स्काईस्कैनर ने ट्रैवल ट्रेंड्स 2027 रिपोर्ट पेश कीः ट्रैवल, ज्यादा बचत के साथ

भारतीय ट्रैवलर स्क्रीन से दूर शांति, सोवेनियर की जगह एक्सक्लुसिव चीजों और नजारे देखने की बजाय वैलनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं

  • 58 प्रतिशत भारतीय 2027 में ज्यादा विदेश यात्राएं करने की योजना बना रहे हैं।
  • स्काईस्कैनर ट्रैवल ट्रेंड्स 2027 रिपोर्ट के मुताबिक सात उभरते हुए ट्रेंड भारतीयों द्वारा ट्रैवल को तय कर रहे हैं, जिनमें सिग्नल सेवेयरेंस, पिलग्रा-मर्च, स्टेन डू सर्ज, ग्रांड ओडिसी, जिमकेशन, साउंड बाउंड और करेंसी चेजर शामिल हैं।
  • भारतीय ट्रैवलर अपने मुताबिक यात्रा करते हैं। 91 प्रतिशत वैलनेस पर केंद्रित स्टे चुनते हैं। 89 प्रतिशत इतिहास और पौराणिक कथाओं से प्रेरित होते हैं। 67 प्रतिशत दूसरी जगह इसलिए चले जाते हैं क्योंकि उन्हें वहाँ पर बेहतर डील मिलती है।
  • स्काईस्कैनर की ट्रैवल ट्रेंड्स 2027 रिपोर्ट में 2,000 भारतीय ट्रैवलर्स का फीडबैक लेकर प्रोप्रायटरी रिसर्च की गई और उनकी ट्रैवल की इच्छा, ए.आई, वैलनेस, म्यूजिक, इतिहास, एक्सक्लुसिव फाईंड्स एवं मूल्य के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर, 2026: अग्रणी ग्लोबल ट्रैवल ऐप, स्काईस्कैनर ने अपनी ट्रैवल ट्रेंड्स 2027 रिपोर्ट जारी की है। इसमें अगले साल के लिए टॉप ट्रेंडिंग और सबसे बेहतर मूल्य प्रदान करने वाले स्थानों के बारे में बताया गया है। साथ ही, ट्रैवल के व्यवहार को प्रभावित करने वाले सात प्रमुख ट्रेंड्स भी इसमें शामिल हैं। इस रिपोर्ट से अगले साल के लिए ट्रैवल उद्योग में होने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों की जानकारी मिलती है।

भागदौड़ से भरी और बिखरी हुई दुनिया में भारतीय ट्रैवलर न केवल खर्च को किफायती बनाना चाहते हैं, बल्कि अनुभवों में भी सुकून तलाश रहे हैं। चाहे वो पूरी तरह से तरोताजा होने के लिए ट्रैवल कर रहे हों, किसी एक्सक्लुसिव खरीददारी के लिए कहीं जा रहे हों, सड़क पर वैलनेस का रूटीन बनाए रखना चाहते हों, मिलकर जश्न मनाना चाहते हों, म्यूजिक और संस्कृति की तलाश कर रहे हों या फिर इतिहास और पौराणिक कथाओं के बारे में जानना चाहते हों, भारतीयों द्वारा चुने जाने वाले गेटवे प्रदर्शित कर रहे हैं कि वो कैसा जीवन चाहते हैं।

ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले खर्च में ठहराव और विश्व की अर्थव्यवस्था में मंदी के बाद भी ट्रैवल करने की इच्छा काफी मजबूत बनी हुई है। 58 प्रतिशत भारतीय 2027 में अपनी विदेश यात्राएं बढ़ाना चाहते हैं। भारतीय ट्रैवल में कमी करने की बजाय अपने खर्च को अनुकूलित कर रहे हैं। 56 प्रतिशत भारतीय उड़ानों पर ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहे हैं, तो वहीं 44 प्रतिशत भारतीयों की योजना एकोमोडेशन पर ज्यादा खर्च करने की है। साथ ही, मूल्य भी महत्वपूर्ण है। 67 प्रतिशत भारतीयों ने अपने होलिडे के स्थान को इसलिए बदल दिया या बदलने की सोच रहे हैं क्योंकि उन्हें कहीं और उससे बेहतर डील मिल गई।

