प्रतिभा की जरूरत शामिल हैं। एडब्लूएस स्पेस एक्सेलेरेटर इन स्टार्टअप्स को जोखिम कम करने में मदद करेगा। इस प्रोग्राम की मदद से वो बड़ा पूंजी निवेश करने से पहले अनेक एडब्लूएस टेक्नोलॉजीज़ और सर्विसेज़ का उपयोग करके टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का निर्माण और परीक्षण करने में समर्थ बनेंगे। वो तीव्रता और किफायत के साथ प्रयोग कर सकेंगे तथा अपने इनोवेशन के पूर्ण लॉन्च और डिप्लॉयमेंट से पहले उनका परीक्षण करके उनमें सुधार कर सकेंगे।

एडब्लूएस स्पेस एक्सेलेरेटर: APJ 2025 द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में इनोवेशन करने वाले स्टार्टअप तलाशे जा रहे हैं:

  • अर्थ ऑब्जर्वेशन और रिमोट सेंसिंग: जो स्टार्टअप कृषि, जलवायु निगरानी, ​​आपदा प्रतिक्रिया और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग जैसे विभिन्न सेक्टर्स का सहयोग करने के लिए सैटेलाइट इमेजरी और सेंसर डेटा का उपयोग करते हैं और अपने इनोवेशन द्वारा विभिन्न एप्लिकेशंस के लिए स्पेस-डेराइव्ड डेटा को अधिक कार्रवाई योग्य और सुलभ बनाते हैं।
  • स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मैनुफैक्चरिंग, लॉन्च और ऑपरेशंस: जो स्टार्टअप स्पेस तक फ्लेक्सिबल, सस्टेनेबल और स्केलेबल पहुँच संभव बनाने के लिए किफायती सैटेलाइट मैनुफैक्चरिंग, प्रोपल्शन और लॉन्च इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
  • ड्रोन टेक्नोलॉजी: जो स्टार्टअप एडवांस्ड ड्रोन और हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशनल सिस्टम्स का निर्माण करते हैं, जो सैटेलाइट के साथ काम करते हुए दूरदराज के क्षेत्रों में डेटा कवरेज, पर्यावरण की निगरानी और कम्युनिकेशन बढ़ाते हैं।

ये फोकस एरिया तेजी से बढ़ती स्पेस इकोनॉमी के अनुरूप हैं, तथा जलवायु की मजबूती, स्पेस सस्टेनेबिलिटी और डेटा एक्सेसिबिलिटी जैसी महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान करते हैं। एडब्लूएस क्लाउड टेक्नोलॉजीज़ की मदद से इन क्षेत्रों में स्टार्टअप इनोवेटिव स्पेस-बेस्ड एप्लिकेशंस द्वारा वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए स्केलेबल और किफायती सॉल्यूशंस का विकास कर रहे हैं।

यह 10-सप्ताह का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम सितंबर 2025 में शुरू होगा। यह वर्चुअल और इन-पर्सन माध्यम से पूरा किया जाएगा। इसका समापन दिसंबर 2025 में एक डेमो डे के साथ होगा, जिसमें चयनित स्टार्टअप अपने इनोवेटिव सॉल्यूशंस का प्रदर्शन करेंगे। चयनित स्टार्टअप्स को प्रदान किया जाएगा:

  • AWS एक्टिवेट के अंतर्गत $100,000 तक का AWS क्रेडिट।
  • AWS पर सॉल्यूशंस का निर्माण करने के लिए AWS विशेषज्ञों और पार्टनर्स से टेक्निकल मार्गदर्शन।
  • उद्योग के अनुभवी लीडर्स के बिज़नेस कोचिंग और मेंटरशिप।
  • वेंचर कैपिटल फर्म्स और संभावित ग्राहकों का संपर्क।
  • स्पेस इंडस्ट्री लीडर्स तक पहुँच।

पार्टनरशिप्स द्वारा इनोवेशन में तेजी

AWS स्पेस एक्सेलेरेटर: APJ 2025 क्षेत्र में अग्रणी संगठनों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। भारत में इस प्रोग्राम के लिए निम्नलिखित संगठन AWS का सहयोग करेंगे:

  • भारत का अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम इनेब्लर, टी-हब, जो भारत में संपूर्ण प्रोग्राम का प्रबंधन करेगा और इस पहल की मेजबानी करेगा।
  • एडब्ल्यूएस का प्रीमियर पार्टनर और 2024 एयरोस्पेस एवं सैटेलाइट पार्टनर ऑफ द ईयर, मिन्फ़ी टेक्नोलॉजीज़, जो भारत और ऑस्ट्रेलिया में एडब्ल्यूएस शिक्षा और टेक्निकल सपोर्ट प्रदान करेगा।
  • भारत में डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) के अंतर्गत स्वतंत्र, स्वायत्त एजेंसी, इन-स्पेस (इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइज़ेशन सेंटर), जिसकी स्थापना स्पेस के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

AWS में डायरेक्टर, एयरोस्पेस और सैटेलाइट बिज़नेस, क्लिंट क्रोसियर ने कहा, “ऑस्ट्रेलियन स्पेस एजेंसी, इन-स्पेस, आईलॉन्च और स्काई परफेक्ट जेसैट के साथ हमारा सहयोग स्थानीय स्पेस एजेंसियों और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ काम करते हुए उनके अपने देशों में स्पेस इकोनॉमी के विकास में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है। इस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम द्वारा हम न केवल व्यक्तिगत स्टार्टअप्स को सपोर्ट कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत समुदाय बनाने में मदद कर रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास और टेक्नोलॉजिकल प्रगति लेकर आ सकता है।”

अन्य विवरण और आवेदन के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वेबपेज पर जाएँ।

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