टी 20 वर्ल्ड कप सुपर 8 में वेस्टइंडीज का महाविस्फोट जिम्बाब्वे पर 107 रन की ऐतिहासिक जीत

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में रिकॉर्डों की बरसात
टी 20 वर्ल्ड कप सुपर 8 के चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया। मुंबई के प्रतिष्ठित Wankhede Stadium में खेले गए इस हाई स्कोरिंग मैच ने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच, रिकॉर्ड और खेल भावना के कई यादगार पल दिए।
जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन कैरेबियाई बल्लेबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन बनाकर टी 20 वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे विस्फोटक स्कोर में से एक खड़ा किया। जवाब में 255 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 17.4 ओवर में 147 रन पर सिमट गई।
यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं था, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड और रोमांचक मोमेंट्स का गवाह भी बना।
मैच का संक्षिप्त स्कोरकार्ड
वेस्टइंडीज 254 रन छह विकेट पर 20 ओवर
जिम्बाब्वे 147 रन ऑलआउट 17.4 ओवर
वेस्टइंडीज की 107 रन से धमाकेदार जीत
इस मुकाबले में 31 छक्के लगे, जो टी 20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा हैं। यही नहीं, कई व्यक्तिगत और टीम रिकॉर्ड भी टूटे।
एक मैच में सबसे ज्यादा छक्कों का विश्व रिकॉर्ड
31 सिक्स से टूटा पुराना कीर्तिमान
इस मैच में कुल 31 छक्के लगे। यह टी 20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी एक मुकाबले में सबसे ज्यादा छक्कों का नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 2014 में ICC Men’s T20 World Cup के दौरान आयरलैंड और नीदरलैंड के मैच में 30 छक्के लगे थे।
वानखेड़े का मैदान हर ओवर में गूंजता रहा। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने पावर हिटिंग का ऐसा प्रदर्शन किया कि गेंद बार बार दर्शक दीर्घा में पहुंचती रही।
शिमरोन हेटमायर का तूफानी शतक जैसा प्रभाव
19 गेंदों में सबसे तेज फिफ्टी
वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Shimron Hetmyer इस मैच के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने मात्र 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर टी 20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड बना दिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle के नाम था, जिन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 23 गेंदों में फिफ्टी बनाई थी। हेटमायर ने आक्रामक बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल दी।
एक एडिशन में 17 छक्कों की बराबरी
हेटमायर ने इस मैच में 7 छक्के लगाए और इस टी 20 वर्ल्ड कप में कुल 17 छक्कों के साथ एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। यह रिकॉर्ड पहले उनके साथी बल्लेबाज Nicholas Pooran के नाम था।
108 मीटर का मॉन्स्टर सिक्स बना आकर्षण
मैच के 10वें ओवर में हेटमायर ने जिम्बाब्वे के स्टार ऑलराउंडर Sikandar Raza की गेंद पर 108 मीटर लंबा छक्का जड़ा। शॉर्ट लेंथ गेंद को पुल करते हुए उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से गेंद स्टैंड में पहुंचा दी।
यह छक्का न सिर्फ दूरी के लिहाज से खास था, बल्कि इसने मैच का मोमेंटम पूरी तरह वेस्टइंडीज के पक्ष में कर दिया।
रोवमन पॉवेल का 106 मीटर सिक्स और खेल भावना
वेस्टइंडीज के कप्तान Rovman Powell ने भी 13वें ओवर में 106 मीटर का विशाल छक्का लगाया। गेंद सीधे सेकेंड टियर में जाकर गिरी। यह शॉट दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
रजा के माथे पर किस कर दिखाई खेल भावना
16वें ओवर में पॉवेल का एक शॉट सिकंदर रजा के हाथ पर जा लगा। रजा दर्द से कराह उठे और खेल कुछ देर रुका। इसी दौरान पॉवेल उनके पास पहुंचे, उनका हालचाल पूछा, पीठ थपथपाई और उन्हें गले लगाकर माथे पर किस किया। यह दृश्य खेल भावना और मानवीय संवेदना का शानदार उदाहरण बना।
10वें विकेट के लिए ऐतिहासिक साझेदारी
जिम्बाब्वे के बल्लेबाज Bradley Evans और Richard Ngarava ने आखिरी विकेट के लिए 19 गेंदों पर 44 रन की साझेदारी की। यह टी 20 वर्ल्ड कप इतिहास में 10वें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और शेरफन रदरफोर्ड के नाम था।
ब्रायन बेनेट का अनोखा रिकॉर्ड टूटा
जिम्बाब्वे के ओपनर Brian Bennett इस टूर्नामेंट में लगातार चार मैचों तक नाबाद रहे थे। उन्होंने आउट होने से पहले 180 रन बिना आउट हुए बनाए थे, जो टी 20 वर्ल्ड कप में बिना आउट हुए सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड बना।
हालांकि इस मैच में वे 5 रन पर आउट हो गए और उनका सिलसिला टूट गया।
अकिल हुसैन का घातक डबल विकेट मेडन
वेस्टइंडीज के स्पिनर Akeal Hosein ने जिम्बाब्वे की पारी में डबल विकेट मेडन ओवर डालकर मैच पूरी तरह खत्म कर दिया। उन्होंने पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को बोल्ड किया और चौथी गेंद पर रयान बर्ल को कैच आउट कराया।
यह ओवर जिम्बाब्वे की उम्मीदों पर अंतिम प्रहार साबित हुआ।

हेटमायर को मिले दो जीवनदान
हेटमायर को दो बार जीवनदान मिला। दोनों बार ताशिंगा मुसेकिवा से उनका कैच छूटा। पहली बार वे 9 रन पर थे और दूसरी बार 70 रन पर। इन दोनों मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने मैच का रुख बदल दिया।
क्यों खास थी यह जीत
यह जीत सिर्फ बड़े अंतर की वजह से खास नहीं थी, बल्कि इसलिए भी क्योंकि इसमें पावर हिटिंग, खेल भावना, व्यक्तिगत रिकॉर्ड और टीम वर्क का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।
वेस्टइंडीज ने दिखा दिया कि वह टी 20 फॉर्मेट की असली बादशाह टीमों में से एक है। सुपर 8 चरण में यह जीत उन्हें सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में ले गई है।
निष्कर्ष
टी 20 वर्ल्ड कप का यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मैचों में शामिल हो गया है। 31 छक्कों का विश्व रिकॉर्ड, हेटमायर की तूफानी पारी, पॉवेल का मानवीय जेस्चर, और कई ऐतिहासिक साझेदारियां इस मैच को खास बनाती हैं।
वेस्टइंडीज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब उनकी टीम लय में होती है, तो दुनिया की कोई भी गेंदबाजी आक्रमण उनके सामने टिक नहीं सकता। यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए लंबे समय तक चर्चा का विषय रहेगा और टी 20 वर्ल्ड कप के रोमांच को नई ऊंचाई देगा।

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