मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन ने लॉन्च किया इनोविन डे

  • भारत की अगली पीढ़ी के क्लीनटेक, सर्कुलर इकॉनॉमी और एग्रीटेक इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम
  • नवाचारकों और निवेशकों, अनुदानदाताओं व औद्योगिक ग्राहकों के बीच महत्वपूर्ण संबंध स्थापित करने की पहल

दिल्ली: मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन (एमआईएफ) द्वारा पहचाने गए कई तकनीकी नवाचारक भारत की प्रमुख चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, कृषि क्षेत्र में बदलाव, जल संकट और प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन का समाधान खोज रहे हैं। ये नवाचारक खेती के अवशेषों से फर्नीचर बना रहे हैं, औद्योगिक उत्सर्जन को उपयोगी रसायनों में बदल रहे हैं, दुर्लभ-अर्थ मैग्नेट मुक्त मोटर प्रणाली विकसित कर रहे हैं, प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन कर रहे हैं और हवा से नमी निकालकर पानी प्राप्त कर रहे हैं।

ये सभी नवाचार भारत की हरित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन इन समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए निवेशकों, अनुदानदाताओं और व्यावसायिक ग्राहकों से जुड़ना आवश्यक है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन ने आज इनोविन डे लॉन्च किया। यह एक विशेष प्रभावशाली कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ‘इंडियन इनोवेशन आइकॉन्स 2025’ के विजेताओं और ‘स्केल-अप’ कार्यक्रम के नवाचारकों को वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच, पायलट प्रोजेक्ट के अवसर और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जोड़ना है।

इस पहले इनोविन डे में 24 नवाचारकों ने भाग लिया, जो क्लीनटेक (हरित तकनीक), एग्रीटेक (कृषि तकनीक) और सर्कुलर इकॉनॉमी (पुनर्चक्रण आधारित अर्थव्यवस्था) जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और उनके समाधान बाजार में लॉन्च होने के लिए तैयार हैं। इनमें ‘इंडियन इनोवेशन आइकॉन्स 2025’ के सामाजिक और व्यावसायिक श्रेणी के विजेता असिस्टेक फाउंडेशन, चारा टेक्नोलॉजीज, इंद्रा वॉटर, परी और रॉकेट लर्निंग शामिल थे। इसके अलावा, एमआईएफ के ‘स्केल-अप’ एक्सेलरेटर प्रोग्राम में भाग लेने वाले ब्रिसिल, कैलिचे, ग्रीनपॉड लैब्स, ईशित्वा रोबोटिक सिस्टम्स, पैडकेयर, रिक्रॉन पैनल्स, उरावू, अर्बन किसान और अन्य नवाचारक भी इस पहल का हिस्सा थे।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवाचारकों और उन हितधारकों के बीच बने महत्वपूर्ण संबंध थे, जो भविष्य में निवेश, सहयोग, पायलट प्रोजेक्ट्स और बाजार में पहुंच की संभावनाएं खोल सकते हैं। प्रमुख निवेशक और कॉर्पोरेट भागीदारों में वेदांता, कोलगेट-पामोलिव, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, जेएसडब्ल्यू वेंचर्स और इंडिया क्लाइमेट कोलैबोरेटिव जैसी कंपनियां शामिल थीं, जिन्होंने शुरुआती चरण के नवाचारों को व्यावसायिक रूप से सफल उद्यमों में बदलने के लिए सहयोग देने की प्रतिबद्धता दिखाई।

इनोविन डे की शुरुआत मैरिको लिमिटेड के अध्यक्ष और मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन के संस्थापक हर्ष मारीवाला के मुख्य भाषण से हुई। इसके बाद “स्केलिंग स्ट्रैटेजीज”विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें एस4एस टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वैभव तिडके और एटोमबर्ग टेक्नोलॉजीज के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अरिंदम पॉल ने भाग लिया । उन्होंने बताया कि उनके विशेष इनोवेशन—सौर ऊर्जा से चलने वाली खाद्य प्रसंस्करण प्रणाली और बीएलडीसी मोटर्स—कैसे उद्योग में मानक बन गए हैं। उनका सफर दिखाता है कि उद्देश्य-चालित नवाचार, जब सही रणनीति के साथ लागू किया जाता है, तो यह सिर्फ शुरुआती ग्राहकों तक सीमित नहीं रहता बल्कि मुख्य बाजार को भी नया रूप देता है।

कार्यक्रम में बोलते हुए हर्ष मारीवाला ने कहा,  “स्टार्टअप्स के लिए मजबूत नेटवर्क बनाना बहुत जरूरी है। निवेशक और कॉर्पोरेट कंपनियां स्टार्टअप्स के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं—वे पूंजी, मार्गदर्शन, बाजार पहुंच और विशेषज्ञता प्रदान करते हैं, जिससे स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में मदद मिलती है। नवाचार सहयोग से ही फलता-फूलता है, और इनोविन डे इस सहयोग को बढ़ावा देने का हमारा प्रयास है।”

वैभव तिडके ने कहा, “एमआयएफ के रणनीतिक मार्गदर्शन ने हमारे व्यवसाय मॉडल को आकार दिया और विकास को तेज किया। हमारी आय 2019 में जो 60 लाख से बढ़कर 2023 मे 100 करोड़ हो गई, जो एमआयएफ के रणनीतिक मार्गदर्शन के प्रभाव को दर्शाती है।”

अरिंदम पॉल ने एटॉमबर्ग की व्यावसायिक प्रगती पर व्यक्त होते हुए कहा , “जब हमने 2017 में एमआयएफ के स्केल-अप प्रोग्राम में भाग लिया, तब हम ई-कॉमर्स में 7-8% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के बाद ऑफलाइन विस्तार की योजना बना रहे थे। हमें जो मार्गदर्शन मिला, उसने स्पष्ट दिशा दि गयी थी: पहले व्यवसाय के गहराई में जाओ, ऑफलाइन सोचने से पहले ऑनलाइन बाजार में नेतृत्व हासिल करो। यह सिद्धांत—विस्तार से पहले फोकस—तब से हमें लगातार मार्गदर्शन करता आ रहा है।”

मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन की प्रमुख सुरंजना घोष ने कहा, “इनोविन डे को लॉन्च करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हम अपने नवाचारकों को सही संसाधन—पूंजी, ग्राहक और आवश्यक संवाद—एक ही मंच पर उपलब्ध कराएं। हम जानते हैं कि इन नवाचारकों के पास बड़े पैमाने पर प्रभाव डालने वाली समाधानशील तकनीकें हैं, लेकिन इन्हें सफल बनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम का समर्थन जरूरी है। इनोविन डे इसी दिशा में एक अहम कदम है।”

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5 thoughts on “मैरिको इनोवेशन फाउंडेशन ने लॉन्च किया इनोविन डे

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