ब्लैकबोर्ड से बदलाव की ओर: डाबर और इनोबल ने सिलवासा के प्रथमिक गुजराती शाला को किया समग्र शिक्षा का आदर्श केंद्र

- 300 से अधिक छात्रों को मिलेगा नया और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण
सिलवासा, 06 अगस्त 2025: ग्रामीण शिक्षा के परिदृश्य में परिवर्तन लाने की दिशा में एक
महत्वपूर्ण पहल के तहत, डाबर इंडिया लिमिटेड ने इनोबल सोशल इनोवेशन फाउंडेशन के सहयोग
से आज सिलवासा स्थित प्रथमिक गुजराती शाला, शालखरपाड़ा का पूर्ण रूप से नवीनीकरण कर
उद्घाटन किया। यह परियोजना वर्षों पुराने एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय को एक आधुनिक,
समावेशी और प्रेरणादायक शिक्षा केंद्र में बदलने की दिशा में उठाया गया प्रभावशाली कदम है —
जिसमें पहली बार एक नई लाइब्रेरी की भी स्थापना की गई है।
पुरानी नींव, अब नए आयाम
चार दशकों से अधिक समय से यह स्कूल सिलवासा में प्राथमिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार
रहा है, लेकिन अन्य कई सरकारी विद्यालयों की तरह, यहां भी आधारभूत संरचना की कमी, खराब
स्वच्छता व्यवस्था और सीमित शैक्षणिक संसाधनों जैसी चुनौतियाँ बनी रहीं।
ASER (वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट) के अनुसार, देश के अनेक सरकारी स्कूल आज भी शौचालय,
पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला जैसे बुनियादी संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिलवासा
के इस स्कूल का कायाकल्प एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
मुख्य हस्तक्षेप और उपलब्धियाँ:
- �� भौतिक संरचना एवं सुरक्षा सुधार:
- 6 कक्षाओं का नवीनीकरण — नया फर्श, प्लास्टर और रंगाई
- 12 नई खिड़कियाँ — बेहतर प्रकाश और वेंटिलेशन हेतु
- विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप और सीढ़ियों का पुनर्निर्माण
- 4 टॉयलेट्स का जीर्णोद्धार — विशेष बच्चों हेतु समर्पित इकाइयाँ
- स्वच्छ जल और हैंडवॉश स्टेशन की स्थापना
- स्कूल गेट और आंतरिक रास्तों का सुदृढ़ीकरण
�� शिक्षा और सहभागिता:
- सभी कक्षाओं में नए ग्रीन बोर्ड, पंखे, लाइटिंग और स्टोरेज यूनिट्स
- VR टूल्स और रोबोटिक्स किट सहित मिनी साइंस लैब
- समृद्ध पुस्तकालय और ब्रेन जिम क्षेत्र का निर्माण
- उम्रानुसार अनुकूल फर्नीचर और शैक्षणिक डिस्प्ले
�� पर्यावरण और स्थिरता:
- वर्षा जल संचयन प्रणाली
- मियावाकी वन पैच और पौधारोपण
- कचरा प्रबंधन प्रणाली
- एसडीजी के अनुरूप योगदान:
- SDG 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समावेशी स्थान
- SDG 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता
- SDG 13: जलवायु परिवर्तन के लिए पर्यावरणीय पहल
दिखते हुए सकारात्मक बदलाव:
- 300+ छात्रों के लिए अब सीखने का समृद्ध वातावरण उपलब्ध
- नियमित रूप से STEM आधारित प्रायोगिक शिक्षा
- बेहतर स्वच्छता से स्वास्थ्य सुधार और अनुपस्थिति में कमी
- पहली बार छात्रों को मिलेगी लाइब्रेरी तक पहुंच
“पहले स्कूल उबाऊ लगता था। अब हम किताबें पढ़ते हैं और साइंस के प्रोजेक्ट करते हैं। मैं डॉक्टर
बनना चाहती हूं,” — कक्षा 5 की छात्रा
एनोबल के सीईओ श्री चिराग भंडारी ने कहा “हमारे लिए स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन का मतलब है—ऐसे
स्थान बनाना जहां बच्चे आत्मसम्मान से सीखें, शिक्षक गौरवान्वित हों। डाबर के साथ यह साझेदारी
दर्शाती है कि जब मंशा और निवेश जुड़ते हैं, तो बदलाव संभव होता है।”
डाबर इंडिया लिमिटेड के सीएसआर प्रमुख श्री ब्यास आनंद ने कहा “हमारा उद्देश्य सिर्फ भवनों का
नवीनीकरण नहीं, बल्कि संभावनाओं का विस्तार करना है। 140 वर्षों से स्वास्थ्य और कल्याण के
लिए समर्पित ब्रांड के रूप में, यह परियोजना दर्शाती है कि सुरक्षित और प्रेरणादायक शिक्षा ही
समग्र विकास की नींव है।”

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