नील घोष, ट्रैवल ट्रेंड्स एंड डेस्टिनेशंस एक्सपर्ट, स्काईस्कैनर इंडिया ने कहा, ‘‘भारतीय ट्रैवलर 2027 की शुरुआत खोज करने की प्रबल इच्छा के साथ कर रहे हैं। लेकिन वो इस बारे में भी ज्यादा सतर्क हो रहे हैं कि उनका समय और पैसा किस प्रकार खर्च हो रहा है। हमें इसमें एक बदलाव दिखाई दे रहा है। ट्रैवलर केवल यह तय नहीं कर रहे हैं कि उन्हें कहाँ जाना है, बल्कि वो इस बारे में भी विचार कर रहे हैं कि वो ट्रिप से कैसा अनुभव पाना चाहते हैं, क्या वो केवल भागदौड़ से दूर जाकर सुकून पाना चाहते हैं, या कुछ नया खोजना चाहते हैं या फिर चुस्ती बनाए रखना या बेहतर मूल्य पाना चाहते हैं।’’

87 प्रतिशत भारतीयों को ट्रैवल की योजना और बुकिंग के लिए ए.आई के इस्तेमाल को लेकर आत्मविश्वास है। टेक्नोलॉजी उनके निर्णय का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। स्काईस्कैनर के एक्सप्लोर विद ए.आई जैसे टूल्स ट्रैवलर्स को अपनी इच्छा की ट्रिप बुक करने में मदद करते हैं। प्राईस अलटर््स और ड्रॉप्स जैसे फीचर उन्हें किराए देखते रहने और कम कीमत में बेहतर अवसर तलाशने में मदद करते हैं। 2027 में ट्रैवलर्स को इन टूल्स का इस्तेमाल करने का मौका मिल रहा है, ताकि वो अपनी इच्छा के अनुरूप और फ्लेक्सिबल रहकर बिना समझौते के सबसे बेहतर अनुभव बुक कर सकें।

स्काईस्कैनर के एक्सक्लुसिव प्रोप्रायटरी डेटा और 2,000 भारतीय ट्रैवलर्स के फीडबैक एवं विश्वसनीय पार्टनर के सपोर्टिंग डेटा की मदद से 2027 में ट्रैवल को आकार देने वाले निम्नलिखित सात ट्रेंड्स सामने आए हैंः

  1. साउंड बाउंड – म्यूजिक भारतीय ट्रैवलर्स को पारंपरिक कॉन्सर्ट हॉल्स से बाहर ले जा रहा है। छुट्टियों पर संगीत के अनुभव के लिए जहाँ 43 प्रतिशत भारतीय ट्रैवलर कार्निवल अनुभव पसंद कर रहे हैं, तो 38 प्रतिशत अद्वितीय स्थानों, जैसे वोल्कैनो, पिरामिड्स और केव्स की ओर जा रहे हैं। म्यूजिक पर आधारित ट्रैवल के लिए सबसे महत्वपूर्ण जॉनर (27 प्रतिशत) है, जिसके बाद सांस्कृतिक अनुभव (20 प्रतिशत) और नई जगह देखने की इच्छा (19 प्रतिशत) का स्थान आता है।
  2. सिग्नल सेवेयरेंस – भारतीय ट्रैवलर्स के लिए भागदौड़ से दूर जाकर सुकून पाने की बात कहना आसान है, पर करना मुश्किल। 43 प्रतिशत भारतीय ट्रैवलर्स ने बताया कि अपने दिमाग को बिल्कुल शांत करने और अपने मोबाईल से दूरी बनाने में समय लगता है। सफर से पहले तुरंत अपने मोबाईल को स्विच ऑफ केवल 23 प्रतिशत ट्रैवलर ही कर पाते हैं। भागदौड़ से दूर जाने से उन्हें महत्वपूर्ण चीजों से कनेक्ट होने में मदद मिलती है। 75 प्रतिशत का कहना है कि वो प्रकृति से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं, वहीं, 73 प्रतिशत ट्रैवल फोन से दूर होने पर अपने आप से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं। इसीलिए ऐसे स्थानों की मांग बढ़ रही है, जो उन्हें भागदौड़ से दूर सुकूनभरे पल बिताने का मौका देते हैं। पोखरा की मांग ने 166 प्रतिशत साल-दर-साल, अगाती ने 157 प्रतिशत साल-दर-साल और फु क्वोक ने 133 प्रतिशत साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की है और ये डिजिटल डिसकनेक्शन के लिए टॉप डेस्टिनेशन बन गए हैं।
  3. जिमकेशन – हैल्थ और फिटनेस ट्रैवल भारतीयों को ऐसे स्थानों को खोजने के लिए प्रेरित करती है, जहाँ चुस्त रहना और न्यूट्रिशन के विकल्प चुनना उतना ही आसान होता है, जितना आसान नजारे देखना होता है। 91 प्रतिशत लोग ऐसे होटल बुक करना चाहते हैं, जो न्यूट्रिशन से भरपूर ब्रेकफास्ट के विकल्प प्रदान करते हैं। वहीं, 53 प्रतिशत लोग फिटनेस सुविधाएं तलाशते हैं। अगर कोई होटल उन्हें बेहतर फिटनेस पेशकशें देता है, तो वो अपने होटल को बदल सकते हैं।

