शुभमन गिल को नंबर‑4 की जिम्मेदारी दी गयी; ऋषभ पंत बोलते हैं – मैं फिनिशर नंबर‑5 पर ऑलराउंड टीम में

कोहली के रिटायरमेंट के बाद गिल को नंबर‑4 पर मौका, पंत ने किया पुष्टि
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से 12 मई, 2025 को संन्यास लेने के बाद भारतीय टेस्ट टीम की नंबर‑4 की बैटिंग पोजीशन खाली हो गई थी। इस महत्वपूर्ण स्थान के लिए नई श्रृंखला से पहले चर्चा तेज हो गई थी, जिसे सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसी महान हस्तियों ने संभाला था।
हेडिंग्ले से पहले पंत ने किया ऐलान
जिसे लेकर अटकलें थीं, भारतीय टीम के उप-कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 18 जून, 2025 को हेडिंग्ले टेस्ट से ठीक पहले मीडिया से बातचीत में खुद पुष्टि की है। पंत ने कहा:
“मुझे लगता है कि अभी भी इस बात पर चर्चा चल रही है कि नंबर‑3 पर कौन खेलेगा। लेकिन चौथे और पांचवें नंबर पर फैसला हो चुका है। मुझे लगता है कि शुभमन चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे और मैं पांचवें नंबर पर ही खेलूंगा।”
इस तरह शुभमन गिल नंबर‑4 पर बल्लेबाजी करेंगे, जबकि पंत खुद नंबर‑5 की भूमिका संभालेंगे, जो कि विराट कोहली का स्थान महत्त्वपूर्ण रूप से भर रहा है।
तीसरे नंबर की ख़ाली पोजिशन पर भी रहेगी एक्सपेरिमेंट
जहां नंबर‑4 और नंबर‑5 पक्का हो चुका है, वहीं तीसरे नंबर पर अभी संभावनाओं की चर्चा जारी है। करुण नायर और साई सुदर्शन जैसे युवा खिलाड़ी इस स्थान की दावेदारी में शामिल हैं। घरेलू प्रदर्शन, रन बनाना और तकनीकी खामियों की पहचान के आधार पर चयनकर्ताओं द्वारा निर्णय लेने की तैयारी जारी है।
गिल–पंत की कैमिस्ट्री बाहर और भीतर
पंत ने गिल के साथ व्यक्तिगत संबंधों पर भी बात की:
“मैदान के बाहर मेरा और शुभमन का रिश्ता बहुत अच्छा है। अगर आप मैदान के बाहर अच्छे दोस्त हैं तो यह रिश्ता आखिरकार मैदान पर भी कायम रहता है। मेरी इस बात पर हमेशा से ही मान्यता रही है।”
दोनों खिलाड़ियों की मजबूत साझेदारी पिछले कई महीनों से चर्चा में है। गिल के शांत और तकनीकी दृष्टिकोण के साथ पंत के आक्रामक और आंतरिक ऊर्जा दोनों का मिश्रण भारतीय टीम के लिए रणनीतिक रूप से लाभप्रद रहा है।
कप्तानी और उत्तराधिकारी गिल
हाल के दिनों में शुभमन गिल को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया है और उन्हें उप-कप्तान पंत का सहयोग मिलेगा। यह कदम बोर्ड द्वारा लंबी अवधि की रणनीति के तहत उठाया गया है। गिल की कप्तानी क्षमता को लेकर पूर्व इंग्लैंड कप्तान जोस बटलर ने भी प्रतिक्रिया दी, जिनका मानना है कि गिल की कप्तानी शैली विराट कोहली की आग और रोहित शर्मा की शांति का मिश्रण प्रस्तुत करेगी, और वह अपने तरीके से टीम चलाएंगे।
इंग्लिश गेंदबाज़ों का गैर-मौजूद होना
पंत ने इंग्लैंड के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ों जेम्स एंडरसन और स्टीवर्ट ब्रॉड की अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे भारत के लिए “राहत” के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने इंग्लिश टीम के खिलाफ हल्के में नहीं लेने की चेतावनी भी दी:
“यह बहुत अच्छा लगता है, जब दोनों टीम में नहीं होते हैं। …लेकिन हम किसी को भी हल्के में नहीं लेना चाहेंगे। हमारी टीम भी युवा है… लेकिन हमें भी अपनी क्रिकेट खेलनी होगी।”
इस नए युवा और ऊर्जा-युक्त टीम के सामने इंग्लैंड की मौजूदा गेंदबाज़ी (क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग सहित) चुनौतीपूर्ण साबित होगी, खासकर जब पूरी टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चक्र में फॉर्म हासिल करना चाहेगी।
यह सीरीज क्यों अहम है?
- नए कप्तान‑उप-कप्तान युग की शुरुआत: गिल और पंत के नेतृत्व में यह पहला टेस्ट सीरीज है — विश्व रिकॉर्ड और परंपरा से भरे इंग्लैंड में पहला मौका दोनों के लिए एक बड़ा इतिहास रचने का।
- दबाव ज़बरदस्त: इंग्लिश परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों को डटी बैटिंग करना होगी। उनके विदेशी रिकॉर्ड सीमित हैं, और उन्हें विदेशी दबाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा।
- विराट और रोहित के बाद नई दिशा: कोहली और शर्मा दोनों के संन्यास के बाद यह टीम अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है — युवा खिलाड़ी और नए कप्तानी ढ़ांचे के साथ यह एक नई शुरुआत है।
आगामी रणनीति और प्रमुख बिंदु
- टीम गठन: चौथा, पांचवां पक्का है — तीसरे नंबर पर चयन बैठक होगी।
- तकनीकी और मानसिक तैयारी: खिलाड़ी अंग्रेजी परिस्थितियों में पांव जमाने की रणनीति के साथ मैदान पर उतरेंगे।
- लीडरशिप का निर्माण: मुख्य रूप से गिल की कप्तानी की विशेषताओं और पंत की अनुभव-आधारित भूमिका को लेकर तैयारियाँ की जा रही हैं।
निष्कर्ष
शुभमन गिल अब नंबर‑4 पर बल्लेबाजी करेंगे और वह एक नए काल की शुरुआत का शिखर होंगे — कप्तान के रूप में एक नई यात्रा और पंत के साथ जोड़ी निर्माण। ऋषभ पंत खुद को नंबर‑5 पर रखते हुए, अनुभव और आक्रामकता दोनों का मिश्रण टीम के लिए मूल्यवान योगदान देगा। इंग्लैंड की टीम परंपरागत दिग्गजों के बिना थोड़ी कमजोर दिखाई दे सकती है, लेकिन युवा भारत इसे अवसर के रूप में देखने के बजाय चुनौती मानते हुए मैदान पर उतरने की रणनीति बना रहा है।
अब 20 जून से हेडिंग्ले में पहले टेस्ट के साथ यह नया अध्याय शुरू होगा — जहां युवा जोश, नए नेतृत्व और युवा पिचों में भारत का सामना होगा!

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