न्यूजीलैंड में 6 साल बाद फिर साथ दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, 2027 वर्ल्ड कप से पहले अग्निपरीक्षा, जानिए दोनों का रिकॉर्ड और बड़ी चुनौतियां

रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए न्यूजीलैंड दौरा होगा बेहद अहम, कीवी पिचों पर प्रदर्शन से मजबूत होगी 2027 वनडे वर्ल्ड कप की दावेदारी, कोहली 600 रन के करीब तो रोहित को पहले शतक का इंतजार
भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर न्यूजीलैंड की धरती पर साथ खेलते नजर आएंगे। फरवरी 2020 के बाद यह पहला मौका होगा, जब दोनों खिलाड़ी न्यूजीलैंड में एक साथ मैदान पर उतरेंगे। दोनों आखिरी बार 29 फरवरी 2020 को हैमिल्टन में तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में साथ खेले थे। अब 4 नवंबर को पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में दोनों की जोड़ी एक बार फिर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरेगी।
टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित और विराट अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड का यह दौरा दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले यह सीरीज अपनी उपयोगिता साबित करने और टीम में जगह मजबूत करने का बड़ा अवसर होगी।
दोनों खिलाड़ियों के लिए यह दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि यह न्यूजीलैंड में उनका आखिरी दौरा हो सकता है। हालांकि, भविष्य में खेलने को लेकर अंतिम फैसला उनके प्रदर्शन, फिटनेस और टीम मैनेजमेंट की योजनाओं पर निर्भर करेगा।
न्यूजीलैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर बल्लेबाजी करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में रोहित और विराट के सामने सिर्फ रन बनाने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मजबूत शुरुआत और स्थिरता देने की जिम्मेदारी भी होगी।
न्यूजीलैंड में विराट कोहली का रिकॉर्ड रोहित शर्मा से बेहतर
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में विराट कोहली का वनडे रिकॉर्ड रोहित शर्मा की तुलना में बेहतर रहा है। कोहली ने न्यूजीलैंड की धरती पर अब तक 13 वनडे मुकाबले खेले हैं और 596 रन बनाए हैं। वह यहां अपने 600 वनडे रन पूरे करने से सिर्फ चार रन दूर हैं।
न्यूजीलैंड में कोहली का बल्लेबाजी औसत 49.66 और स्ट्राइक रेट 91.41 रहा है। उन्होंने इस दौरान एक शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं। उनके आंकड़े बताते हैं कि कीवी परिस्थितियों में भी वह बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं।
दूसरी तरफ रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड में 14 वनडे मुकाबलों में 437 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.41 और स्ट्राइक रेट 72.95 रहा है। रोहित ने यहां चार अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन अब तक एक भी वनडे शतक नहीं बना सके हैं।
आंकड़ों के लिहाज से विराट कोहली न्यूजीलैंड में ज्यादा सफल रहे हैं, जबकि रोहित शर्मा के सामने अपने रिकॉर्ड में सुधार करने की चुनौती होगी। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों के पास अपनी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का मौका रहेगा।
विराट कोहली ने 12 साल पहले न्यूजीलैंड में लगाया था इकलौता वनडे शतक
विराट कोहली की न्यूजीलैंड में सबसे यादगार पारियों में 19 जनवरी 2014 को नेपियर में खेली गई पारी शामिल है। इस मुकाबले में कोहली ने 111 गेंदों पर शानदार 123 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड की धरती पर यह उनका अब तक का इकलौता वनडे शतक है।
इस दौरे पर कोहली ने अपनी निरंतरता का भी शानदार उदाहरण पेश किया था। उन्होंने हैमिल्टन में 65 गेंदों पर 78 रन और ऑकलैंड में 70 गेंदों पर 62 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं।
कोहली की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता है। वह जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल सकते हैं और मौका मिलने पर तेजी से रन भी बना सकते हैं।
इस बार उनसे उम्मीद होगी कि वह अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़ी पारियां खेलें। 600 रन का आंकड़ा पार करना भी उनके लिए इस दौरे की एक खास उपलब्धि हो सकती है।
रोहित शर्मा को न्यूजीलैंड में पहले वनडे शतक का इंतजार
रोहित शर्मा सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। वनडे क्रिकेट में उनके नाम तीन दोहरे शतक दर्ज हैं। इसके बावजूद न्यूजीलैंड की धरती पर वह अब तक वनडे शतक नहीं लगा पाए हैं।
न्यूजीलैंड में रोहित का सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 87 रन है। उन्होंने यह पारी 26 जनवरी 2019 को माउंट माउंगानुई में खेली थी।
उस मुकाबले में रोहित ने शिखर धवन के साथ पहले विकेट के लिए 154 रन की शानदार साझेदारी की थी। धवन ने 66 रन बनाए, जबकि रोहित ने 87 रन की पारी खेली। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 324 रन बनाए थे।
जवाब में न्यूजीलैंड की टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और भारत ने यह मुकाबला 90 रन से जीत लिया। रोहित शर्मा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। उस समय विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान थे।
भारत ने उस वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया था। अब रोहित के पास एक बार फिर उसी तरह का प्रभावशाली प्रदर्शन करने और न्यूजीलैंड में अपना पहला वनडे शतक लगाने का सुनहरा अवसर होगा।
भारतीय वनडे इतिहास में भी रोहित और विराट का दबदबा
रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ न्यूजीलैंड में ही नहीं, बल्कि भारतीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में भी सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं।
भारत के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 18,426 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 15,109 रन के साथ दूसरे और रोहित शर्मा 12,120 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
विराट कोहली ने 317 वनडे मैचों में 55 शतक और 79 अर्धशतक लगाए हैं। उनका प्रदर्शन लंबे समय से भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती का आधार रहा है।