दीपक ने कहा, ‘‘हमारे डेटा से प्रदर्शित होता है कि भारतीय ट्रैवलर अब ट्रैवल के दौरान फिटनेस के रूटीन को रोकते नहीं हैं, बल्कि वो इसके लिए ही ट्रैवल करते हैं। इस साल हमारी दिल्ली, मुंबई और बैंगलुरु की ईवेंट्स में लगभग आधे एथलीट्स दूसरे शहर से या दूसरे राज्य से आए थे, वो भी केवल प्रतिस्पर्धा करने के लिए। इससे प्रदर्शित होता है कि ‘जिम-केशन’ अब कोई विशेष रूटीन नहीं है, बल्कि ऐसे भारतीय ट्रैवलर बढ़ते जा रहे हैं, जिनके लिए वर्कआउट ईवेंट ट्रैवल करने का उतना की महत्वपूर्ण कारण बन गई है, जितना महत्वपूर्ण कोई कॉन्सर्ट या मैराथन होता है।

  • पिलग्रा-मर्च – सबसे अच्छी वस्तुएं वो होती हैं, जिन्हें खरीदने के लिए आपको यात्रा करनी पड़ती है। 80 प्रतिशत भारतीय किसी विशेष स्थान या स्टोर पर इसलिए गए क्योंकि वो उस स्थान की कोई एक्सक्लुसिव चीज खरीदना चाहते थे। जेन जी (84 प्रतिशत) और मिलेनियल्स (82 प्रतिशत) एक्सक्लुसिव खरीददारी के लिए यात्रा कर चुके हैं। इनमें से लगभग आधे (49 प्रतिशत) ऐसी कोई चीज खरीदने के लिए तीन से छः घंटे की उड़ान तय करके भी जाएंगे, जो कहीं और नहीं मिलती है।
  • स्टेन डू सर्ज – लोगों की अधिक उम्र में शादी और पारंपरिक जश्नों से दूर जाने के कारण यात्राएं पुरानी तरह की नहीं रह गई हैं, बल्कि ज्वाईंट ट्रैवल का एक समावेशी युग शुरू हो रहा है। 73 प्रतिशत भारतीय ट्रैवलर या तो साझा जश्न मनाते हैं या फिर अलग-अलग और साझा जश्न की मिलीजुली ट्रिप चुनते हैं। 64 प्रतिशत लोग फन के लिए, 53 प्रतिशत लोग शादी से पहले साथ में समय बिताने के लिए, 49 प्रतिशत लोग सुविधा के लिए और 48 प्रतिशत लोग पैसे बचाने के लिए इस तरह की ट्रैवल करते हैं।
  • ग्रांड ओडिसी – तेज भागदौड़ की दुनिया में इतिहास और पौराणिक कथाएं प्रेरणा प्रदान करती हैं। वो ट्रैवलर्स को ऐसी मानवीय कहानियों में ले जाती हैं, जो हर युग में एक सी रहती हैं। भारतीय ट्रैवलर्स को वर्तमान की प्रेरणा इतिहास से मिलती है। 89 प्रतिशत लोगों ने अपनी ट्रैवल की योजना इतिहास की घटना, किसी क्लासिकल कहानी या पौराणिक कथा या फिश्र इन दोनों से प्रेरित होकर बनाई। ट्रैवल के लिए सबसे अधिक प्रेरणा ऐतिहासिक हस्तियों (61 प्रतिशत), आर्किटेक्चर के अजूबों (57 प्रतिशत) और पौराणिक कहानियों (52 प्रतिशत) से मिलती है।
  • करेंसी चेजर – समझदार भारतीय ट्रैवलर बेहतर डील वाले डेस्टिनेशन तलाश रहे हैं। 69 प्रतिशत अपनी होलिडे की बुकिंग के लिए हमेशा या कभी-कभी डेस्टिनेशन की करेंसी की मजबूती पर विचार करते हैं, वहीं, 67 प्रतिशत ने अपना होलिडे डेस्टिनेशन इसलिए बदला है क्योंकि उन्हें कहीं और उससे बेहतर डील मिल गई। जेन जी में ऐसे लोग 77 प्रतिशत थे, जिनमें वो भी शामिल थे, जिन्होंने अपने डेस्टिनेशन को बदला या बदलने पर विचार किया।

