UPI Payment Charges 2026: 2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर MDR, जानें 25 सवालों के जवाब

UPI Payment Charges को लेकर बड़ा अपडेट
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI आज भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल, ऑनलाइन शॉपिंग और यूटिलिटी बिल तक, करोड़ों लोग रोजाना UPI के जरिए भुगतान करते हैं। ऐसे में UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर सामने आई जानकारी ने आम ग्राहकों और कारोबारियों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
NPCI की ओर से जारी FAQ में 2000 रुपये से अधिक के कुछ UPI Merchant Payments पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि MDR ग्राहक से सीधे वसूला जाने वाला UPI चार्ज नहीं है। यह Merchant यानी व्यापारी से जुड़ा शुल्क है और P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले भुगतान को इससे अलग रखा गया है।
इसका मतलब यह है कि दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने वाले सामान्य UPI यूजर्स के लिए यह व्यवस्था अलग प्रकार से लागू होती है। वहीं कारोबारियों के लिए ट्रांजैक्शन की राशि और Merchant Category के आधार पर MDR की व्यवस्था बताई गई है।
MDR क्या है और UPI में इसकी भूमिका क्या होगी
Merchant Discount Rate यानी MDR वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले व्यापारी से पेमेंट सिस्टम से जुड़ी सेवाओं के लिए लिया जाता है। इस शुल्क का संबंध पेमेंट स्वीकार करने वाले Merchant से होता है, न कि सामान्य रूप से ग्राहक के बैंक खाते से अलग से पैसे काटने से।
NPCI के FAQ के मुताबिक 2000 रुपये तक के छोटे UPI Merchant Payments पर MDR नहीं लगाया जाएगा। 2000 रुपये से अधिक के पात्र P2M यानी Person to Merchant ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम MDR 0.4 प्रतिशत बताया गया है।
बड़े ट्रांजैक्शन के लिए भी एक अधिकतम सीमा रखी गई है। 75000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के मामले में MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन बताई गई है।
क्या आम ग्राहक से UPI Payment Charge लिया जाएगा
यह इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। FAQ में स्पष्ट किया गया है कि ग्राहकों के लिए सामान्य UPI सेवाएं फ्री रहेंगी।
यदि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजता है तो इस MDR व्यवस्था के तहत उससे शुल्क नहीं लिया जाना है। इसी तरह सामान्य ग्राहक द्वारा व्यापारी को UPI से भुगतान करने पर MDR को ग्राहक से अलग से वसूलने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।
इसलिए UPI चार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों से सावधान रहना जरूरी है जिनमें यह दावा किया जाता है कि हर UPI पेमेंट पर ग्राहक के खाते से अतिरिक्त प्रतिशत काटा जाएगा।
2000 रुपये तक के UPI Payment पर क्या होगा
छोटे भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए यह सबसे राहत वाली जानकारी है। FAQ के अनुसार 2000 रुपये तक के छोटे P2M UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।
इसका असर रोजाना की सामान्य खरीदारी पर सीमित रखने का उद्देश्य बताया गया है। किराना, चाय, नाश्ता, छोटी खरीदारी और अन्य कम राशि वाले भुगतान इस सीमा के भीतर आते हैं।
इसलिए अगर किसी ग्राहक ने किसी Merchant को 500 रुपये या 1500 रुपये का पात्र UPI Payment किया है तो प्रस्तावित MDR के नाम पर ग्राहक से अलग शुल्क लेने की बात नहीं है।
2000 रुपये से अधिक के UPI Payment पर कितना MDR
2000 रुपये से अधिक के पात्र P2M UPI ट्रांजैक्शन के लिए बेसलाइन MDR अधिकतम 0.4 प्रतिशत बताया गया है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी पात्र Merchant को 10000 रुपये का भुगतान मिलता है तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR की गणना 40 रुपये होगी। हालांकि वास्तविक शुल्क Merchant Category और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
यह समझना जरूरी है कि 0.4 प्रतिशत ग्राहक के बिल में स्वतः जुड़ने वाला UPI चार्ज नहीं है। MDR Merchant Side पर लागू होने वाला शुल्क है।
