यूपीईएस ने भारत में नैक्स्ट जनरेशन की एआई क्षमता के विकास के लिए सेल्सफोर्स के साथ पार्टनरशिप की।

- यह डेटा साईंस में स्पेशियलाईज़ेशन के साथ कंप्यूटर साईंस इंजीनियरिंग प्रोग्राम में बी.टेक और एक समर्पित सेल्सफोर्स एकेडेमिया सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के निर्माण के लिए अपनी तरह की पहली पार्टनरशिप है।
- स्टूडेंट्स को पहले दिन से ट्रेलहेड-पॉवर्ड लर्निंग, उद्योग में प्रमाणित सर्टिफिकेशन और एंटरप्राईज़ टेक्नोलॉजी का प्रायोगिक अनुभव मिलेगा।
नई दिल्ली, भारत, 22 जून, 2026 – एक मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी और फ्यूचर-फोकस्ड एजुकेशन के लिए भारत के प्रमुख संस्थानों में से एक, यूपीईएस ने आज दुनिया के नं. 1 ए.आई सीआरएम, सेल्सफोर्स के साथ साझेदारी की। यह यूनिवर्सिटी डेटा साईंस में स्पेशियलाईज़ेशन के साथ उद्योग का पहला बी.टेक कंप्यूटर साईंस इंजीनियरिंग (सीएसई) प्रोग्राम पेश करने वाली है। यह प्रोग्राम सेल्सफोर्स के साथ मिलकर विकसित किया गया है और स्टूडेंट्स को इन-डिमांड ए.आई, डेटा और एंटरप्राईज़ टेक्नोलॉजी के कौशल प्रदान करता है।
इस सहयोग के अंतर्गत यूपीईएस में सेल्सफोर्स एकेडेमिया सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (सीओई) की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर ए.आई स्किलिंग, डेवलपर सर्टिफिकेशन, एप्लाईड रिसर्च, फैकल्टी डेवलपमेंट, इनोवेशन प्रोजेक्ट और ट्रेलहेड पर औद्योगिक सहयोग के केंद्र के रूप में काम करेगा। ट्रेलहेड सेल्सफोर्स की ओर से एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है। यहाँ सीओई में विशेषज्ञ लैब होंगी और यहाँ ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल पर काम किया जाएगा। इससे तेजी से विकसित होते हुए ए.आई और एंटरप्राईज टेक्नोलॉजी के परिवेश में फैकल्टी का विकास संभव होगा। इस प्रोग्राम के पहले साल स्टूडेंट्स को एंटरप्राईज-ग्रेड प्लेटफॉर्म्स का हैंड्सऑन अनुभव मिलेगा, जिससे वर्कप्लेस के लिए उनकी तैयारी मजबूत होगी।
यह पारंपरिक इंडस्ट्री पार्टनरशिप से आगे बढ़कर ट्रिपल-सी – को-क्रिएट, को-डिलीवर और को-सर्टिफाई मॉडल पर आधारित है। इसका पाठ्यक्रम यूपीईएस और सेल्सफोर्स ने मिलकर बनाया है, जो एंटरप्राईज सीआरएम टेक्नोलॉजी, एआई एप्लीकेशन, डेटा प्लेटफॉर्म, एनालिटिक्स और इंटैलिजेंट ऑटोमेशन के साथ एकेडेमिक अनुभव प्रदान करता है। साथ ही, रियल-वर्ल्ड एंटरप्राईज प्लेटफॉर्म्स, जैसे एजेंटफोर्स सेल्स, एजेंटफोर्स सर्विस, डेटा 360, टेबलो और एजेंटफोर्स इस प्रोग्राम के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। यह प्रोग्राम करने के बाद स्टूडेंट्स को न केवल बी.टेक की डिग्री मिलेगी, बल्कि उन्हें सेल्सफोर्स द्वारा सर्टिफिकेशन भी दिए जाएंगे, जो पूरे उद्योग में मान्यताप्राप्त हैं। इस प्रकार, उनके पास ए.आई-पॉवर्ड अर्थव्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन लाने के लिए जरूरी प्रैक्टिकल स्किल्स होंगी।