सबसे बेहतर डील वाले या ट्रेंड होने वाले डेस्टिनेशन

स्काईस्कैनर के एक्सपर्ट्स ने ट्रैवल के एक प्रमुख व्यवहार और उन डेस्टिनेशंस को उजागर किया, जो 2027 में भारतीयों द्वारा की जाने वाली ट्रैवल को निर्धारित कर रहे हैं। इंटरनेशनल ट्रैवल की इच्छा काफी मजबूत है और ट्रैवलर्स ऐसे अनुभव तलाश रहे हैं, जो बेहतर मूल्य, वैलनेस, संस्कृति और डिस्कवरी प्रदान करें।

2027 में अपने होलिडे बजट का सबसे बेहतर उपयोग करने की इच्छा रखने वाले भारतीय ट्रैवलर्स के लिए मूल्य सबसे महत्वपूर्ण है।

टॉप 10 ट्रेंडिंग डेस्टिनेशंस की लिस्ट

ट्रेंडिंग डेस्टिनेशंस *सर्च में % वृद्धि
बिश्केक, किर्गिस्तान+748%
रूपसी, भारत+502%
ओकिनावा, जापान+279%
मालवन, भारत+258%
तिराना, अल्बानिया+237%
पॉडगोरिका, मोंटेनेग्रो+236%
संदाकन, मलेशिया+189%
पोखरा, नेपाल+166%
बंदर सेरी बेगवान, ब्रुनेई+139%
फु क्वोक, वियतनाम+133%

टॉप 10 वैल्यू डेस्टिनेशंस की लिस्ट

बेस्ट वैल्यू डेस्टिनेशन **% प्राइस ड्राप
जैसलमेर, भारत-43%
ताशकंद, उज़्बेकिस्तान-30%
कोझिकोड, भारत-29%
जोधपुर, भारत-25%
बाकू, अज़रबैजान-17%
सेबू, फ़िलीपींस-17%
क्राबी, थाईलैंड-17%
गया, भारत-15%
फुकेत, ​​थाईलैंड-11%
क्राइस्टचर्च, न्यूज़ीलैंड-8%

ट्रैवल ट्रेंड्स 2027 रिसर्च के मुताबिक बढ़ती लागत भारतीयों को ट्रैवल करने से रोक नहीं रही है, बल्कि वो और ज्यादा स्मार्ट खर्च करना सीख रहे हैं। 58 प्रतिशत भारतीय 2027 में अपनी विदेश यात्रा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 56 प्रतिशत उड़ानों पर ज्यादा खर्च करने वाले हैं। 44 प्रतिशत एकोमोडेशन पर अधिक खर्च करेंगे। डेस्टिनेशन के निर्णय में मूल्य की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। 67 प्रतिशत लोगों ने अपना डेस्टिनेशन केवल इसलिए बदला क्योंकि उन्हें किसी दूसरी जगह उससे बेहतर मूल्य मिल गया।

ए.आई भारतीयों का ट्रैवल कंपेनियन बन रहा है। आधे से अधिक डेस्टिनेशन सर्च के लिए ए.आई का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। हर 2 में से 1 भारतीय उड़ानों, एकोमोडेशन और कीमतों की तुलना करने के लिए ए.आई का इस्तेमाल कर रहा है। हर 5 में से 2 भारतीय उड़ानों की बुकिंग के लिए ए.आई का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही, आधे से अधिक ट्रैवलर्स के लिए एक्युरेसी सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

जब ट्रिप की प्रेरणा की बात आती है, तो स्क्रीन भारतीय ट्रैवलर्स द्वारा निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सबसे अधिक 78 प्रतिशत भारतीय यूट्यूब और 69 प्रतिशत इंस्टाग्राम से प्रेरणा लेते हैं। वहीं, 30 प्रतिशत ट्रैवल की प्रेरणा के लिए ए.आई चैटबॉट और टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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