75000 रुपये या उससे अधिक के Payment पर 300 रुपये की सीमा
बड़े भुगतान के लिए MDR पर अधिकतम कैप भी बताया गया है। 75000 रुपये या उससे अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम MDR 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन निर्धारित किया गया है।
इसका उद्देश्य बड़े भुगतान पर प्रतिशत के आधार पर शुल्क को अनिश्चित रूप से बढ़ने से रोकना है।
इस तरह UPI MDR व्यवस्था में एक तरफ प्रतिशत आधारित शुल्क है तो दूसरी तरफ बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम सीमा का प्रावधान है।
P2P और P2M Payment में क्या अंतर है
UPI ट्रांजैक्शन को समझने के लिए P2P और P2M के बीच अंतर जानना बेहद जरूरी है।
P2P यानी Person to Person Payment में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को पैसा भेजता है। उदाहरण के लिए दोस्त को 5000 रुपये भेजना या परिवार के सदस्य को पैसे ट्रांसफर करना P2P भुगतान है।
P2M यानी Person to Merchant Payment में ग्राहक किसी व्यापारी या कारोबारी को भुगतान करता है। उदाहरण के लिए किसी दुकान पर QR Code स्कैन करके भुगतान करना P2M है।
NPCI FAQ में MDR को Merchant Transactions से जोड़ा गया है जबकि सामान्य P2P भुगतान को इससे बाहर रखा गया है।
क्या दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा
FAQ के अनुसार P2P UPI Payments फ्री रहेंगे।
अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त को पैसे भेजता है, परिवार के सदस्य को रकम ट्रांसफर करता है या अपने दूसरे बैंक खाते में पैसा भेजता है तो इस MDR व्यवस्था के तहत Merchant Discount Rate लागू नहीं होता।
यही कारण है कि UPI MDR और सामान्य UPI Transfer Charge को एक ही चीज समझना सही नहीं होगा।
क्या UPI Apps Platform Fee लेना शुरू करेंगे
FAQ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि UPI Payment के नाम पर UPI Apps द्वारा अलग से Platform Fee वसूलने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।
इसका मतलब यह है कि MDR को ग्राहक के लिए किसी नए UPI Platform Charge के रूप में नहीं समझना चाहिए।
हालांकि किसी विशेष सेवा या अलग भुगतान उत्पाद की अपनी शर्तें हो सकती हैं। इसलिए ग्राहक को भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली अंतिम राशि और लागू शुल्क की जानकारी देखनी चाहिए।
छोटे दुकानदारों पर क्या असर पड़ेगा
छोटे व्यापारियों के लिए MDR व्यवस्था का प्रभाव उनकी Merchant Category और ट्रांजैक्शन के आकार पर निर्भर करेगा।
FAQ के मुताबिक कुछ छोटी Merchant Categories को विशेष छूट मिल सकती है। खासकर P2PM जैसी श्रेणियों के लिए अलग प्रावधान बताए गए हैं।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि 2000 रुपये से ज्यादा का हर UPI Payment मिलने पर हर छोटे दुकानदार से एक जैसा MDR लिया जाएगा। Merchant की Category और लागू नियमों को देखना जरूरी होगा।
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल के लिए अलग व्यवस्था
कुछ विशेष Merchant Categories के लिए प्रतिशत आधारित MDR के बजाय फ्लैट MDR का प्रावधान बताया गया है।
रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी श्रेणियों में 2000 रुपये से अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR बताया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे सेक्टर में पेमेंट प्रोसेसिंग लागत को नियंत्रित रखना है जहां बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल भुगतान करते हैं और मार्जिन अपेक्षाकृत सीमित हो सकते हैं।
बिजली पानी और अन्य Utility Payments पर क्या होगा
Utility Payments को लेकर भी FAQ में अलग जानकारी दी गई है।
बिजली, पानी और पाइप्ड नेचुरल गैस जैसी सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के लिए 2000 रुपये से अधिक के पात्र भुगतान पर 0.4 प्रतिशत की जगह 5 रुपये का फिक्स्ड MDR बताया गया है।
2000 रुपये से कम के Utility Payments पर MDR नहीं होने की बात कही गई है।
इसका मतलब यह है कि बिजली या पानी का बिल UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक से सीधे 5 रुपये काटे जाने की बात नहीं है। यहां MDR Merchant Side पर लागू होने वाला शुल्क है।
