एआई जॉब पोस्टिंग्स में रिकॉर्ड वृद्धि हुई: इनडीड हायरिंग लैब

एआई की नौकरियाँ सितंबर में 11.7 प्रतिशत बढ़ीं, आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस की मांग में भारत ग्लोबल रैंकिंग में सिंगापुर के ठीक बाद है

बैंगलोर, 16 अक्टूबर, 2025: ग्लोबल मैचिंग एंड हायरिंग प्लेटफॉर्म, इनडीड के मुताबिक भारत में
आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस की मांग लगातार बढ़ रही है। सितंबर में भारत में 11.7 प्रतिशत नौकरियों के
विवरण में आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस का साफ उल्लेख था। यह तीन महीने पहले के मुकाबले 10.6 प्रतिशत तथा
एक साल पहले के मुकाबले 8.2 प्रतिशत अधिक है।

इनडीड के एशिया पैसिफिक सीनियर इकॉनॉमिस्ट, कैलम पिकरिंग ने कहा, ‘‘इनडीड जहाँ-जहाँ मौजूद है, उन
बाजारों के मुकाबले भारत की रैंकिंग काफी ऊँची है। भारत के अलावा केवल सिंगापुर में नौकरियों के विज्ञापनों में आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस का सबसे ज्यादा उल्लेख होता है। यह साफ है कि भारत में कई नियोक्ता आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस को अपना रहे हैं।’’


आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस के अवसर अधिकांशतः टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हैं, पर इनका तेजी से विस्तार हो रहा है।
डेटा एंड एनालिटिक्स में लगभग 39 प्रतिशत पदों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस की मांग होती है। इसके
बाद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के 23 प्रतिशत, इंश्योरेंस के 18 प्रतिशत तथा साइंटिफिक रिसर्च के 17 प्रतिशत
पदों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस का कौशल मांगा जाता है।
आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस में कौशल की मांग कई इंजीनियरिंग श्रेणियों में एक समान है। इंडस्ट्रियल
इंजीनियरिंग में 17 प्रतिशत, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 11 प्रतिशत और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 9.2
प्रतिशत पदों के लिए यह कौशल मांगा जाता है।

सितंबर में नियुक्ति की गतिविधियाँ नरम रहीं
सितंबर में भारत में इनडीड पर नौकरी के विज्ञापनों में 0.8 प्रतिशत की कमी आई। यह इस साल गिरावट का
छठवाँ महीना था। इस महीने नियुक्ति के विज्ञापन पिछले साल की तुलना में 16.2 प्रतिशत कम थे। भारत में
नौकरी के विज्ञापन महामारी से पहले के मुकाबले 69 प्रतिशत अधिक हैं, पर जनवरी, 2023 में शिखर पर
पहुँचने के बाद 22 प्रतिशत कम हो चुके हैं।

भारतीय कार्यबल हर माह धीरे-धीरे औपचारिक कार्य व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। जब देश में पूरी तरह से इस
व्यवस्था में परिवर्तन हो जाएगा, तब औपचारिक क्षेत्र में नौकरी का सृजन पूरे देश में रोजगार वृद्धि को पीछे
छोड़ देगा। भारत में नौकरी के विज्ञापन इनडीड की मौजूदगी वाले अन्य देशों की तुलना में, महामारी से बाद

हुई रोजगार वृद्धि और उसके बाद आई मंदी के दौरान मजबूत रहने का कारण यही परिवर्तन है।


भिन्न-भिन्न व्यवसायों के लिए पोस्टिंग के ट्रेंड हैं अलग-अलग
पिछले तीन महीनों में 90 प्रतिशत से अधिक व्यवसायों में नौकरियों के विज्ञापन कम हुए हैं। हालाँकि कुछ
व्यवसायों में इसके विपरीत परिणाम देखने को मिले हैं। सामुदायिक और सामाजिक सेवा तथा फार्मेसी में

नौकरी के विज्ञापन क्रमशः 10.4 प्रतिशत और 9.9 प्रतिशत बढ़े। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में भी नौकरी के

विज्ञापनों में 0.4 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई।
हालाँकि बैंकिंग और फाईनेंस में नौकरी के विज्ञापन 25.5 प्रतिशत कम हुए। शिक्षा एवं निर्देश में 22.2
प्रतिशत, सिक्योरिटी एवं पब्लिक सेफ्टी में 20.9 प्रतिशत तथा फिज़िशियन एवं सर्जन के लिए नौकरी के
विज्ञापनों में 20.9 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

उच्च मांग के बाद भी कौशल का अभाव बना रहा
नौकरी सृजन में मंदी बनी रही, लेकिन नौकरी के विज्ञापन महामारी से पहले के मुकाबले काफी ऊपर रहे।
भारत में औपचारिक क्षेत्र मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। भारत में चल रहे परिवर्तन में मदद करने के लिए इस क्षेत्र
में पर्याप्त नौकरियाँ हैं। जहाँ नियुक्तियों की प्राथमिकताएं एआई से तय हो रही हैं, वहीं विशेषज्ञ, उच्च कौशल
वाले प्रोफेशनल्स की मांग काफी अधिक बढ़ गई है। कई नियोक्ता ऐसे प्रत्याशियों की तलाश कर रहे हैं, जो
एआई टूल्स, जैसे डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन आदि में माहिर हों। मौजूदा कार्यबल में ये कौशल कम हैं।
भारत में ज्यादा बड़ी चुनौती यह है कि यहाँ पर नौकरी के इच्छुकों के पास जो कौशल हैं, और नियोक्ता जिन
कौशलों की मांग करते हैं, उसके बीच अक्सर असंतुलन होता है। भारत में कई कंपनियाँ टेक या मैनेजमेंट में उच्च
कौशल वाले लोगों को तलाश रही हैं, लेकिन फिर भी कौशल की कमी बनी हुई है, खासकर उच्च कौशल वाले
सेगमेंट में।

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2 thoughts on “एआई जॉब पोस्टिंग्स में रिकॉर्ड वृद्धि हुई: इनडीड हायरिंग लैब

  • February 10, 2026 at 8:44 pm
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