वहीं रोहित शर्मा ने 291 वनडे मैचों में 35 शतक और 63 अर्धशतक बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है, जो वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है।
दोनों खिलाड़ियों का अनुभव भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। युवा बल्लेबाजों के बीच इनका अनुभव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता टीम को मजबूती दे सकती है।
2026 में रोहित शर्मा की शानदार फॉर्म, न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में रहे संघर्षरत
रोहित शर्मा के लिए साल 2026 वनडे क्रिकेट में अच्छा रहा है। उन्होंने इस साल 12 पारियों में 604 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 104.67 रहा है। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक भी लगाए हैं।
हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी 2026 में भारत में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। तीन पारियों में रोहित सिर्फ 61 रन बना सके। उनका औसत 20.3 रहा और सर्वोच्च स्कोर 26 रन था।
न्यूजीलैंड के खिलाफ रोहित का कुल रिकॉर्ड भी ध्यान देने योग्य है। उन्होंने कीवी टीम के खिलाफ 32 वनडे पारियों में 1,134 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.6 और स्ट्राइक रेट 85.3 रहा है। इस दौरान उन्होंने दो शतक और छह अर्धशतक लगाए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि रोहित के न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों वनडे शतक भारतीय जमीन पर बने हैं। उन्होंने 2017 में कानपुर में 147 रन और 2023 में इंदौर में 101 रन की शानदार पारियां खेली थीं।
इसलिए न्यूजीलैंड की धरती पर आगामी सीरीज उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगी।
न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर बल्लेबाजों की होगी कड़ी परीक्षा
न्यूजीलैंड की पिचों पर तेज गेंदबाजों को अक्सर अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा मिलता है। समुद्र के आसपास के मैदानों और मौसम की परिस्थितियों के कारण गेंदबाजों को नई गेंद से मदद मिल सकती है।
ऐसी परिस्थितियों में बल्लेबाजों के लिए शुरुआती ओवर काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं। गेंद को देर से खेलना, सही फुटवर्क अपनाना और ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर संयम रखना बेहद जरूरी होता है।
विराट कोहली को यहां की परिस्थितियों में खेलने का अच्छा अनुभव है। उनकी तकनीक और स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
रोहित शर्मा की चुनौती भी कम नहीं होगी। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी के साथ शुरुआती ओवरों में धैर्य बनाए रखना होगा। यदि रोहित एक बार क्रीज पर जम जाते हैं तो वह अपनी बल्लेबाजी से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन का असर भारतीय टीम की बल्लेबाजी पर भी पड़ सकता है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्यों अहम है यह सीरीज
साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है। रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों इस टूर्नामेंट में खेलने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। लेकिन विश्व कप टीम में जगह बनाने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा।
वनडे क्रिकेट में चयनकर्ताओं के सामने युवा खिलाड़ियों को मौका देने और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का फायदा उठाने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी रहेगी।
रोहित शर्मा के लिए 2027 वर्ल्ड कप उनके करियर का एक भावनात्मक पड़ाव हो सकता है। वह 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। 2023 में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की थी, लेकिन फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर विराट कोहली 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 2023 के वर्ल्ड कप में भी शानदार प्रदर्शन किया था।
अब दोनों के सामने 2027 में एक और विश्व कप खेलने की चुनौती है। न्यूजीलैंड की यह सीरीज उनके लिए अपनी फिटनेस, फॉर्म और मैच जिताने की क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।
हालांकि, विश्व कप में जगह सिर्फ एक सीरीज के प्रदर्शन से तय नहीं होगी। आने वाले मुकाबलों में निरंतरता, टीम की जरूरत और चयनकर्ताओं का फैसला भी महत्वपूर्ण होगा।
न्यूजीलैंड में भारत का वनडे रिकॉर्ड भी बढ़ाता है चुनौती
न्यूजीलैंड की धरती पर भारतीय टीम का वनडे रिकॉर्ड बताता है कि मेजबान टीम के खिलाफ मुकाबला करना आसान नहीं रहा है।
1976 से 2022 के बीच भारत ने न्यूजीलैंड में कुल 45 वनडे मुकाबले खेले। इनमें भारतीय टीम को 14 मैचों में जीत मिली, जबकि 26 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। एक मैच टाई रहा और चार मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला।
ये आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड में भारतीय टीम को हमेशा कड़ी चुनौती मिली है। हालांकि, मौजूदा टीम में अनुभवी बल्लेबाजों और प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है।
रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों में संभलने का मौका मिल सकता है।
रोहित और विराट के लिए आखिरी मौका नहीं तो बड़ा अवसर जरूर
छह साल बाद न्यूजीलैंड में एक साथ उतरने जा रहे रोहित शर्मा और विराट कोहली पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें रहेंगी। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार जीत दिलाई हैं और वनडे फॉर्मेट में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
विराट कोहली के सामने न्यूजीलैंड में 600 रन पूरे करने और अपने शतक के सूखे को खत्म करने की चुनौती होगी। वहीं रोहित शर्मा की नजरें न्यूजीलैंड में अपना पहला वनडे शतक लगाने पर रहेंगी।
2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले यह सीरीज दोनों के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का शानदार मंच बन सकती है। साथ ही भारतीय टीम के लिए भी यह दौरा विदेशी परिस्थितियों में अपनी तैयारियों को परखने का अहम अवसर होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर रोहित शर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कमाल दिखाते हैं या विराट कोहली अपने अनुभव और शानदार तकनीक से एक बार फिर कीवी गेंदबाजों पर भारी पड़ते हैं।