स्टूडेंट्स प्रोग्राम के पहले साल ही सेल्सफोर्स के एजुकेशन क्लाउड और एजेंटफोर्स टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सकेंगे। इससे उन्हें एंटरप्राईज-ग्रेड के प्लेटफॉर्म्स पर हैंड्स-ऑन लर्निंग प्राप्त होगी। स्टूडेंट्स को ग्लोबल सर्टिफिकेशन मिलेंगे। वो लाईव प्रोजेक्ट पर काम कर सकेंगे। इंटर्नशिप का एक्सपोज़र मिलेगा और वो सेल्सफोर्स लर्निंग समुदायों में हिस्सा ले सकेंगे। इससे उन्हें रियल-वर्ल्ड बिजनेस और टेक्नोलॉजी की चुनौतियों का प्रैक्टिकल एक्सपोजर प्राप्त होगा और उनकी एम्प्लॉयबिलिटी एवं इंडस्ट्री रेडीनेस बढ़ेगी।
यह पार्टनरशिप ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ के यूपीएस के विज़न पर आधारित है। इस एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी में पाठ्यक्रम, रिसर्च, इनोवेशन और औद्योगिक अनुभव में विकसित होती हुई टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है, ताकि स्टूडेंट्स भविष्य के काम के लिए तैयार हो सकें।
प्रोफेसर (डॉ.) अभिषेक सिन्हा, प्रो वाईस-चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस), यूपीईएस ने कहा, ‘‘यूपीईएस में हमारा विश्वास है कि शिक्षा का विकास उसी तेजी से होना चाहिए, जिस तेजी से हमारे ग्रेजुएड उद्योगों में प्रवेश करते हैं। सेल्सफोर्स के साथ हमारा सहयोग ऐसे प्रोफेशनल्स का निर्माण करने की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है, जो ए.आई-संचालित अर्थव्यवस्था में न केवल सैद्धांतिक रूप से नेतृत्व करने के लिए तैयार हों, बल्कि उनके पास सर्टिफिकेट और प्रायोगिक क्षमता भी हो। हम ट्रिपल-सी मॉडल और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के साथ एक भविष्य की बुनियाद स्थापित कर रहे हैं। यह बुनियाद अलग-अलग विधाओं में फैलेगी और यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री सहनिर्माण का एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगी।’’
मनकीरन चौहान, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेल्सफोई इंडिया ने कहा, ‘‘एआई हमारे काम करने, निर्माण करने और इनोवेट करने के तरीके में बुनियादी परिवर्तन ला रहा है। इसलिए भविष्य के कार्यबल के लिए एआई फ्लुएंसी एक महत्वपूर्ण काबिलियत बन रही है। भारत ग्लोबल ए.आई पॉवरहाउस बनने की ओर बढ़ रहा है। इसलिए अब केवल टेक्नोलॉजी को अपनाने की नहीं, बल्कि ऐसी प्रतिभा पर ध्यान केंद्रित किए जाने की जरूरत है, जो टेक्नोलॉजी का जिम्मेदारीपूर्वक और व्यापक उपयोग कर सके। हमने यूपीईएस के साथ पार्टनरशिप करके उद्योग और एकेडेमिक्स को साथ में काम करने का अवसर दिया है, जिससे स्टूडेंट्स इस नई दुनिया के लिए तैयार हो सकेंगे। उन्हें बुनियादी इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ ए.आई, डेटा और एंटरप्राईज टेक्नोलॉजी में प्रायोगिक अनुभव मिलेगा। सेल्सफोर्स एकेडेमिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य के लिए तैयार स्टूडेंट्स का निर्माण करेगा, जो इनोवेशन, प्रोडक्टिविटी और विभिन्न उद्योगों में विकास संभव बनाने में सक्षम होंगे।’’
यूपीईएस और सेल्सफोर्स शिक्षा जगत एवं उद्योग द्वारा मिलकर काम करने का एक प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे है, ताकि ए.आई-रेडी वर्कफोर्स का निर्माण हो, जो भारत के डिजिटल भविष्य की मांगों को पूरा कर सके।
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