UPI MDR से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा
NPCI के FAQ में MDR से मिलने वाले राजस्व को UPI Ecosystem में वापस लगाने की बात कही गई है।
इसके तहत पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, Innovation, Cyber Security और Customer Service जैसी गतिविधियों में निवेश का उल्लेख किया गया है।
UPI के बढ़ते ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के साथ सिस्टम को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखना लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इसी संदर्भ में MDR को एक Commercial Revenue Model के तौर पर पेश किया गया है।
छोटे व्यापारियों के लिए Dedicated Fund की योजना
FAQ में छोटे व्यापारियों और कम डिजिटल पहुंच वाले क्षेत्रों के लिए एक Dedicated Fund का भी उल्लेख किया गया है।
टियर 3 से टियर 6 शहरों, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की योजना बताई गई है।
इस फंड का इस्तेमाल छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए किए जाने की बात कही गई है।
क्या UPI Payment की कोई Monthly Limit होगी
FAQ के अनुसार आम यूजर्स के लिए Free UPI Payments की कोई अलग Monthly Quota निर्धारित नहीं की गई है।
हालांकि अलग-अलग बैंक अपनी Risk Management और Security Policies के तहत दैनिक ट्रांजैक्शन लिमिट निर्धारित कर सकते हैं।
इसलिए बैंक द्वारा लगाई गई Transaction Limit को MDR या Commercial Charge समझना गलत होगा।
क्या UPI AutoPay पर MDR लगेगा
UPI Mandate और AutoPay से जुड़े recurring payments को भी FAQ में अलग श्रेणी में रखा गया है।
बिजली बिल, OTT Subscription और Mutual Fund SIP जैसे Automated Recurring Payments पर MDR नहीं लगने की जानकारी दी गई है।
हालांकि किसी सेवा प्रदाता की अपनी फीस या शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए ग्राहक को संबंधित सेवा की Terms और Payment Screen की जानकारी भी देखनी चाहिए।
UPI और Credit Card MDR में कितना अंतर है

FAQ में UPI MDR की तुलना पारंपरिक कार्ड भुगतान से भी की गई है।
इसमें बताया गया है कि Credit Card और Debit Card Transactions में Merchant Side पर आम तौर पर अलग MDR संरचनाएं होती हैं। प्रस्तावित UPI MDR के लिए 0.4 प्रतिशत की अधिकतम बेसलाइन दर और बड़े भुगतान के लिए 300 रुपये की सीमा बताई गई है।
इस तुलना का उद्देश्य यह बताना है कि Merchant के लिए UPI Payment Acceptance की लागत को सीमित रखने की कोशिश की गई है।
UPI MDR कब से लागू होगा
दिए गए FAQ के अनुसार अंतिम MDR Framework 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की टाइमलाइन बताई गई है।
इससे पहले बैंकों, Payment Aggregators, Fintech Platforms और अन्य संबंधित संस्थाओं को अपने सिस्टम और Billing Infrastructure में आवश्यक बदलाव करने का समय दिया जाना है।
हालांकि किसी भी शुल्क व्यवस्था को समझते समय लागू होने वाली अंतिम आधिकारिक शर्तों और NPCI के नवीनतम निर्देशों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
UPI Charges को लेकर सबसे जरूरी निष्कर्ष
UPI MDR को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि क्या अब हर UPI Payment पर ग्राहक से पैसा काटा जाएगा। उपलब्ध FAQ में ऐसा नहीं कहा गया है।
सामान्य P2P Payments को फ्री रखने की बात कही गई है। 2000 रुपये तक के छोटे Merchant Payments को भी MDR से बाहर बताया गया है। वहीं 2000 रुपये से अधिक के पात्र P2M Transactions के लिए अधिकतम 0.4 प्रतिशत MDR और बड़े भुगतान पर 300 रुपये की अधिकतम सीमा बताई गई है।
कुछ विशेष Categories जैसे Railway, Telecom, Insurance और Fuel के लिए 5 रुपये का Flat MDR बताया गया है। Utility Payments के लिए भी अलग रियायती प्रावधान का उल्लेख है।
इसलिए UPI MDR और Customer UPI Charge को एक ही समझना सबसे बड़ी गलती होगी। MDR मुख्य रूप से Merchant Side से जुड़ा शुल्क है।
आम ग्राहक के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि दोस्त या परिवार को पैसे भेजने वाले P2P Transactions और निर्धारित सीमा के भीतर छोटे Payments पर इस प्रस्तावित MDR का सीधा ग्राहक शुल्क के रूप में असर नहीं बताया गया है।
