सिग्निफाई ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल हर गांव रोशन के जरिए उत्तर प्रदेश में मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रयासों को दी मजबूती

18 जून 2026: 18 जून 2026: #BrighterLivesBetterWorld विजन के साथ आगे बढ़ते हुए, दुनिया की जानी-मानी लाइटिंग कंपनी सिग्निफाई ने ग्रामीण समुदायों को सुरक्षित, सशक्त और टिकाऊ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल सिग्निफाई हर गांव रोशन के तहत, उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क में आयोजित मानव-पशु संघर्ष: चुनौतियां और भविष्य की रणनीति कार्यक्रम में इस संकल्प को साझा किया।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण और जंतु उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और राज्य मंत्री श्री के. पी. मलिक मुख्य रूप से शामिल हुए। इनके अलावा, यूपी के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव (IAS) वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी समेत कई वरिष्ठ नीति-निर्माता, वन अधिकारी, थारू जनजाति के सदस्य और वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। इन सभी ने जंगलों के किनारे बसे समुदायों के सामने आने वाली उन चुनौतियों पर चर्चा की, जिनके चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है।

कार्यक्रम के दौरान सिग्निफाई हर गांव रोशन सीएसआर पहल से जुड़े ये प्रमुख अपडेट साझा किए गए:

  • तराई क्षेत्र में प्रभाव: 2019 से अब तक जंगलों के किनारे बसे 400 से ज्यादा गांवों तक सफलतापुर्वक लाभ पहुंचाया गया है।
  • व्यापक विस्तार: उत्तर प्रदेश के 400 गांवों (पीलीभीत, दुधवा, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य, नगीना, चित्रकूट और बहराइच के आसपास के इलाके) में 9,000 से अधिक एलईडी स्ट्रीटलाइट्स लगाई गई हैं।
  • भविष्य की योजनाएं: सिग्निफाई ने कतर्नियाघाट क्षेत्र के उन 67 गांवों में 1500 अतिरिक्त एलईडी स्ट्रीटलाइट्स लगाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पेश किया, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं।
  • कॉफी टेबल बुक लॉन्च: दुधवा नेशनल पार्क में हाल ही में हुए प्रोजेक्ट के असर को दर्शाती एक कॉफी टेबल बुक भी लॉन्च की गई। इसमें असली कहानियों के जरिए यह बताया गया है कि कैसे रोशनी पहुंचने से सार्वजनिक जगहें सुरक्षित हुई हैं और स्थानीय लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने जंगली इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को रेखांकित किया। उन्होंने इसके व्यावहारिक और स्थायी समाधान के लिए सरकारी विभागों, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, सीएसआर पहलों और स्थानीय समुदायों के मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सिग्निफाई हर गांव रोशन सीएसआर पहल के माध्यम से लोगों की सुरक्षा और ग्रामीण विकास में योगदान के लिए सिग्निफाई की तारीफ की और पूरे उत्तर प्रदेश में जंगलों के किनारे बसे समुदायों के लिए अपने सहयोग का दायरा बढ़ाने पर कंपनी को बधाई दी।

भारतकेयर्स के साथ साझेदारी में काम करते हुए, सिग्निफाई हर गांव रोशन के जरिए ग्रामीण समुदायों को इनोवेटिव लाइटिंग सॉल्यूशंस प्रदान कर रहा है। इससे न केवल सुरक्षा और लोगों का हौसला बढ़ रहा है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी अहम मदद मिल रही है।

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One thought on “सिग्निफाई ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल हर गांव रोशन के जरिए उत्तर प्रदेश में मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रयासों को दी मजबूती”

  • October 11, 2026 at 1:30 am
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